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लक्ष्मणझूला थाने में आधी रात को बवाल
Updated Fri, 16 Mar 2018 01:52 AM IST
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ब्यूरो/ऋषिकेश। परमार्थ प्राकृतिक चिकित्सा एवं योग केंद्र के कूटरचित दस्तावेज के मामले में बीते बुधवार को भगवान दास की गिरफ्तारी पर स्वर्गाश्रम में बवाल हो गया। गिरफ्तारी के विरोध में थाने पहुंचे भाजपा कार्यकर्ताओं ने जमकर हंगामा काटा, जिसके बाद थाना मुनिकीरेती और ऋषिकेश कोतवाली से अतिरिक्त पुलिस फोर्स को लक्ष्मणझूला थाने में बुलाना पड़ गया। हालांकि, इस दौरान पुलिस और भाजपाइयों में झड़प होते-होते टल गई।
लक्ष्मणझूला पुलिस के मुताबिक वर्ष 2017 में परमार्थ निकेेतन आश्रम के प्रबंधक राम अनंत तिवारी की तहरीर पर शरद चंद मिश्रा व अन्य के खिलाफ परमार्थ प्राकृतिक चिकित्सा एवं योग केंद्र के कूटरचित दस्तावेज तैयार करने के आरोप में धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया गया था, जिसमें बीते बुधवार को पुलिस ने अज्ञात आरोपी की पहचान करते हुए भगवान दास निवासी स्वर्गाश्रम को गिरफ्तार कर लिया।
भगवान दास की गिरफ्तारी की भनक लगते ही लोग विरोध में उतर आए। उन्होंने पुलिस पर भगवान दास को झूठा फंसाने का आरोप लगाते हुए थाने में पहुंचकर आधी रात को हंगामा काटना शुरू कर दिया। इस बीच उनकी थानाध्यक्ष प्रदीप राणा और एसआई विकास भारद्वाज के साथ तीखी नोकझोंक भी हुई। बवाल की स्थिति उत्पन्न होने पर लक्ष्मणझूला पुलिस ने मुनिकीरेती और ऋषिकेश कोतवाली से एहतियात के तौर पर अतिरिक्त फोर्स बुला ली। थाने में फोर्स के पहुंचते ही भाजपाई थाने के बाहर सड़क पर पहुंच गए। इस दौरान भी पुलिस और भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच टकराव होते-होते टला।
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एसओ और एसआई के निलंबन का प्रस्ताव पारित
लक्ष्मणझूला पुलिस की ओर से धोखाधड़ी के मामले में भगवान दास की गिरफ्तारी को लेकर बृहस्पतिवार को भाजपा कार्यकर्ताओं की बैठक हुई। गिरफ्तारी के विरोध में बृहस्पतिवार से शुरू होने वाले क्रमिक अनशन को शनिवार तक के लिए स्थगित करने का निर्णय लिया गया। बैठक में नगर पंचायत अध्यक्ष और अधिशासी अधिकारी को पत्र प्रेषित कर थानाध्यक्ष व एसआई के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित किया गया। प्रस्ताव को निलंबन की मांग करते हुए शासन को प्रेषित किया गया है, जिसमें मंडल अध्यक्ष भरत लाल ने थानाध्यक्ष प्रदीप राणा और एसआई विकास भारद्वाज पर नागरिकों से बदसलूकी करने व क्षेत्र में नशीले पदार्थों की बिक्री में संलिप्त होने का आरोप लगाया है।
क्या है पूरा मामला
लक्ष्मणझूला थाने में परमार्थ निकेतन आश्रम के प्रबंधक राम अनंत तिवारी ने 3 मई 2017 को परमार्थ प्राकृतिक चिकित्सा एवं योग केंद्र के कूटरचित दस्तावेज तैयार कर षड़यंत्र रचने का आरोप लगाते हुए तहरीर दी थी, जिसमें उन्होंने शरद चंद मिश्रा को नामजद किया था। जबकि मामले में अज्ञातों का जिक्र भी उन्होंने किया था। थाना पुलिस के मुताबिक शरद चंद मिश्रा और उसके बाद प्रेम शंकर मिश्रा को मामले में गिरफ्तार किया गया था। तफ्तीश में भगवान दास पुत्र प्रेम सिंह निवासी स्वर्गाश्रम का नाम प्रकाश में आया, जिसके बाद बुधवार को उसकी गिरफ्तारी की गई।
क्या कहते हैं अधिकारी
बुधवार रात को थाने में धोखाधड़ी के आरोपी को छुड़ाने के लिए आए लोग उसे छुड़ाने में विफल रहे। पुलिस पर लगाए जा रहे आरोप तथ्यहीन हैं और उन्हें पुलिस के किसी भी अधिकारी कड़े खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित करने का अधिकार नहीं है। आरोपी को न्यायालय में पेश किया जा चुका है, जिसे कोर्ट ने जेल भेज दिया है।
- प्रदीप कुमार राणा, थानाध्यक्ष लक्ष्मणझूला
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लक्ष्मणझूला पुलिस के मुताबिक वर्ष 2017 में परमार्थ निकेेतन आश्रम के प्रबंधक राम अनंत तिवारी की तहरीर पर शरद चंद मिश्रा व अन्य के खिलाफ परमार्थ प्राकृतिक चिकित्सा एवं योग केंद्र के कूटरचित दस्तावेज तैयार करने के आरोप में धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया गया था, जिसमें बीते बुधवार को पुलिस ने अज्ञात आरोपी की पहचान करते हुए भगवान दास निवासी स्वर्गाश्रम को गिरफ्तार कर लिया।
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भगवान दास की गिरफ्तारी की भनक लगते ही लोग विरोध में उतर आए। उन्होंने पुलिस पर भगवान दास को झूठा फंसाने का आरोप लगाते हुए थाने में पहुंचकर आधी रात को हंगामा काटना शुरू कर दिया। इस बीच उनकी थानाध्यक्ष प्रदीप राणा और एसआई विकास भारद्वाज के साथ तीखी नोकझोंक भी हुई। बवाल की स्थिति उत्पन्न होने पर लक्ष्मणझूला पुलिस ने मुनिकीरेती और ऋषिकेश कोतवाली से एहतियात के तौर पर अतिरिक्त फोर्स बुला ली। थाने में फोर्स के पहुंचते ही भाजपाई थाने के बाहर सड़क पर पहुंच गए। इस दौरान भी पुलिस और भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच टकराव होते-होते टला।
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एसओ और एसआई के निलंबन का प्रस्ताव पारित
लक्ष्मणझूला पुलिस की ओर से धोखाधड़ी के मामले में भगवान दास की गिरफ्तारी को लेकर बृहस्पतिवार को भाजपा कार्यकर्ताओं की बैठक हुई। गिरफ्तारी के विरोध में बृहस्पतिवार से शुरू होने वाले क्रमिक अनशन को शनिवार तक के लिए स्थगित करने का निर्णय लिया गया। बैठक में नगर पंचायत अध्यक्ष और अधिशासी अधिकारी को पत्र प्रेषित कर थानाध्यक्ष व एसआई के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित किया गया। प्रस्ताव को निलंबन की मांग करते हुए शासन को प्रेषित किया गया है, जिसमें मंडल अध्यक्ष भरत लाल ने थानाध्यक्ष प्रदीप राणा और एसआई विकास भारद्वाज पर नागरिकों से बदसलूकी करने व क्षेत्र में नशीले पदार्थों की बिक्री में संलिप्त होने का आरोप लगाया है।
क्या है पूरा मामला
लक्ष्मणझूला थाने में परमार्थ निकेतन आश्रम के प्रबंधक राम अनंत तिवारी ने 3 मई 2017 को परमार्थ प्राकृतिक चिकित्सा एवं योग केंद्र के कूटरचित दस्तावेज तैयार कर षड़यंत्र रचने का आरोप लगाते हुए तहरीर दी थी, जिसमें उन्होंने शरद चंद मिश्रा को नामजद किया था। जबकि मामले में अज्ञातों का जिक्र भी उन्होंने किया था। थाना पुलिस के मुताबिक शरद चंद मिश्रा और उसके बाद प्रेम शंकर मिश्रा को मामले में गिरफ्तार किया गया था। तफ्तीश में भगवान दास पुत्र प्रेम सिंह निवासी स्वर्गाश्रम का नाम प्रकाश में आया, जिसके बाद बुधवार को उसकी गिरफ्तारी की गई।
क्या कहते हैं अधिकारी
बुधवार रात को थाने में धोखाधड़ी के आरोपी को छुड़ाने के लिए आए लोग उसे छुड़ाने में विफल रहे। पुलिस पर लगाए जा रहे आरोप तथ्यहीन हैं और उन्हें पुलिस के किसी भी अधिकारी कड़े खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित करने का अधिकार नहीं है। आरोपी को न्यायालय में पेश किया जा चुका है, जिसे कोर्ट ने जेल भेज दिया है।
- प्रदीप कुमार राणा, थानाध्यक्ष लक्ष्मणझूला