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गनर को गोली मारकर करनी थी डेयरी स्वामी की हत्या
Updated Mon, 02 Oct 2017 11:03 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
हरिद्वार।
एसटीएफ के हत्थे चढ़े शूटरों ने डेयरी स्वामी की हत्या कर यह संदेश देना था कि पुलिस की सुरक्षा के बाद भी व्यापारी सुरक्षित नहीं है। वे जब तक रंगदारी देते रहेंगे तभी उनकी जान सुरक्षित रहेगी। ये कबूलनामा शूटरों का है, जो कुख्यात प्रवीण वाल्मीकि और सुशील चौधरी के इशारे पर डेयरी स्वामी के खून से हाथ रंगने का इरादा लेकर पहुंचे थे। पूछताछ में ये बातें सामने आने का दावा पुलिस अधिकारी कर रहे हैं।
चमोली जेल में बंद रुड़की निवासी प्रवीण वाल्मीकि ने डेयरी स्वामी से रंगदारी की डिमांड कर दी थी, लेकिन रंगदारी देने की बजाय डेयरी स्वामी ने पुलिस से सुरक्षा की गुहार लगाई थी। लिहाजा पुलिस के उच्चाधिकारियों ने उसे एक गनर उपलब्ध करा दिया था। एसटीएफ के सूत्रों के अनुसार प्रवीण वाल्मीकि ने सुशील चौधरी की मदद से डेयरी स्वामी के कत्ल की साजिश रची। शूटरों को ये भी कहा गया था कि गनर के भी पैर में गोली मारनी है और फिर डेयरी स्वामी का कत्ल करना है। पुलिस की मानें तो दुस्साहसिक वारदात को अंजाम देने के पीछे रुडकी के व्यापारी वर्ग को ये संदेश देना था कि वे पुलिस की सुरक्षा लेकर भी सुरक्षित नहीं हैं। शूटरों ने जब मुंह खोला तो एकबारगी एसटीएफ भी हक्की बक्की रह गई कि पुलिस को भी निशाना बनाने की पूरी प्लानिंग की गई थी, लेकिन एसटीएफ की सक्रियता से वे अपने मकसद में कामयाब नहीं हो पाए।
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सरदर्द बन सकता है त्रिगुट
कुख्यात प्रवीण वाल्मीकि, रूपेश त्यागी और सुशील चौधरी का त्रिगुट भविष्य में उत्तराखंड के लिए सरदर्द बन सकता है। प्रवीण आजकल चमोली और रूपेश त्यागी अल्मोडा जेल में बंद हैं जबकि पड़ोसी जिले सहारनपुर की जेल में सुशील चौधरी बंद है, जो देवबंद क्षेत्र के गांव मिरगपुर का रहने वाला है। ये कुख्यात सुनील राठी से ही जुड़े रहे हैं लेकिन रुडकी के डेयरी स्वामी की हत्या के लिए सुशील मिरगपुर ने शूटरों का इंतजाम किया था और रूपेश त्यागी ने असलहा उपलब्ध कराए थे।
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