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मोबाइल कॉल और लोकेशन में उलझी सौतेली मां
Updated Sat, 10 Feb 2018 02:04 AM IST
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मोबाइल कॉल और लोकेशन में फंसी मीनू
ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। बेटी का कत्ल करने वाली सौतेली मीनू कौर मोबाइल कॉल और लोकेशन में फंस गई। प्राप्ति की गुमशुदगी दर्ज कराने के दौरान मीनू ने बताया था कि सात फरवरी की सुबह साढ़े पांच बजे के करीब बेटी को आईएसबीटी से बस में बैठाया था। रास्ते में उसे दो बार कॉल भी की थी। पुलिस ने मीनू कौर और प्राप्ति सिंह के मोबाइल की कॉल डिटेल और लोकेशन पता की तो पूरी कहानी खुल गई। उस दिन सुबह दोनों के मोबाइल की लोकेशन आईएसबीटी की नहीं मिली। प्राप्ति के नंबर पर दो कॉल करने की बात भी साबित नहीं हुई। सात फरवरी के तीसरे पहर प्राप्ति के मोबाइल का लोकेशन अंसारी रोड पर घर के आसपास आती रही। इससे शक हुआ तो पुलिस ने उसके रिश्तेदारों से बात की गई। मां-बेटी के बीच कड़वाहट से यह शक और गहरा गया।
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कप्तान से मोबाइल की सीडीआर मांगने पहुंची थी मीनू
खुद को पाक साफ साबित करने को मीनू कौर ने खूब दिमाग लगाया था। प्राप्ति के लापता होने की सूचना देने के लिए वह थाने के बजाए एसएसपी निवेदिता कुकरेती के पास पहुंची थी। मीनू ने एसएसपी को बताया कि सात फरवरी की सुबह दो बार उसकी फोन पर बात हुई थी। उसके बाद फोन रिसीव नहीं हुआ। अनहोनी की आशंका जताते हुए प्राप्ति के मोबाइल की सीडीआर उपलब्ध कराने का अनुरोध किया। एसएसपी कुकरेती ने बताया कि वह प्राप्ति की बरामदगी की जिम्मेदारी पहले एसओजी को सौंपना चाहती थी। फिर उन्होंने पटेलनगर इंस्पेक्टर को ही प्राप्ति के लापता होने के मामले की जांच गहनता से करने को कहा था।
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एथलेटिक्स चैंपियन रही मीनू
देहरादून। पुलिस पूछताछ में पता चला है कि 1983 से 1985 तक आरोपी मीनू कौर गुजरात में एथलेटिक्स की चैंपियन रही है। रिले दौड़ और लंबी कूद में उसका बड़ा नाम रहा है। बचपन से खेल उसकी पहली पसंद रहा है।
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महिलाआें के अपराध से पहले भी दहला शहर
देहरादून। महिलाओं के अपराध से पहली बार नहीं दहला है। बेटी की हत्या करने वाली सौतेली मां मीनू कौर का मायका भी नेहरू कॉलोनी के दीपनगर में है। इससे पहले रायपुर में एक महिला ने प्रेमी के साथ मिलकर पति और ससुर की हत्या कर दी थी। यही नहीं अवैध संबंधाें के चलते प्रेमनगर में एक महिला ने परिवार के चार सदस्यों की हत्या करा दी थी। बाद में इनके शव उधमसिंह नगर से बरामद हुए थे। इस तरह सहसपुर और डोईवाला क्षेत्र में कई महिलाओं ने अपने हाथ खून से रंगे हैं।
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ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। बेटी का कत्ल करने वाली सौतेली मीनू कौर मोबाइल कॉल और लोकेशन में फंस गई। प्राप्ति की गुमशुदगी दर्ज कराने के दौरान मीनू ने बताया था कि सात फरवरी की सुबह साढ़े पांच बजे के करीब बेटी को आईएसबीटी से बस में बैठाया था। रास्ते में उसे दो बार कॉल भी की थी। पुलिस ने मीनू कौर और प्राप्ति सिंह के मोबाइल की कॉल डिटेल और लोकेशन पता की तो पूरी कहानी खुल गई। उस दिन सुबह दोनों के मोबाइल की लोकेशन आईएसबीटी की नहीं मिली। प्राप्ति के नंबर पर दो कॉल करने की बात भी साबित नहीं हुई। सात फरवरी के तीसरे पहर प्राप्ति के मोबाइल का लोकेशन अंसारी रोड पर घर के आसपास आती रही। इससे शक हुआ तो पुलिस ने उसके रिश्तेदारों से बात की गई। मां-बेटी के बीच कड़वाहट से यह शक और गहरा गया।
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कप्तान से मोबाइल की सीडीआर मांगने पहुंची थी मीनू
खुद को पाक साफ साबित करने को मीनू कौर ने खूब दिमाग लगाया था। प्राप्ति के लापता होने की सूचना देने के लिए वह थाने के बजाए एसएसपी निवेदिता कुकरेती के पास पहुंची थी। मीनू ने एसएसपी को बताया कि सात फरवरी की सुबह दो बार उसकी फोन पर बात हुई थी। उसके बाद फोन रिसीव नहीं हुआ। अनहोनी की आशंका जताते हुए प्राप्ति के मोबाइल की सीडीआर उपलब्ध कराने का अनुरोध किया। एसएसपी कुकरेती ने बताया कि वह प्राप्ति की बरामदगी की जिम्मेदारी पहले एसओजी को सौंपना चाहती थी। फिर उन्होंने पटेलनगर इंस्पेक्टर को ही प्राप्ति के लापता होने के मामले की जांच गहनता से करने को कहा था।
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एथलेटिक्स चैंपियन रही मीनू
देहरादून। पुलिस पूछताछ में पता चला है कि 1983 से 1985 तक आरोपी मीनू कौर गुजरात में एथलेटिक्स की चैंपियन रही है। रिले दौड़ और लंबी कूद में उसका बड़ा नाम रहा है। बचपन से खेल उसकी पहली पसंद रहा है।
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महिलाआें के अपराध से पहले भी दहला शहर
देहरादून। महिलाओं के अपराध से पहली बार नहीं दहला है। बेटी की हत्या करने वाली सौतेली मां मीनू कौर का मायका भी नेहरू कॉलोनी के दीपनगर में है। इससे पहले रायपुर में एक महिला ने प्रेमी के साथ मिलकर पति और ससुर की हत्या कर दी थी। यही नहीं अवैध संबंधाें के चलते प्रेमनगर में एक महिला ने परिवार के चार सदस्यों की हत्या करा दी थी। बाद में इनके शव उधमसिंह नगर से बरामद हुए थे। इस तरह सहसपुर और डोईवाला क्षेत्र में कई महिलाओं ने अपने हाथ खून से रंगे हैं।