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मुख्य गेट पर ताला जड़ छात्रों ने आठ घंटे किया प्रदर्शन

Tue, 21 Aug 2018 02:08 AM IST
Updated Tue, 21 Aug 2018 02:08 AM IST
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मुख्य गेट पर ताला जड़ छात्रों ने आठ घंटे किया प्रदर्शन
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
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मॉडल स्कूल फॉर विजुअली हैंडीकैप्ड (एमएसवीएच) में दृष्टिबाधित छात्राओं से छेड़छाड़ और शारीरिक शोषण मामले में सोमवार को छात्रों ने संस्थान के मुख्य गेट पर तालाबंदी कर प्रदर्शन किया। उन्होंने आरोपी शिक्षक के साथ ही निदेशक को भी बर्खास्त करने समेत 24 सूत्री मांग पत्र संस्थान प्रशासन को दिया। उधर, एमएसवीएच पहुंचीं बाल आयोग की अध्यक्ष ऊषा नेगी ने छात्राओं के बयान लिए और पुलिस ने भी चार छात्राओं के मजिस्ट्रेटी बयान दर्ज कराए।
छात्राओं से छेड़छाड़ के आरोपी अध्यापक के खिलाफ केस दर्ज होने के बाद भी संस्थान के भीतर छात्रों का गुस्सा शांत नहीं हुआ है। सोमवार सुबह करीब आठ बजे उन्होंने गार्ड से चाभी लेकर मुख्य गेट पर ताला जड़ दिया और प्रदर्शन करने लगे। वे आरोपी शिक्षक के साथ-साथ एनआईईपीवीडी की निदेशक को भी बर्खास्त करने की मांग कर रहे हैं। छात्रों का कहना है कि निदेशक का व्यवहार उनके प्रति कभी ठीक नहीं रहा है। बार-बार शिकायत करने के बावजूद उन्होंने कभी दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की। अब जब उन्होंने उग्र प्रदर्शन किया तब वह हरकत में आई हैं। छात्रों का कहना है कि उन्हें संस्थान की ओर से बनाई गई जांच समिति पर विश्वास नहीं है।
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वे केवल पुलिस और बाल आयोग पर विश्वास कर रहे हैं। उम्मीद है कि वे ही उन्हें न्याय दिला सकते हैं। इसके अलावा उन्होंने सोमवार को संस्थान प्रशासन को 24 सूत्री मांग पत्र सौंपा। इसमें व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने की मांग भी की गई है। शाम तक चले प्रदर्शन के दौरान कई बार संस्थान के अधिकारियों ने छात्रों से वार्ता करनी चाही, मगर छात्रों ने इनकार कर दिया। देर शाम संस्थान प्रशासन और छात्रों के बीच वार्ता हुई। इसमें छात्रों से प्रदर्शन नहीं करने का आग्रह किया गया, लेकिन इसके लिए छात्रों ने प्रशासन से समय मांगा है।
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ये हैं प्रमुख मांगें
1. रात को स्वास्थ्य सेवाएं नहीं मिलती हैं, इन सेवाओं को दिलाया जाए।
2. छात्रावास में छात्रों की सुरक्षा के लिए अतिरिक्त प्रबंध किए जाएं।
3. खेल का मैदान साफ होना चाहिए और इसमें सुविधाएं बढ़ाई जाएं।
4. महिला छात्रावास में पुरुषों का आना वर्जित किया जाए।
5. पॉकेट मनी के लिए एक तारीख निश्चित की जाए।
6. छात्र-छात्राओं को परिचय पत्र मुहैया कराए जाएं।
7. प्रयोगशालाओं में उपकरणों को बढ़ाया जाए ताकि छात्र ठीक से अध्ययन कर सकें।
8. कैंटीन में सामान सस्ते हों ताकि छात्रों की पॉकेट मनी से ज्यादा पैसा खर्च न हो।
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छात्र-छात्राओं की मांगें जायज हैं, इन पर संस्थान प्रबंधन को विचार करने के लिए कहा गया है। साथ ही संस्था में एक समन्वय समिति बनाने के निर्देश दिए गए हैं ताकि छात्रों और प्रबंधन के बीच आसानी से संवाद हो सके। एमएसवीएच में शौचालय और कैंटीन आदि का निरीक्षण कर व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए। साथ ही तत्काल छात्रों के परिचय पत्र बनाने के निर्देश दिए गए हैं। संस्थान में सीसीटीवी कैमरे लगाने को भी कहा गया है। छात्राओं के मजिस्ट्रेटी बयान हो गए हैं। आयोग अब ये देखेगा कि पुलिस जांच किस दिशा में आगे बढ़ रही है।
-ऊषा नेगी, अध्यक्ष, बाल आयोग
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