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बुआ के अंतिम संस्कार के लिए वाल्मीकि ने मांगा पैरोल
Updated Mon, 12 Nov 2018 12:13 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला, रुड़की
प्रवीण वाल्मीकि ने बुआ के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए गंगनहर कोतवाली पुलिस को पत्र भेजकर 24 घंटे का पैरोल मांगा है। पुलिस ने पैरोल के संबंध में डीएम को जानकारी दी, लेकिन देर शाम तक बदमाश का पैरोल मंजूर नहीं हो पाया।
प्रवीण वाल्मीकि वर्तमान में चमोली में बंद है। उस पर हत्या समेत चौथ मांगने के कई मामले चल रहे हैं। इस समय वह चमोली जेल में बंद है। पुलिस के अनुसार, प्रवीण वाल्मीकि को उसकी बुआ ने बचपन में गोद ले लिया था। इसके चलते वह अपनी बुआ को मां की तरह मानता था। शनिवार को प्रवीण वाल्मीकि की बुआ का देहांत हो गया था। इसकी सूचना चमोली जेल में बंद प्रवीण वाल्मीकि को दी गई थी। इस पर प्रवीण ने जेल के माध्यम से गंगनहर कोतवाली पुलिस को पत्र भेजकर बुआ के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए 24 घंटे का पैरोल मांगा था। प्रवीण वाल्मीकि के पैरोल मांगने की जानकारी मिलने पर पुलिस ने इस संबंध में जिलाधिकारी दीपक रावत को अवगत कराया, लेकिन उसका पैरोल मंजूर नहीं हो पाया। एसपी देहात मणिकांत मिश्रा ने बताया कि जिलाधिकारी की ओर से उसका पैरोल मंजूर नहीं हो पाया।
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प्रवीण वाल्मीकि ने बुआ के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए गंगनहर कोतवाली पुलिस को पत्र भेजकर 24 घंटे का पैरोल मांगा है। पुलिस ने पैरोल के संबंध में डीएम को जानकारी दी, लेकिन देर शाम तक बदमाश का पैरोल मंजूर नहीं हो पाया।
प्रवीण वाल्मीकि वर्तमान में चमोली में बंद है। उस पर हत्या समेत चौथ मांगने के कई मामले चल रहे हैं। इस समय वह चमोली जेल में बंद है। पुलिस के अनुसार, प्रवीण वाल्मीकि को उसकी बुआ ने बचपन में गोद ले लिया था। इसके चलते वह अपनी बुआ को मां की तरह मानता था। शनिवार को प्रवीण वाल्मीकि की बुआ का देहांत हो गया था। इसकी सूचना चमोली जेल में बंद प्रवीण वाल्मीकि को दी गई थी। इस पर प्रवीण ने जेल के माध्यम से गंगनहर कोतवाली पुलिस को पत्र भेजकर बुआ के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए 24 घंटे का पैरोल मांगा था। प्रवीण वाल्मीकि के पैरोल मांगने की जानकारी मिलने पर पुलिस ने इस संबंध में जिलाधिकारी दीपक रावत को अवगत कराया, लेकिन उसका पैरोल मंजूर नहीं हो पाया। एसपी देहात मणिकांत मिश्रा ने बताया कि जिलाधिकारी की ओर से उसका पैरोल मंजूर नहीं हो पाया।
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