आपदाः हिंदू रीति-रिवाज से कराएं शवों का अंतिम संस्कार
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नैनीताल हाईकोर्ट ने पिछले वर्ष केदारनाथ और अन्य क्षेत्रों में आई आपदा के मामले में दायर जनहित याचिका पर सुनवाई के बाद सरकार को आदेश दिया है कि वह 10 जुलाई तक याची की ओर से उठाए गए बिंदुओं पर जवाब दाखिल करें।
हाईकोर्ट ने कहा कि केदारघाटी में पड़े शवों की खोज की जाए तथा डीएनए सैंपल को सुरक्षित रखा जाएं। कोर्ट ने सरकार को यह भी आदेश दिया कि सभी शवों का अंतिम संस्कार हिंदू रीति-रिवाज के साथ सम्मानपूर्वक किया जाए तथा इन सभी की फोटोग्राफी कर उसे कोर्ट में पेश करे।
आपदा प्रबंधन सही न होने से हजारों जान गईं
न्यायमूर्ति आलोक सिंह एवं न्यायमूर्ति सर्वेश कुमार गुप्ता की संयुक्त खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई।
दिल्ली निवासी अजय गौतम ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर कहा था कि सरकार की ओर से पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए केदारनाथ यात्रा कराई गई।
किंतु आपदा प्रबंधन सही न होने के कारण हजारों लोगों की जान चली गई। याचिकाकर्ता का कहना था कि मृतकों का अंतिम संस्कार सही ढंग से नहीं हो रहा है, जिससे वातावरण दूषित हो रहा है। याची का यह भी कहना था कि केदारनाथ और अमरनाथ दोनों की ऊंचाई लगभग बराबर है।
अमरनाथ यात्रा जैसी केदारनाथ में व्यवस्था नहीं
अमरनाथ यात्रियों को कई नियमों की कसौटियों को पूरा करना पड़ता है। उनके स्वास्थ्य, आयु की जांच करने के बाद ही उनका रजिस्ट्रेशन होता है। साथ ही एक समय में कितने यात्री अमरनाथ जाएंगे यह संख्या भी निश्चित होती है। लेकिन संवेदनशील क्षेत्र होने के बावजूद केदारनाथ में ऐसी कोई व्यवस्था नहीं है। यहां पर कोई भी जा सकता है।
याची ने कहा कि केदारघाटी और अन्य तबाही के स्थानों पर शव पड़े हैं। उनका अंतिम संस्कार ससम्मान हिंदू रीति रिवाज के साथ होना चाहिए। शवों का डीएनए सैंपल लेकर सुरक्षित रख लिया जाए ताकि दावेदारों से मिलान कराके मृतक की सही शिनाख्त हो सके।
याचिका में कहा गया कि जंगलचट्टी, रामबाड़ा आदि में मलबे के नीचे लाशें सड़ रही हैं। बरसात का पानी मलबे से रिसकर नदियों में जा रहा और उस पानी को लोग पी रहे हैं। यह प्रदूषण की भयावह स्थिति है।
पक्षों को सुनने के बाद हाईकोर्ट की खंडपीठ ने सरकार को आदेश दिया है कि वह 10 जुलाई तक याचिकाकर्ता द्वारा उठाए गए बिंदुओं पर जवाब दाखिल करें। न्यायालय ने केदारघाटी में पड़े शवों को खोजने, उनके डीएन सैंपल सुरक्षित रखने तथा सभी का अंतिम संस्कार ससम्मान हिंदू रीति-रिवाज से करने और इन सभी की फोटोग्राफी कर कोर्ट में पेश करने के निर्देश दिए हैं।