गोवंश काटने से रोकने पर भाई को मारा, 10 साल जेल
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अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश मोहम्मद सुल्तान की अदालत ने फुफेरे भाई की हत्या के नौ साल पुराने मामले में आरोपी भाई को दस साल कठोर कारावास की सजा सुनाई है। आरोपी पर 20 हजार रुपये का आर्थिक दंड भी लगाया गया है। अर्थदंड अदा नहीं करने पर छह माह का अतिरिक्त कारावास भोगना होगा।
24 जून वर्ष 2006 को विकासनगर के सहसपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत खुशहालपुर निवासी दीना उर्फ शहजाद पुत्र इकराम ने अपने फुफेरे भाई इरशाद के पेट में छुरा घोंप दिया था। इससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया।
इलाज के दौरान अधिक रक्त स्राव के कारण उसकी मौत हो गई थी। इस पर मृतक इरशाद के भाई अकरम की तहरीर पर पुलिस ने आरोपी शहजाद के खिलाफ पहले हत्या के प्रयास और फिर हत्या का मुकदमा दर्ज किया था।
नौ साल पहले गोवंश काटने से रोकने पर हुई थी हत्या
सुनवाई के दौरान कोर्ट ने भी माना कि बिना किसी इरादे के आवेश में आकर शहजाद ने भाई पर छुरी से हमला किया। यही वजह रही कि कोर्ट ने हत्या की धाराओं को आपराधिक मानव हत्या की धारा में तरमीम कर दिया।
सुनवाई के दौरान कोर्ट में कुल 13 गवाह पेश हुए। कोर्ट मोहर्रिर सोनू राम और पैरोकार दिनेश प्रसाद पालीवाला ने समय पर गवाह और साक्ष्य कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत करने में अहम भूमिका निभाई।
जिला सहायक शासकीय अधिवक्ता नरेश बहुगुणा ने बताया कि इरशाद ने शहजाद को गोवंश काटने से रोका था। गुस्से में आकर शहजाद ने इरशाद के पेट में छुरा घोंप दिया और उसकी मौत हो गई थी।