उत्तराखंड में कोरोना: नौ नए संक्रमित मिले, सीएमओ ने दिए स्कूलों में कोविड प्रोटोकॉल का पालन कराने के निर्देश
कोरोना संक्रमित किसी मरीज की मौत का मामला सामने नहीं आने से स्वास्थ्य विभाग ने राहत की सांस ली है, लेकिन वहीं संक्रमण के मामलों में हो रही बढ़ोत्तरी चिंता बढ़ा रही है।
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प्रदेश में बीते 24 घंटे के भीतर नौ नए संक्रमित मामले मिले हैं, जबकि तीन मरीज ठीक हुए हैं। 58 सक्रिय मरीजों का इलाज चल रहा है। शनिवार को 1435 सैंपलों की जांच रिपोर्ट निगेटिव आई है। हरिद्वार जिले में पांच, देहरादून में दो, नैनीताल और टिहरी जिले में एक-एक संक्रमित मिला है। इस दौरान किसी भी कोरोना मरीज की मौत नहीं हुई है।
तीन संक्रमितों ने कोरोना को मात दी है। अब तक 88739 मरीज स्वस्थ हो चुके हैं। दूसरी ओर राजधानी के एक निजी स्कूल की छात्रा कोरोना संक्रमित मिली है। उसकी हालत सामान्य है। स्कूल प्रबंधन की सूचना पर शिक्षा विभाग ने स्कूल को दो दिन के लिए बंद करा दिया है। स्कूल को सैनिटाइज भी कराया गया है। वहीं, देश में पिछले कुछ दिनों से बढ़ रहे कोरोना के मरीजों में बच्चों की संख्या ज्यादा है।
ऐसे में छात्रा के संक्रमित होने से विभाग, स्कूल और अभिभावक सकते में हैं। मुख्य शिक्षा अधिकारी डॉ. मुकुल कुमार सती और जिला सर्विलांस अधिकारी डॉ. राजीव दीक्षित ने कहा कि सभी स्कूलों से कहा गया है कि बच्चों को मास्क, सोशल डिस्टेंस का पालन और हाथों को धुलने या सैनिटाइज करना सुनिश्चित कराएं। स्कूल प्रबंधन और अभिभावकों से अपील की है कि बच्चों में कोरोना के लक्षण दिखाई देने पर योग्य डॉक्टर से जांच कराएं।
स्कूलों को प्रोटोकॉल का पालन करने का निर्देश
सीएमओ डॉ मनोज उप्रेती ने सभी स्कूलों को मास्क पहनने, फिजिकल डिस्टेंसिंग और हाथ साफ करने के प्रोटोकॉल का पालन करने का निर्देश दिए। बताया कि बुखार, नाक बहना, गले में दर्द, शरीर में दर्द, सूखी खांसी, उल्टी आना, लूज मोशन (दस्त), पूरे शरीर या आंखों आदि दूसरे अंगों में सूजन आना, गर्दन में दर्द, रैशेज आना, आंखें लाल होना, थकान महसूस होना, होंठ फटना, हाथों-पैरों में सूजन आना और पेट दर्द आदि कोरोना के लक्षण हो सकते हैं। इनमें से कोई भी लक्षण है तो डॉक्टर को दिखाना चाहिए।
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बच्चों के स्वास्थ्य पर लगातार नजर रखनी चाहिए। अगर व्यवहार में बदलाव दिखे तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। बच्चों को गंदगी से दूर रखें और बार-बार हाथ धोने की आदत डलवाएं। पांच साल से ऊपर के बच्चों को मास्क के बारे में भी बताएं और भीड़भाड़ वाली जगहों पर ले जाने से बचें। अगर बच्चा कोरोना टीकाकरण के दायरे में आता है तो टीका जरूर लगवाएं।
-डॉ. अशोक कुमार, वरिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञ, राजकीय दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल