Uttarakhand Lockdown: हरिद्वार में आइसोलेशन वार्ड में भर्ती दो कोरोना संदिग्ध युवक फरार, मचा हड़कंप
- आइसोलेशन वार्ड में भर्ती दो लोग फरार, मचा हड़कंप
- ज्वालापुर पुलिस ने एक को दबोचा, दूसरे की तलाश में जुटे
विस्तार
हरिद्वार में गुरुकुल आयुर्वेदिक अस्पताल कैंपस में बने आइसोलेशन वार्ड से दो लोग फरार हो गए। दो लोगों के फरार होने से पुलिस में अफरा तफरी मच गई। बाद में ज्वालापुर पुलिस के हत्थे एक युवक तो चढ़ गया, लेकिन दूसरा फरार होने में कामयाब रहा। अब इस संबंध में दोनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की तैयारी की जा रही है।
गुरुकुल आयुर्वेदिक अस्पताल कैंपस को आइसोलेशन वार्ड में तब्दील किया हुआ है। मौजूदा वक्त में वार्ड में 68 व्यक्ति भर्ती हैं। इनमें जमात से लौटे लोग और उनके परिजन भी शामिल हैं। इनमें ज्वालापुर के मोहल्ला कैथवाड़ा का रहने वाला सावेज पुत्र गुल्जार और दानिश पुत्र अयूब निवासी गांव गाडोवाली पथरी भी शामिल हैं। यह दोनों भी जमात करके लौटे थे। सोमवार सुबह ये दोनों आइसोलेशन वार्ड के ग्रिल गेट में लगे ताले को तोड़कर फरार हो गए।
सुबह करीब साढ़े आठ बजे दोनों के फरार होने की सूचना जब पुलिसकर्मियों को लगी तो हड़कंप मच गया। इधर, फरार सावेज को ज्वालापुर में देखकर लोगों के होश उड़ गए। ज्वालापुर कोतवाली प्रभारी योगेश सिंह देव को जब सूचना मिली तब वह सक्रिय हो गए। पुलिस ने शंकर आश्रम तिराहे के पास सावेज की घेराबंदी कर ली। मौके पर तुरंत स्वास्थ्य विभाग की टीम को बुलाया गया।
होम क्वारंटीन का भी कर चुके उल्लंघन
कोतवाली प्रभारी की अगुवाई में सावेज को फिर से आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कराया गया। बता दें कि पूर्व में भी सावेज होम क्वारंटीन का उल्लंघन कर चुका है, उसके एवं उसकी मां के खिलाफ हत्या के प्रयास का मुकदमा ज्वालापुर कोतवाली में दर्ज हो चुका है।
तब सावेज के गिरफ्तार होने पर उसे कलियर में फेसिलिटी क्वारंटीन किया गया था, जहां से उसे गुरुकुल आयुर्वेदिक अस्पताल कैंपस में लाया गया था। हालांकि दूसरा फरार युवक दानिश पुलिस की गिरफ्त में नहीं आ सका है। सीओ सिटी अभय प्रताप सिंह का कहना है कि दोनों जमातियों के खिलाफ केस दर्ज किया जा रहा है।
दृश्य देखकर ठहर गए आमजन
सावेज को जब पुलिस ने शंकर आश्रम तिराहे के पास घेरा तो इस दृश्य को देखकर राहगीर ठहर गए। हर किसी की निगाह पुलिस की गतिविधि पर थी। फिर जब पीपीई किट पहनकर एक स्वास्थ्य कर्मी एंबुलेंस से उतरा तो आमजन की दिलचस्पी अधिक बढ़ गई। हर कोई यह जानना चाह रहा था कि मार्बल के बड़े पत्थरों के बीच छिपकर बैठे व्यक्ति को इस तरह क्यों घेरा हुआ है। जब उसे वहां से निकालकर एंबुलेंस में बैठाया तो मामला आमजन की समझ में आ गया।