Coronavirus in Uttarakhand: ठीक होकर लौटे कोरोना संक्रमित ट्रेनी आईएफएस शैलेंद्र, बताया कैसे कर सकते हैं बचाव
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उत्तराखंड में कोरोना वायरस संक्रमण के बीच राहत की खबर है। कोरोना संक्रमित इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वन अकादमी के ट्रेनी आईएफएस शैलेन्द्र सिंह ने कोरोना की जंग जीत ली है। लंबे समय से दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में भर्ती ट्रेनी आईएफएस शैलेंद्र सिंह को डिस्चार्ज कर दिया गया है।
12 मार्च को अकादमी में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने उनका सैंपल लिया था। सैंपल पॉजिटिव आने पर 15 मार्च को उन्हें राजकीय दून मेडिकल अस्पताल में भर्ती किया गया था। उनके कुल सात सैंपल लिए गए।
पहला, दूसरा और तीसरा सैंपल पॉजिटिव आया था। चौथा सैंपल नेगेटिव आने पर उनमें ठीक होने की थोड़ी उम्मीद जगी। इसके बाद पांचवां सैंपल पॉजिटिव आने पर एक बार वह मायूस हो गए थे। अब उनका छठा और सातवां सैंपल निगेटिव आने के बाद आज अस्पताल से छुट्टी मिल गई है।
उन्होंने अमर उजाला से फोन पर बात कर बताया कि उनका सैंपल पॉजिटिव आने पर वे घबरा गए थे। लेकिन अब वे बिल्कुल ठीक हैं। डॉक्टरों ने उन्हें अभी 14 दिन के होम क्वारंटीन में रहने की सलाह दी है। उन्होंने अस्पताल के डॉक्टर, नर्स, पैरामेडिकल स्टाफ अन्य कर्मचारियों का आभार जताया।
अच्छी इम्यूनिटी ही कर सकती है आपका बचाव
मूल रूप से आगरा उत्तर प्रदेश के रहने वाले ट्रेनी आइएफएस शैलेन्द्र सिंह ने बताया कि लोगों में कोरोना को लेकर बहुत डर है। मीडिया के माध्यमों से पता लग रहा है कि इससे बहुत जानें जा रही हैं।
उन्होंने कहा कि इससे घबराने की जरूरत नहीं है। लोगों में जागरुकता की कमी है। अगर आपको जरा भी खांसी, जुकाम है तो खुद को आइसोलेशन में रखें और अपनी इम्यूनिटी मजबूत करने का प्रयास करें। ऐसे में डॉक्टरों से परामर्श लेकर उनकी सलाह मानें।
यह स्टडी में भी पाया गया है कि जिन लोगों की इम्यूनिटी ठीक है उन पर वायरस कम असर करता है तो ऐसे में बचाव का बेहतर उपाय लॉकडाउन में रहकर अपनी इम्यूनिटी को मजबूत करना ही है।