Coronavirus: उत्तराखंड में टूटा रिकॉर्ड, एक ही दिन में आए 239 मामले, 4500 पार पहुंची संक्रमितों की संख्या
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
उत्तराखंड में कोरोना संक्रमण के मामलों ने आज रिकॉर्ड तोड़ दिया। आज प्रदेश में अब तक के सबसे ज्यादा 239 पॉजिटिव मामले आए हैं। वहीं, संक्रमितों का आंकड़ा 4500 पार पहुंच गया है। बता दें कि आज 35 मरीज ठीक होकर घर लौटे हैं। लेकिन अभी भी अभी भी 1311 एक्टिव केस हैं। अपर सचिव स्वास्थ्य युगल किशोर पंत ने इसकी पुष्टि की है।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी हेल्थ बुलेटिन के अनुसार, आज सबसे ज्यादा 150 मामले हरिद्वार में सामने आए हैं। वहीं, देहरादून में 58 ( 21 प्राइवेट लैब), अल्मोड़ा और चमोली में एक -एक, नैनीताल में सात, पौड़ी में चार, ऊधमसिंह नगर में 13(एक प्राइवेट लैब) और उत्तरकाशी में पांच मामले सामने आए हैं।
यह भी पढ़ें: Coronavirus: ठीक होने के बाद भी रहता है संक्रमण का खतरा, बचाव के लिए डॉक्टर की ये सलाह जरूर मानें...
बता दें कि अब तक प्रदेश में 3116 संक्रमित मरीज ठीक होकर घर लौट चुके हैं। जबकि अब तक 52 कोरोना संक्रमित मरीजों की मौत हो चुकी है। वहीं, प्रदेश में कोरोना मरीजों का रिकवरी रेट 69.1 फीसदी है और डबलिंग रेट 22.37 दिन है।
भाजपा नेता के परिवार में तीन सदस्य कोरोना पॉजिटिव
रामनगर में लगातार कोरोना के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। रविवार को एक हेयर ड्रेसर और एक भाजपा नेता के परिवार के तीन सदस्यों की रिपोर्ट भी कोरोना पॉजिटिव आई है। कोविड 19 के नोडल अफसर डॉ. प्रशांत कौशिक ने बताया कि शनिवार को पॉजिटिव मिले भाजपा नेता के पिता, पत्नी और बेटा भी रविवार को पॉजिटिव मिले हैं।
वहीं दिन भर शहर के सभी हेयर ड्रेसर की कोरोना जांच की गई, जिसमें एक हेयर ड्रेसर पॉजिटिव मिला है। ऐसे में अब तक दो दिन में आठ लोग कोरोना पॉजिटिव मिले हैं। इधर, कोतवाली के 12 पुलिस कर्मियों ने भी कोरोना टेस्ट करवाया, सभी की रिपोर्ट निगेटिव आई है।
संक्रमण रोकने को प्रदेश के 97 इलाके पाबंद
प्रदेश में कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए 97 इलाकों को पाबंद किया गया है। हरिद्वार जिले में सबसे अधिक 61 कंटेनमेंट जोन घोषित किए गए हैं। प्रदेश में रोजाना कोरोना संक्रमित मामले बढ़ रहे हैं। संक्रमण को रोकने के लिए चार जिलों में अब तक 97 कंटेनमेंट जोन घोषित किए हैं। ऊधमसिंह नगर जिले में तेजी से मामले बढ़ने के बाद 25 इलाकों को पाबंद किया गया है।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी रिपोर्ट के अनुसार, हरिद्वार जिले में कुल 61 कंटेनमेंट जोन बनाए गए। इनमें रुड़की में 31, भगवानपुर में 6, लक्सर में दो, हरिद्वार में 22 क्षेत्र में कंटेनमेंट जोन हैं। ऊधमसिंह नगर जिले में 25 कंटेनमेंट जोन हैं।
जिसमें खटीमा में 6, बाजपुर में 5, गदरपुर में दो, सितारगंज में एक, काशीपुर में तीन, रुद्रपुर में पांच, जसपुर में तीन इलाकों को पाबंद किया गया है। देहरादून जिले में सात कंटेनमेंट जोन है। इनमें चार विकासनगर क्षेत्र में हैं। उत्तरकाशी जिले में डुंडा और भटवाड़ी ब्लाक में चार कंटेनमेंट जोन हैं।
एक सप्ताह में 859 कोरोना संक्रमित मामले
उत्तराखंड में सैंपलिंग बढ़ने के साथ ही कोरोना संक्रमित मामलों का ग्राफ भी तेजी से आगे बढ़ा है। एक सप्ताह में प्रदेश में 859 कोरोना मामले सामने आए हैं। ठीक होने वाले मरीजों की संख्या 363 रही। इससे प्रदेश की रिकवरी दर में कमी आई है।
प्रदेश में कोरोना काल को 18 सप्ताह यानी 126 दिन हो गया है। 12 से 18 जुलाई तक 21590 सैंपलों की जांच की गई है। संक्रमण के लिहाज से यह सप्ताह सबसे खराब रहा। अब तक के बीते सप्ताह में सबसे अधिक कोरोना संक्रमित मामले 18 वें सप्ताह में मिले हैं।
इसमें ऊधमसिंह नगर, देहरादून में सबसे अधिक संक्रमित मिले हैं। कोरोना आंकड़ों का अध्ययन कर रहे सोशल डेवलपमेंट फॉर कम्युनिटी फाउंडेशन के संस्थापक अनूप नौटियाल का कहना है कि रिकवरी की तुलना में संक्रमित मामलों की संख्या 496 अधिक है। यह स्थिति चिंतित करने वाली है। पहली बार सक्रिय मामले 1108 हो चुके हैं।
सेना के 13 जवान, सीआईएसएफ के दो जवानों में भी कोरोना
देहरादून जिले में रविवार को कोरोना के 58 मामले सामने आए। इनमें सेना के 13 जवान और केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) के दो जवान भी शामिल हैं। वहीं, सेलाकुई की फैक्ट्री में काम करने वाले छह और कर्मचारियों की रिपोर्ट पॉजिटीव आई।
सीएमओ डा. बीसी रमोला ने बताया कि रविवार को सेना के 13 और सीआईएसएफ के दो जवानों में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई है। सेना के ये जवान कुछ दिन पहले अलग-अलग राज्यों से लौटे हैं। उन्हें क्वारंटीन किया गया था।
वहीं, एक निजी अस्पताल, एम्स ऋषिकेश की दो नर्स, दून अस्पताल का एक सफाई कर्मचारी, तेगबहादुर रोड का एक युवक, राजीवनगर व माजरा निवासी एक-एक व्यक्ति, दून अस्पताल में कोरोना संदिग्ध के तौर पर पहले से भर्ती सात मरीज, सेलाकुई की एक कंपनी के छह कर्मचारी, डोईवाला और गुज्जरावाला के दो लोगों की रिपोर्ट भी पॉजिटिव आई है।
दूसरे राज्यों से भी आ रहे संक्रमित
बड़ी संख्या में प्रवासियों के लौटने के बाद संक्रमण के मामलों में तेजी से इजाफा हुआ था। अब भी दूसरे राज्यों से संक्रमित पहुंच रहे हैं। आशा रोड़ी चेकपोस्ट समेत अन्य सीमाओं पर उनकी जांच कर सैंपल भी लिए जा रहे हैं। रविवार को भी जो कोरोना पॉजिटिव मिले हैं, वह बिहार, बंगाल, उत्तर प्रदेश और दिल्ली आदि जगह से लौटे हैं।
कपड़ा व्यापारी के करीबियों में भी आ रहा संक्रमण
मच्छी बाजार के कपड़ा व्यापारी के संपर्क में आए करीबियों में भी लगातार कोरोना संक्रमण आ रहा है। कपड़ा व्यापारी समेत उनके करीबी पांच लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव आ चुकी है। इनमें उनकी पत्नी और बेटा भी शामिल है। उनकी एक महिला कर्मचारी भी पहले ही संक्रमित आ चुकी है।
निजी अस्पताल की डॉक्टर के बाद अब नर्स भी संक्रमित
निजी अस्पताल की एक महिला एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉक्टर के कोरोना संक्रमण पाए जाने के बाद अब उसी अस्पताल की एक नर्स में भी कोरोना पॉजिटिव पाया गया। इससे पहले इस महिला डॉक्टर के बेटे को भी शनिवार को कोरोना संक्रमण की पुष्टि हो चुकी है। इन महिला डॉक्टर का अपना निजी क्लीनिक भी है और जिस अस्पताल की नर्स संक्रमित मिली है वहां पर यह डॉक्टर विजिट करती हैं।
बिना मास्क पर 2458चालान
केंद्र सरकार के साथ ही राज्य सरकार कोरोना के प्रति लोगों को लगातार जागरूक कर बिना मास्क सड़कों पर न घूमने की हिदायत दे रही है। पुलिस भी बिना मास्क वालों पर लगातार सख्ती दिखा रही है, लेकिन इसके बाद भी लोग कोरोना की गंभीरता को नहीं समझ पा रहे हैं और बिना मास्क के ही बेखौफ होकर सड़क पर घूम रहे हैं। ऐसे ही 2458 लोगों को पुलिस ने सबक सिखाकर उनका चालान कर दिया। साथ ही उन्हें दोबारा पकड़े जाने पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी।
प्रदेश भर में कोरोना के मरीज दिन प्रति दिन बढ़ते जा रहे है। संक्रमण को रोकने के लिए पूर्ण लॉकडाउन तक की घोषणा करनी पड़ रही है, लेकिन शहर में कुछ ऐसे लोग हैं, जिन्हें अपनी तो चिंता है नही दूसरों के लिए भी वह चिंता का विषय बनते जा रहे हैं। प्रधानमंत्री के साथ ही प्रदेश सरकार,पुलिस, सामाजिक संस्थाएं सभी कोरोना को लेकर लगातार लोगों को जागरूक कर रहे हैं, लेकिन इसके बाद भी लोग अपनी हरकतों से बाज नही है।
यहां तक कि पुलिस की सख्ती के बाद भी लोग बैखौफ होकर बिना मास्क के घूम रहे हैं। रविवार को पूर्ण लॉक डाउन के बाद भी दून के दो हजार से अधिक लोग ऐसें थे जो, बिना मास्क पहले सड़कों पर घूम रहे थे। जिसके खिलाफ पुलिस ने कार्रवाई करते हुए रविवार को दून में 2458 लोगों का चालन कर उनसे सौ रुपये के हिसाब से दो लाख से अधिक का जुर्माना वसूला।