Coronavirus: उत्तराखंड में एक और कोरोना संक्रमित मरीज की मौत, अब तक सात की जान चुकी जान
- किसी भी मरीज की मौत का कारण कोरोना नहीं,पहाड़ों पर संक्रमण की दर ज्यादा
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उत्तराखंड में एक और कोरोना संक्रमित मरीज की इलाज के दौरान मौत हो गई। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार संक्रमित मरीज की मौत कोरोना संक्रमण से नहीं हुई है। बल्कि कार्डियक रेसपाइरेटरी अरेस्ट (दिल की धड़कन का अचानक थम जाना) है। प्रदेश में अब तक सात कोरोना संक्रमित मरीजों की मौत हो चुकी है।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी हेल्थ बुलेटिन के अनुसार चंपावत जिले के लोहाघाट निवासी 44 वर्षीय व्यक्ति की ट्रेवल हिस्ट्री है। जो मुुंबई से आया था। कोरोना के संदिग्ध लक्षण दिखाई देने पर सैंपल जांच के लिए भेजा गया था। 24 मई को वह पॉजिटिव पाया गया था। संक्रमित मरीज को सुशीला तिवारी मेडिकल कॉलेज में भर्ती किया गया था। जहां उसकी मौत हो गई।
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अपर सचिव युगल किशोर पंत ने बताया कि चंपावत जिले के एक कोरोना संक्रमित मरीज की मौत हो गई है। डेथ रिपोर्ट के अनुसार मौत का कारण दिल की धड़कन कम होना और श्वसन तंत्र फेल होना रहा है। बता दें कि देहरादून, नैनीताल, पौड़ी और चंपावत जिले में अब तक सात संक्रमित मरीजों की मौत हो चुकी है। इसमें किसी भी मृतक की मौत का कारण कोरोना संक्रमण नहीं पाया गया है।
पहाड़ों पर संक्रमण की दर ज्यादा
प्रदेश में कोरोना संक्रमण का ग्राफ लगातार बढ़ रहा है। मैदानी क्षेत्रों की तुलना में पहाड़ों में संक्रमण की दर ज्यादा है। देहरादून, हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर में संक्रमण की दर 3.0 प्रतिशत से कम है। जबकि नौ पर्वतीय जिलों में संक्रमण दर 4.0 प्रतिशत से अधिक है।
प्रदेश में कोरोना संक्रमितों का आंकड़ा एक हजार के पार हो गया है। देहरादून और नैनीताल जिले में संक्रमित मरीजों की संख्या सबसे ज्यादा है। वहीं, सैंपलिंग के आधार पर देहरादून, हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर में संक्रमण की दर 3.0 प्रतिशत से कम है।
टिहरी, अल्मोड़ा, चंपावत, पौड़ी, पिथौरागढ़, चमोली में संक्रमण की दर 4.0 प्रतिशत से अधिक है। पर्वतीय जिलों में संक्रमण की दर बढ़ने की वजह यही है कि सैंपलों की जांच मैदानी जिलों की तुलना में कम है।
बाहरी राज्यों से लौटे लोगों से प्रदेश में संक्रमण का ग्राफ बढ़ा है। महाराष्ट्र और दिल्ली से आए लोग में संक्रमण मिलने से पहाड़ों में संक्रमितों की संख्या बढ़ी है। टिहरी जिले में संक्रमितों का आंकड़ा 88 पहुंच गया है। प्रदेश में रुद्रप्रयाग एक मात्र जिला है, जहां पर अभी संक्रमित मरीजों की संख्या छह है।