Uttarakhand: ऋषिकेश एम्स में सामने आया एक और कोरोना पॉजिटिव केस, प्रदेश में संक्रमितों की संख्या पहुंची 58
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उत्तराखंड में शुक्रवार को एक और कोरोना पॉजिटिव मामला सामने आया है। इसके साथ ही अब प्रदेश में कोरोना संक्रमितों की संख्या 58 हो गई है। देर रात स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी हुई रिपोर्ट में ऋषिकेश एम्स की एक इंटर्न में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई है। इसके साथ ही अब एम्स में संक्रमित मरीजों की संख्या पांच हो गई है। जिसमें से एक महिला मरीज की मौत शुक्रवार को ब्रेन हैमरेज के कारण हो चुकी है।
जानकारी के अनुसार, आज आई 409 कोरोना सैंपल की जांच रिपोर्ट से 408 रिपोर्ट निगेटिव आई हैं। वहीं, एक मरीज संक्रमित पाया गया है। एम्स प्रशासन की ओर से बताया गया कि 23 वर्षीय संक्रमित इंटर्न 16 अप्रैल से इमरजेंसी वार्ड में काम कर रही थी। बीते 28 दिनों से वह ऋषिकेश से बाहर नहीं गई थी। इंटर्न किसी दूसरे मरीज के संपर्क में आने से संक्रमित हुई है। 28 अप्रैल को इंटर्न में कोरोना के लक्षण पाए गए थे। जिसके बाद से ही वह होम क्वारंटीन थी। शुक्रवार को आई रिपोर्ट में इंटर्न कोरोना पॉजिटिव पाई गई है।
कोरोना संक्रमित महिला की ब्रेन हैमरेज से हुई मौत
अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान एम्स में भर्ती हल्द्वानी, नैनीताल निवासी 56 वर्षीय महिला की शुक्रवार तड़के ब्रेन हैमरेज के कारण मौत हो गई। हालांकि पांच दिन पहले कराई गई कोरोना वायसर जांच में महिला कोरोना पॉजिटिव पाई गई थी।
मगर एम्स प्रशासन ने ब्रेन स्ट्रोक की समस्या से गंभीर रूप ग्रसित महिला की मौत की वजह ब्रेन ब्लीड बताई है। इस दौरान महिला की मौत के बाद अस्पताल में हड़कंप मच गया। महिला की मौत को कोरोना की वजह से प्रदेश में पहली मौत की तरह प्रसारित किया जाने लगा। आखिरकार एम्स प्रशासन ने सामने आकर महिला की मौत का कारण स्पष्ट किया।
ऑरेंज जोन में शामिल हुआ देहरादून जिला
स्वास्थ्य मंत्रालय ने देहरादून जिले को रेड से ऑरेंज जोन में शामिल कर दिया है। इसके चलते लोगों को कुछ राहत मिलने की उम्मीद है। जिलाधिकारी डॉ. आशीष कुमार श्रीवास्तव का कहना है कि केंद्र सरकार की गाइडलाइन मिलने के बाद ही राहत दी जाएगी। फिलहाल लॉकडाउन के नियमों का पालन कराया जाएगा।
जिलाधिकारी ने कहा कि ऑरेंज जोन में आने के बाद चुनौतियां और भी ज्यादा बढ़ गई हैं। अब हमारा अगला लक्ष्य ग्रीन जोन में पहुंचना है। ऐसे में अगले 14 दिन हमारे लिए और भी ज्यादा महत्वपूर्ण हैं। लॉकडाउन के बीच प्रशासन की ओर से लोगों को जरूरी राहत दी गई है।
फैक्ट्री, किताबें व पंखे की दुकानें खुलने लगी हैं। वहीं, आवश्यक सेवाओं की दुकानें भी रोजाना सुबह सात से दोपहर एक बजे तक खुल रही हैं। उम्मीद है कि केंद्र सरकार की ओर से जारी होने वाली गाइडलाइन में लोगों को और ज्यादा राहत मिले। ऐसे में गाइडलाइन का इंतजार किया जा रहा है। उसके आने के बाद ही आगे का निर्णय लिया जाएगा।