उत्तराखंड: कोरोना संक्रमित मृतकों को अपने पैतृक स्थान ले जा सकेंगे परिजन, जिले के डीएम से लेनी होगी अनुमति
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कोरोना संक्रमित मृतकों को अब परिजन अंतिम संस्कार के लिए अपने पैतृक स्थान ले जा सकेंगे। यह बयान देहरादून के डीएम डॉ. आशीष कुमार श्रीवास्तव ने जिलाधिकारी कार्यालय में मीडिया से बातचीत में दिया।
उन्होंने कहा कि अभी तक कोरोना संक्रमित मृतक के शव को अंतिम संस्कार के लिए परिजनों को नहीं सौंपा जाता था। प्रशासनिक निगरानी में ही उनका अंतिम संस्कार किया जाता था। लेकिन अब लोग अपने जिला प्रशासन की अनुमति लेने के बाद शव को अपने पैतृक स्थान पर ले जा सकेंगे। इसके लिए कोविड सुरक्षा के नियमों का अनिवार्य रूप से पालन करना होगा।
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उन्होंने कहा कि रिसर्च संस्थानों और आवासीय विद्यालयों में बाहर से आने वालों को कोरोना निगेटिव रिपोर्ट साथ लाने के बाद ही प्रवेश दिया जाएगा। यहां आने के बाद जांच की व्यवस्था नहीं रहेगी। वहीं, उन्होंने लोगों से कोविड सुरक्षा के नियमों का पालन करने की अपील भी की।
टिहरी की एसएसपी तृप्ति भट्ट की कोरोना रिपोर्ट आई पॉजिटिव
उत्तराखंड में टिहरी जिले की एसएसपी तृप्ति भट्ट भी कोरोना संक्रमण की चपेट में आ गई हैं। टिहरी सीएमओ डॉ. सुमन आर्य ने एसएसपी के संक्रमित होने की पुष्टि की है। कोरोना पॉजिटिव होने के बाद एसएसपी भट्ट ने खुद को आइसोलेट कर लिया है।
कोरोना पॉजिटिव हुए डीएसपी अंकुश मिश्रा
एसटीएफ के सीओ अंशुल मिश्रा को वैक्सीन की दो दोज लगने के बाद भी कोरोना हो गया है। उत्तराखंड पुलिस का यह पहला मामला है जब वैक्सीन की दो डोज लगवा चुके पुलिस अधिकारी को कोरोना हुआ है। मिश्रा का कहना है कि उन्होंने खुद को आइसोलेट कर लिया है।
देहरादून में चार से 60 पहुंची भर्ती मरीजों की संख्या
देहरादून जिले में कोरोना मरीजों का आंकड़ा लगातार बढ़ रहा है। इससे शासन-प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की चिंताएं बढ़ गई हैं। हालत ये हैं कि जहां जनवरी अंत में कोविड-19 अस्पताल (दून अस्पताल) में कोरोना मरीजों की संख्या चार पहुंच चुकी थी, वहीं अब अस्पताल में कोरोना के 60 से अधिक मरीज भर्ती हैं।
कोविड अस्पताल के रूप में तब्दील किए गए दून अस्पताल में मरीजों की संख्या एक समय 350 से घटकर चार पहुंच चुकी थी। जनवरी के अंत में फिर से कोरोना के मरीज बढ़ने लगे हैं। बृहस्पतिवार तक दून अस्पताल में भर्ती कोरोना मरीजों की संख्या 60 थी।
दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल के प्राचार्य डॉ. आशुतोष सयाना ने बताया कि कोरोना को देखते हुए अस्पताल प्रशासन को अलर्ट कर दिया गया है। कोरोना सैंपल के जांच की संख्या बढ़ा दी गई है। बताया कि स्वास्थ्य कर्मचारियों और डाक्टरों के लिए अलग से व्यवस्था के लिए उच्चाधिकारियों को प्रस्ताव भेज दिया गया है।
दून अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक भी हुए कोरोना संक्रमित
राजकीय दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक एवं वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. केसी पंत भी कोरोना संक्रमित पाए गए हैं। इससे अस्पताल प्रशासन में हड़कंप मचा हुआ है। अस्पताल प्रशासन ने उनके संपर्क में आए सभी चिकित्सा अधिकारियों की जांच कराने का फैसला लिया है। डॉ. पंत कोरोना वैक्सीन की दो डोज लगवा चुके हैं।