उत्तराखंड: सभी विश्वविद्यालय और कॉलेज अगले आदेशों तक के लिए बंद, ऑनलाइन पढ़ाई रहेगी जारी
- बता दें कि एक मार्च में प्रदेश में सभी विश्वविद्यालयों को खोला गया था। लेकिन अब दोबारा से बढ़ते संक्रमण को देखते हुए शासन ने छात्र-छात्राओं को केवल ऑनलाइन पढ़ाई कराने के ही आदेश जारी किए हैं।
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उत्तराखंड के समस्त राजकीय एवं निजी विश्वविद्यालय अगले आदेश तक बंद रहेंगे। उच्च शिक्षा राज्यमंत्री डॉ.धन सिंह रावत के अनुमोदन के बाद शासन की ओर से इस संबंध में आदेश जारी कर दिया गया है। राज्यमंत्री ने कहा कि कोविड-19 से छात्र-छात्राओं, कर्मचारियों एवं आम जनमानस की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है।
प्रदेश में कोविड 19 की पहली लहर के बाद विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों को पठन पाठन के लिए एक मार्च 2021 से ऑफलाइन मोड में खोला गया था, लेकिन कोरोना के फिर से बढ़ते मामलों की वजह से विश्ववविद्यालयों एवं महाविद्यालयों को फिर से बंद करने का आदेश जारी कर दिया गया है।
उच्च शिक्षा राज्यमंत्री ने कहा कि इस दौरान ऑनलाइन पढ़ाई जारी रहेगी। इसके लिए समस्त राजकीय महाविद्यालयों में 4 जी की सुविधा उपलब्ध कराई जा चुकी है। उन्होंने कहा कि ऑनलाइन पढ़ाई की मॉनिटरिंग शासन और उच्च शिक्षा निदेशालय द्वारा की जाएगी। इसके साथ ही विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालयों के समस्त अधिकारियों एवं कर्मचारियों को अपने मुख्यालय पर बने रहने के निर्देश दिए गए हैं।
सीएम के निर्देश के दो सप्ताह बाद जागा उच्च शिक्षा विभाग
मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने प्रदेश में कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों को देखते हुए 19 अप्रैल को प्रदेश के समस्त शिक्षण संस्थान बंद रखने का निर्देश दिया था। इसके बाद अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी की ओर से इस संबंध में आदेश जारी किया था। इसके बावजूद उच्च शिक्षा में पर्वतीय क्षेत्रों के कई महाविद्यालय खुल रहे थे। सीएम के निर्देश के दो सप्ताह अब उच्च शिक्षा विभाग की ओर से अगले आदेश तक के लिए महाविद्यालय एवं विश्वविद्यालयों को बंद करने का आदेश जारी किया गया है।
दो लाख छात्र-छात्राएं हैं अध्ययनरत
प्रदेश में 105 सरकारी महाविद्यालय हैं। इसके अलावा 18 अशासकीय सहायता प्राप्त महाविद्यालय हैं। सभी महाविद्यालयों में करीब दो लाख छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं।
कुमाऊं विश्वविद्यालय का दीक्षांत समारोह टला
कुमाऊं विश्वविद्यालय का आठ मई को वर्चुअल रूप से होने वाला दीक्षांत समारोह कोरोना संक्रमण के कारण टल गया है। कुलाधिपति बेबी रानी मौर्य ने मौजूदा हालात को देखते हुए दीक्षांत समारोह को स्थगित करने को कहा है।
पहले यह समारोह भौतिक रूप से आयोजित होना था लेकिन बाद में कोरोना की स्थिति को देखते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन ने इसे वर्चुअल रूप में करने का निर्णय लिया गया। डीएसबी परिसर के निदेशक प्रोफेसर एलएम जोशी ने बताया कि भविष्य में भी यह समारोह वर्चुअल तरीके से ही होगा।
समय के हिसाब से तय हो ऑनलाइन क्लास की फीस
हरिद्वार महानगर व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष सुनील सेठी ने निजी स्कूलों पर ऑनलाइन क्लास के नाम पर मनमानी फीस वसूलने का आरोप लगाया है। उन्होंने शिक्षा मंत्री से मनमानी पर अंकुश लगाने के लिए ऑनलाइन क्लास के समय के अनुसार फीस तय करने की मांग की है।
स्कूल ड्रेस के लिए दवाब बना रहे स्कूल : लालचंद
देहरादून महानगर कांग्रेस अध्यक्ष लालचंद शर्मा ने कहा कि सरकार के आदेश के तहत प्रदेश के सभी शिक्षण संस्थान बंद हैं। इसके बावजूद निजी स्कूल अभिभावकों पर फीस और ड्रेस लाने का दबाव बना रहे हैं। सरकार के आदेश के बावजूद निजी स्कूल प्रशासन मनमानी पर उतारू हैं। उन्होंने कहा निजी स्कूलों की फीस लेने की प्रक्रिया को लेकर प्रदेश सरकार का पक्ष स्पष्ट नहीं है। सरकार कभी निजी स्कूलों को फीस लेने से इनकार करती है, कभी मौन स्वीकृति दे देती है। इसी बीच निजी स्कूलों ने अब वसूली करने का नया तरीका ईजाद किया है। उन्होंने नैतिकता के आधार पर निजी स्कूलों से लॉकडाउन की अवधि की फीस माफ करने की मांग की है।