उत्तराखंड में कोरोना: रिपोर्ट में देरी होने पर लक्षण वाले लोगों को दिया जाएगा दवाइयों का पैकेट
- स्वास्थ्य महानिदेशक ने आदेश जारी कर चिकित्सा अधिकारियों से कहा है कि वे कोविड के उपचार में काम आने वाली दवाओं का पैकेट बना लें और रिपोर्ट में देरी होने पर लक्षण वाले रोगियों को यह पैकेट उपलब्ध कराएं।
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उत्तराखंड में कोरोना के बढ़ते हुए मामलों को देखते हुए शासन ने रविवार को कई कदम उठाए। स्वास्थ्य महानिदेशक ने आदेश जारी कर चिकित्सा अधिकारियों से कहा है कि वे कोविड के उपचार में काम आने वाली दवाओं का पैकेट बना लें और रिपोर्ट में देरी होने पर लक्षण वाले रोगियों को यह पैकेट उपलब्ध कराएं। इसके साथ ही ऑक्सीजन सप्लाई पर्याप्त रखने, जन संपर्क अधिकारियों की तैनाती करने का आदेश भी दिया गया है।
आदेश में कहा गया है कि निजी और सरकारी कोविड अस्पतालों, संस्थाओं में आक्सीजन की सप्लाई पर्याप्त हो। जिलाधिकारी नोडल अधिकारी तैनात करें और ये नोडल अधिकारी आक्सीजन सप्लाई पर नजर रखें। कोविड अस्पतालों में दवाई, स्टाफ, उपकरण, एंबुलेंस आदि की पर्याप्त व्यवस्था की जाए और सभी में सीसीटीवी कैमरे लगे हों। निजी और सरकारी संस्थानों के लिए नोडल अधिकारी तैनात किए जाए।
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पैकेट में ये होंगी दवाएं
समय से रिपोर्ट न आने पर लक्षण वाले लोगों को अब स्वास्थ्य विभाग दवाओं का पैकेट भी उपलब्ध कराएगा। पैकेट में आइवरमेक्टिन (तीन दिन के लिए), एजिथ्रोमाइसिन (तीन दिन के लिए), डाक्सी (दस दिन के लिए), क्रोसिन 650, लिमसी 500, जिंकोंला 50 और क्लेकिरोल सेचेट दवा रहेगी।
सक्रिय मामलों में एक दिन में एक कॉल जरूरी
शासन ने जिलाधिकारियों और जिला चिकित्साधिकारियों से कहा है कि कोविड-19 के सक्रिय मामलों में कम से कम एक कॉल रोज की जाए। अभी तक होम आइसोलेशन वालों की शिकायत है कि उनकी सुध नहीं ली जा रही है।
वहीं, कहा गया है कि कंट्रोल रूम में एक वरिष्ठ अधिकारी की तैनाती जरूर की जाए। कंट्रोल रूम में कोविड केे सक्रिय रोगियों की संख्या, नोडल अधिकारियों की सूची, शैय्या की स्थिति, एंबुलेंस के नंबर आदि को डिस्प्ले करने को भी कहा है। निर्देश दिए गए कि होम आइसोलेशन वालों को ई-संजीवनी प्लेटफार्म से जोड़ा जाए। शासन ने स्पष्ट कर दिया है कि हर पॉजिटिव रोगी को परिणाम आने के चार घंटे के अंदर मेडिकल किट देनी होगी।
कोविड के बढ़ते मामलों को देखते हुए शासन ने माना है कि अस्पतालों में और जन संपर्क अधिकारियों की नियुक्ति होनी चाहिए। इन जनसंपर्क अधिकारियों को कई महत्वपूर्ण काम सौंपे गए हैं। इनसे कहा गया है कि वे अस्पतालों में रोगियों को जानकारी देंगे। जिला प्रशासन और कंट्रोल रूम के साथ समन्वय बनाकर रखेंगे।