Corona In Uttarakhand: 455 नए संक्रमित मिले, नौ की मौत, सक्रिय मरीजों की संख्या पांच हजार पार
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उत्तराखंड में कोरोना संक्रमित मामले और मरीजों की मौत थम नहीं रही है। बीते 24 घंटे में 455 नए संक्रमित मिले और नौ मरीजों की मौत हुई है। ठीक होने वालों की तुलना में संक्रमित मामले ज्यादा मिलने से सक्रिय मरीजों का आंकड़ा पांच हजार पार हो गया है। कुल संक्रमितों की संख्या 74795 हो गई है।
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार सोमवार को 12510 सैंपलों की जांच रिपोर्ट निगेटिव आई है। वहीं, 455 लोग कोरोना पॉजिटिव मिले हैं। देहरादून जिले में सबसे अधिक 185 कोरोना मरीज मिले हैं। नैनीताल में 57, पिथौरागढ़ में 49, ऊधमसिंह नगर में 24, अल्मोड़ा में 24, हरिद्वार में 23, पौड़ी में 19, चमोली में 17, टिहरी में 14, बागेश्वर में 13, चंपावत में 11, उत्तरकाशी में 11, रुद्रप्रयाग जिले में आठ संक्रमित मिले हैं।
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प्रदेश में आज नौ मरीजों की मौत हुई है। इसमें महंत इन्दिरेश हॉस्पिटल में चार, एम्स ऋषिकेश में एक, जिला अस्पताल चमोली में एक, जिला अस्पताल टिहरी में एक, मैक्स हॉस्पिटल में एक, नीलकंठ हॉस्पिटल नैनीताल में एक मरीज ने उपचार के दौरान दम तोड़ा है। प्रदेश में अब तक 1231 कोरोना मरीजों की मौत हो चुकी है। वहीं, 352 मरीजों को ठीक होने के बाद घर भेजा गया। इन्हें मिला कर 67827 मरीज स्वस्थ हो चुके हैं।
जांच कराने से खड़े किए हाथ, निकले संक्रमित
कोरोना के बढ़ते प्रभाव का असर देहरादून शहर में भी साफ देखने को मिल रहा है। सोमवार को विभिन्न केंद्रों में हुई कोरोना जांच में नौ पॉजिटिव मामले सामने आए हैं। इनमें संक्रमितों में कई ऐसे भी हैं जो जांच कराने को तैयार नहीं थे।
तीलू रौतेली छात्रावास, आशारोड़ी चेकपोस्ट, निरंजनपुर सब्जी मंडी, तिब्बती कॉलोनी में रैपिड एंटीजन व आरटीपीसीआर टेस्ट किए गए। इनमें आशारोड़ी चेकपोस्ट में कुल 124 एंटीजन टेस्ट लिए गए, जिनमें दो संक्रमित मिले। तीलू रौतेली छात्रावास में 13 आरटीपीसीआर व नौ एंटीजन टेस्ट हुए, इनमें पांच केस संक्रमित पाए गए।
तिब्बती कॉलोनी में 10 आरटीपीसीआर व छह रैपिड एंटीजन टेस्ट हुए, जिनमें दो संक्रमित पाए गए। निरंजनपुर सब्जी मंडी 51 आरटीपीसीआर टेस्ट हुए। कोई पॉजिटिव केस नहीं मिला। वहीं, जैसे-जैसे जांच में गति आ रही है कोरोना के मामलों में भी बढ़ोतरी देखने को मिली है।
संक्रमित निकले तो उड़े होश
आशारोड़ी चेकपोस्ट पर दिल्ली व अन्य संवेदनशील शहरों से प्रवासी पहुंचते रहे। इनमें कई लोगों से स्वास्थ्य विभाग की टीम ने कोविड जांच कराने को कहा तो लोग बहस करते नजर आए। उनका कहना था कि वे सामान्य हैं, उन्हें कोई लक्षण नहीं है।
लेकिन, जब अधिकारियों के दबाव में जांच कराई तो इनमें एक युवा की रिपोर्ट पॉजिटिव निकली। सैंपलिंग प्रभारी डॉ. महेंद्र सिंह रावत ने कहा कि कई लोग गाइडलाइन का गंभीरता से पालन नहीं कर रहे हैं, उन्हें ही संक्रमण हो रहा है। उनकी लापरवाही के कारण दूसरे लोगों में भी संक्रमण फैल सकता है।
कोरोना की नई लहर से निपटने के लिए व्यूह रचना में जुटा प्रशासन
कोरोना की नई लहर से निपटने और उसकी रोकथाम के लिए जिला प्रशासन नए तरीके से व्यूह रचना करने में जुट गया है। इसके तहत राज्य सरकार की ओर से जारी नई एसओपी के नियमों को ध्यान में रखते हुए अब शासन नियम तोड़ने वालों के खिलाफ सख्त रवैया अपनाने के मूड में नजर आ रहा है।
जिलाधिकारी डॉ. आशीष कुमार श्रीवास्तव ने कोविड-19 संक्रमण की रोकथाम व बचाव के लिए प्रभावी सर्विलांस के साथ ही निरंतर जागरूकता कार्यक्रम किए जाने के निर्देश समस्त उप जिलाधिकारियों को दिए। उन्होंने कहा कि सर्विलांस कार्य की नियमित समीक्षा करने के साथ ही जिन व्यक्तियों के कोविड-19 संक्रमण के दृष्टिगत सैंपल लिए जा रहे हैं, उनके स्वास्थ्य की स्थिति व आवागमन की गतिविधि की भी निगरानी की जाए।
उन्होंने समस्त उप जिलाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रांतर्गत स्थित विभिन्न स्टेक होल्डर्स, होटल, रेस्टोरेंट संचालकों, व्यापारियों के साथ निरंतर संवाद बनाते हुए उनके यहां कार्यरत कार्मिकों और आने वाले लोगों को मास्क का उपयोग व सामाजिक दूरी का पालन करवाने के लिए व्यापारियों का सहयोग लिया जाए।
उन्होंने अन्य राज्यों से आने वाले व्यक्तियों की जनपद की सीमाओं पर स्थित चेक पोस्ट में बनाए गए सैंपल प्वाइंट पर थर्मल स्क्रीनिंग व सैंपलिंग के साथ ही सभी का पूरा पता, यात्रा विवरण व स्पष्ट मोबाइल नंबर दर्ज करने के निर्देश दिए। जनपद में सोमवार को सार्वजनिक स्थानों पर मास्क का उपयोग न करने पर 196 लोगों के चालान किए गए।