Coronavirus in Uttarakhand : सुशीला तिवारी अस्पताल से भागे कोरोना संक्रमित तीन बंदी
सुशीला तिवारी अस्पताल से बुधवार की शाम बाथरूम की खिड़की तोड़कर कोरोना पॉजिटिव तीन बंदी भाग गए। ढाई घंटे की मशक्कत के बाद कोतवाली पुलिस ने तीनों को अस्पताल के पिछवाड़े से पकड़ लिया।
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पुलिस के अनुसार नैनीताल जिला जेल के तीन बंदी रुद्रपुर के ट्रांजिट कैंप निवासी ध्रुव विश्वास, अल्मोड़ा जिले के कर्बला निवासी राजेंद्र सिंह बोरा, बैलपड़ाव निवासी मनकीत सिंह जांच के दौरान कोरोना पॉजिटिव पाए गए थे। तीनों को इलाज के लिए सुशीला तिवारी अस्पताल के मानसिक वार्ड में भर्ती किया गया।
बुधवार की शाम करीब पांच बजे तीनों बाथरूम की खिड़की तोड़कर फरार हो गए। बेड से तीन मरीजों के गायब मिलने पर अस्पाताल प्रशासन सकते में आ गया। एमएस डॉ. अरुण जोशी ने घटना की जानकारी तत्काल पुलिस को दी। एसएसपी सुनील कुमार मीणा के निर्देश पर पुलिस ने अपने अपने थाना क्षेत्रों की नाकेबंदी कर तलाशी अभियान शुरू कर दिया।
कोतवाल संजय कुमार ने एसटीएच के पीछे सर्च अभियान चलाया गया तो तीनों झाड़ियों में छिपकर बैठे थे। मेडिकल चौकी प्रभारी मनवर सिंह की टीम ने तीनों को घेरकर पकड़ लिया। तीनों ने बताया कि वे अस्पताल में घबरा गए थे। सिटी मजिस्ट्रेट प्रत्युष सिंह, एसपी सिटी अमित श्रीवास्तव, सीओ शांतनु पाराशर ने अस्पताल पहुंचकर डाक्टरों और कर्मचारियों से पूछताछ की।
चोरी, नशा तस्करी, असलहे में पकड़े गए थे तीनों
तीनों अभियुक्तों के भागने पर बार्डर सील कर पुलिस ने चेकिंग की लेकिन अस्पताल के पास ही अभियुक्त पकड़े गए। इस मामले में मुकदमा दर्ज कर तीनों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।
-अमित श्रीवास्तव, एसपी सिटी हल्द्वानी
मरीजों के भागने की घटनाएं
= 26 मार्च : कोरोना संदिग्ध नेपाली नागरिक भागा।
= 08 अप्रैल को कोरोना संदिग्ध भागकर अपने घर भवाली पहुंचा।
= 26 अप्रैल को तस्करी का आरोपी रस्सी काटकर फरार हुआ।
= 08 मई को जांच को आया कोरोना संदिग्ध लापता हुआ।
= 04 जुलाई को हत्या का ओरोपी पुलिस को चकमा देकर फरार हुआ।
= 29 जुलाई को कोविड पॉजिटिव रोगी भागने की कोशिश में पकड़ा गया।
= 05 अगस्त को रामनगर का कोरोना पॉजिटिव मरीज अस्पताल से भागा।
= 06 अगस्त को एसटीएच से महिला कोरोना मरीज लापता हुई।
= 12 अगस्त को कोरोना पॉजिटिव तीन मरीज (कैदी) शौचालय के पास की खिड़की तोड़कर भागे।
क्यों नहीं लग पाए सीसीटीवी
सुशीला तिवारी अस्पताल में कोविड वार्ड से लेकर अन्य स्थानों पर सीसीटीवी लगाए जाने हैं। 48 कैमरे लगवाने के लिए एसटीएच के नोडल अधिकारी और केएमवीएन के एमडी रोहित मीणा ने दिए थे। एक सप्ताह से अधिक का समय हो चुका है मगर अभी तक सीसीटीवी कैमरे नहीं लग सके हैं।
गार्ड की सतर्कता से दबोचे गए
साइकेट्री वार्ड के शौचालय के पास बनी खिड़की को तोड़कर तीन मरीजों ने भागने का प्रयास किया। गार्ड की सावधानी और सतर्कता के कारण तीनों धर दबोचे गए। साइकेट्री और स्किन वार्ड ग्राउंड फ्लोर पर बना है। इन वार्डों में नौ कोविड पॉजिटिव कैदी भर्ती हैं।
एसटीएच के एमएस डॉ. अरुण जोशी ने बताया कि शाम लगभग छह बजे शौचालय के पास बनी खिड़की इन मरीजों ने तोड़ दी। सीसीटीवी की मानीटरिंग कर रहे गार्ड ने मरीजों को भागते हुए देख लिया और अस्पताल में अन्य गार्डों को अलर्ट करने के साथ ही गेट बंद करा दिए। साथ ही पुलिस के अलावा अस्पताल प्रबंधन को सूचना दी।
बताया कि सभी कैदियों को अब एच वार्ड में शिफ्ट किया जा रहा है। इनमें कुछ मरीजों के 14 और कुछ के 16 दिन पूरे हो गए हैं और दो से तीन दिन के भीतर डिस्चार्ज किया जाएगा।