Coronavirus in Uttarakhand : उत्तराखंड में बुधवार को मिले 439 नए संक्रमित, कुल संख्या हुई इतनी
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उत्तराखंड में बुधवार को 439 नए संक्रमित मामले सामने आए हैं। जिसके बाद राज्य में कुल संक्रमित मरीजों की संख्या 10887 हो गई है। बुधवार को 217 लोग ठीक हुए हैं। राज्य में सक्रिय मामलों की संख्या 4020 है।
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स्वास्थ्य विभाग के हेल्थ बुलेटिन के अनुसार बुधवार को आई जांच रिपोर्ट में 6227 सैंपल नेगेटिव पाए गए। वहीं, 439 कोरोना संक्रमित मरीज मिले है। हरिद्वार में सबसे अधिक 139 संक्रमित मरीज पाए गए। ऊधमसिंह नगर जिले में 119, देहरादून में 82, नैनीताल में 28 कोरोना संक्रमित मरीज मिले हैं।
चमोली में 21, टिहरी में 17, चंपावत में 12, अल्मोड़ा, बागेश्वर, टिहरी में तीन-तीन संक्रमित, पिथौरागढ़ में सात, पौड़ी में पांच संक्रमित मिले हैं। इनमें अधिक संक्रमित मरीज संपर्क में आने और बिना ट्रेवल हिस्ट्री वाले हैं।
वहीं, एम्स ऋषिकेश में चार कोरोना संक्रमित मरीजों की मौत हुई है। इसमें तीन पुरुष और एक महिला मरीज शामिल हैं। प्रदेश में अब तक 140 कोरोना संक्रमित मरीजों की मौत हो चुकी है।
प्रदेश में आज मिले संक्रमित मामले
ऊधमसिंह नगर - 119
देहरादून - 82
नैनीताल - 28
चमोली - 21
टिहरी - 17
चंपावत - 12
पिथौरागढ़ - 07
पौड़ी - 05
रुद्रप्रयाग - 03
बागेश्वर - 03
अल्मोड़ा - 03
भूतपूर्व सैनिक समेत दो मिले कोरोना पॉजिटिव
रुद्रप्रयाग जिले में बुधवार को कोरोना के दो नए मामले सामने आए। तल्लानागपुर पट्टी के क्वीली गांव में एक पूर्व सैनिक के कोरोना संक्रमित मिलने से ग्रामीणों में हड़कंप मच गया है। प्रशासन ने गांव के एक निश्चित क्षेत्र को कंटेनमेंट जोन बना दिया है। इस दायरे में रहने वाले ग्रामीणों को सैंपल लेने व जांच रिपोर्ट आने तक गांव में ही रहने के आदेश दिए गए हैं।
क्वीली गांव के भूतपूर्व सैनिक कुछ दिन पूर्व रुद्रप्रयाग आर्मी कैंटीन में सामान लेने आए थे और यहां कोरोना संक्रमित के संपर्क में आ गए। भूतपूर्व सैनिक के संक्रमित होने के बाद से ग्रामीणों में भी भय बना हुआ है। जबकि दूसरा संक्रमित दिल्ली से आया हुआ है, जो क्वारंटीन था।
एडीएम रामजी शरण शर्मा ने बताया कि भूतपूर्व सैनिक के संपर्क में आए लोगों को ढूंढा जा रहा है। सीएमओ डा. बीपी शुक्ला ने बताया कि बृहस्पतिवार को गांव के लोगों के सैंपल लेकर कोरोना जांच के लिए भेजे जाएंगे।
कोरोना संक्रमित नगर संघ संचालक का निधन
हरिद्वार में कोरोना से पीड़ित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के नगर संचालक नरेंद्र पाल का बुधवार सुबह ऋषिकेश एम्स अस्पताल में निधन हो गया। 76 वर्षीय नरेंद्र पाल सिंह कोरोना संक्रमण के चलते एम्स में भर्ती थे। बुधवार सुबह ह्दय गति रुकने से उनका निधन हो गया।
नरेंद्र पाल के आकस्मिक निधन की सूचना पर संघ परिवार में शोक की लहर दौड़ गई। वह बीएचईएल में सेवा के दौरान भारतीय मजदूर संघ में सक्रिय रहे। सेवानिवृत्त होने के बाद वह सेवा भारती के जिला प्रमुख और प्रांतीय सदस्य रहे।
सरस्वती शिशु विद्या मंदिर सेक्टर-2 भेल के प्रबंधक के अलावा नगर संचालक का दायित्व निभा रहे थे। आरएसएस के जिला संघ संचालक रोहिताश कुंवर, अमित शर्मा ने उनके निधन पर शोक जताया है।
कोरोना के कहर ने सेहत के प्रति लोगों को किया सतर्क
कोरोना संकट के बीच एक राहत भरी खबर यह है कि डेंगू जैसी खतरनाक बीमारी के मामले इस साल बहुत कम आ रहे हैं। इसकी एक वजह विशेषज्ञ यह भी मान रहे हैं कि कोरोना की भयावहता को देखते हुए लोग अपने स्वास्थ्य और स्वच्छता के प्रति अब पहले से ज्यादा सतर्क हो गए है। पिछले साल तक इस अवधि में 350 से अधिक डेंगू पीड़ित आ चुके थे।
राजकीय दून मेडिकल कॉलेज के कम्युनिटी मेडिसिन के प्रो. (डॉ) हंसपाल ने बताया कि डेंगू या अन्य कोई वायरस हर साल अपना व्यवहार चेंज करता है, लेकिन फिर भी वह अपना कुछ न कुछ असर जरूर दिखाता है। इस बार कोरोना संक्रमण को देखते लोगों में भी विभिन्न रोगों के प्रति जागरूकता और अन्य बीमारियों के प्रति संक्रमण से लड़ने के लिए जागरूकता बढ़ी है।
बड़ी संख्या में लोग ऐसे हैं जो अपने घरों के आसपास फ्रिज, कूलर या दफ्तरों में ज्यादा दिनों तक पानी जमा नहीं होने दे रहे हैं। जिला राजकीय गांधी शताब्दी अस्पताल के वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. प्रवीण पंवार ने बताया कि लोगों की जागरूकता और साफ-सफाई के प्रति उनकी सतर्कता डेंगू से भी आमजन को बचा रही है।