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Coronavirus: प्राइवेट लैब बना रहे कमाई का धंधा, चंद रुपयों के खातिर लोगों की जान से कर रहे खिलवाड़

Sun, 20 Sep 2020 02:05 PM IST
अलका त्यागी सुनीत द्विवेदी , अमर उजाला, देहरादून
सुनीत द्विवेदी , अमर उजाला, देहरादून Published by: अलका त्यागी Updated Sun, 20 Sep 2020 02:05 PM IST
सार

  • आईसीएमआर की गाइडलाइंस को दरकिनार कर गलत तरीके से सैंपलिंग की मिल रही शिकायतें 

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Coronavirus in Uttarakhand latest news today: Private labs Doing fraud with patients in test report
- फोटो : फाइल फोटो

विस्तार

कोरोना काल में जहां पूरा देश इस महामारी से जंग लड़ रहा है। वहीं, कुछ प्राइवेट लैब ने इसे कमाई का धंधा बना लिया है। इन लैब द्वारा मरीजों के आईसीएमआर के तमाम गाइडलाइंस को दरकिनार कर न केवल गलत तरीके से सैंपल एकत्र किए जा रहे हैं। बल्कि रिपोर्ट तक में गड़बड़ी की जा रही है। 

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महज चंद रुपयों के लिए ये लोगों की जान के साथ खिलवाड़ करने से भी गुरेज नहीं कर रहे हैं। नाम न छापने की शर्त पर एक अधिकारी ने बताया कि कुछ दिन पहले एक लैब में करीब 12 से अधिक लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई। जिसके बाद उन्होंने दूसरी लैब में जांच कराई तो सभी निगेटिव पाए गए। 
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कई मामले तो ऐसे भी आ रहे हैं, जिसमें व्यक्ति को हल्के बुखार, खांसी और जुखाम की शिकायत थी। इलाज के लिए वह अपने घर के पास मौजूदा प्राइवेट डॉक्टर से मिलते हैं और उन्हें कोरोना का डर दिखाकर टेस्ट की सलाह दे दी जाती है। ऐसी घटनाएं भी निजी डॉक्टर और प्राइवेट लैब संचालकों के बीच गठजोड़ को जाहिर करती है। 

ये केस हैं उदाहरण

केस-1
चमन विहार निवासी सुभाष ने शहर के प्राइवेट लैब से कोविड-19 की सैंपलिंग कराई। रिपोर्ट पॉजिटिव आई। इसके बाद उन्होंने एक दूसरी प्राइवेट लैब से दोबारा जांच कराई तो रिपोर्ट निगेटिव आई। इसके बाद वह पहली वाली लैब में पहुंचे, जहां उनकी लैब संचालक से तीखी नोकझोंक हुई। 

केस-2 
जीएमएस रोड निवासी दीपक कुमार ने निजी लैब से कोरोना संक्रमण की जांच कराई। उनकी रिपोर्ट निगेटिव आई। लेकिन, मन में संशय होने पर उन्होंने दूसरी लैब में जांच कराई तो पता चला कि उन्हें कोरोना है। कमोबेश यहां भी स्थिति पहले केस की तरह ही रही। 

गलत तरीके से लेते हैं सैंपल 
अधिकारियों के मुताबिक कुछ प्राइवेट लैब के कर्मचारी लोगों के घर जाकर गलत तरीके से सैंपल एकत्र कर रहे हैं। उनके द्वारा सैंपल का टेंपरेचर मेनटेन नहीं किया जाता है, इसकी वजह से भी रिपोर्ट में गड़बड़ी होने की संभावना रहती है। 

रिपोर्ट से परिजनों में पैदा होता है खौफ 

परिवार में अगर किसी व्यक्ति की रिपोर्ट पॉजिटिव आती है तो अन्य परिजनों में कोरोना का खौफ पैदा हो जाता है। भय के चलते वह भी अपना कोरोना टेस्ट करवाने लैब की ओर रुख करते हैं। जिसके चलते जांच के नाम पर प्राइवेट लैब मोटा पैसा बनाती हैं। 

लैब संचालकों द्वारा गड़बड़ी की शिकायतें मिल रही हैं। लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रशासन के साथ ही स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को भी अलर्ट करते हुए प्राइवेट लैब पर नजर बनाए रखने के निर्देश दिए हैं। अगर कोई लैब गड़बड़ी करता पाया गया तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
- डॉ. आशीष कुमार श्रीवास्तव

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