उत्तराखंड में कोरोना : एसडीआरएफ कराएगी लावारिस शवों का संस्कार, डीजीपी ने दिए निर्देश
डीजीपी के मुताबिक एसडीआएफ के पास पूरे संसाधन हैं और उन्हें प्रशिक्षण भी प्राप्त है। ऐसे में इस काम को एसडीआरएफ बखूबी कर सकती है।
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डीजीपी ने लावारिस शवों के दाह संस्कार के लिए एसडीआरएफ को तैनात करने के निर्देश दिए हैं। डीजीपी के मुताबिक एसडीआएफ के पास पूरे संसाधन हैं और उन्हें प्रशिक्षण भी प्राप्त है। ऐसे में इस काम को एसडीआरएफ बखूबी कर सकती है।
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डीजीपी ने दाह संस्कार के वक्त पीपीई किट और बेहतर गुणवत्ता का मास्क पहनने के निर्देश दिए हैं। वीडियो कांफ्रेंसिंग के दौरान उन्होंने ऑक्सीजन, दवाओं और बेड की कालाबाजारी करने वालों पर प्रभावी अंकुश लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि लोग एंबुलेंस का किराया भी बहुत ज्यादा ले रहे हैं।
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ऐसे में इन लोगों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाए। बाहर से आने वाले लोगों का शत प्रतिशत रजिस्ट्रेशन जरूरी है। साथ ही आरटीपीसीआर रिपोर्ट भी निगेटिव होना आवश्यक है। जो लोग इन शर्तों को पूरा करेंगे उन्हें ही राज्य में आने दिया जाए।
फ्रंटलाइन पर काम करने वाले पुलिसकर्मी उत्तम गुणवत्ता वाले मास्क और फेसशील्ड का उपयोग करेंगे। किसी पुलिसकर्मी को खुद को या उसके परिवार को ऑक्सीजन की आवश्यकता हो तो उसे तत्काल लाइन या बटालियन से ऑक्सीजन उपलब्ध कराई जाए।
हर थाने और प्लाटून में हो ऑक्सीमीटर
डीजीपी ने संक्रमण को रोकने और उसके इलाज के संबंध में बहुत से दिशा निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि प्रत्येक थाने और पीएसी की प्लाटून में पल्स ऑक्सीमीटर और थर्मामीटर होने चाहिए। ताकि, समय रहते बीमार पुलिसकर्मियों की जांच की जा सके और निगरानी के हिसाब से उन्हें इलाज मुहैया कराया जा सके।
कोविड अस्पतालों की निगरानी के लिए एसडीआरएफ तैनात
ऊधमसिंह नगर जिले के सभी कोविड अस्पतालों की निगरानी के लिए अब एसडीआरएफ तैनात कर दी गई है। फ्रंट लाइन ड्यूटी करने वाले ये कर्मचारी पीड़ितों और उनके तीमारदारों की हरसंभव मदद करेंगे। इसके लिए एसडीआरएफ के कॉल सेंटर नंबर 9456596190 पर फोन कर मदद ली जा सकती है।
जिले में करीब 18 कोविड सेंटर हैं, जहां पर कोरोना संक्रमितों का इलाज किया जा रहा है। कोविड सेंटर में आने वाले मरीजों और तीमारदारों को कई बार अव्यवस्थाओं का सामना करना पड़ रहा था। पुलिस अधिकारियों ने कोविड सेंटर की व्यवस्थाओं को बेहतर ढंग से जारी रखने के लिए एसडीआरएफ कर्मी तैनात कर दिए हैं।
सभी कोविड सेंटर में दो-दो कर्मचारियों को भेजा गया है। एसडीआरएफ कर्मी कोरोना संक्रमितों को अस्पताल में भर्ती कराने के लिए सभी प्रकार की मदद को तैयार रहेंगे। एसएसपी डीएस कुंवर ने बताया कि कोविड सेंटर व जिले की सीमाओं पर एक कंपनी आईआरबी व तीन कंपनी पीएसी तैनात हैं। कोविड सेंटरों की निगरानी के लिए अब एसडीआरएफ भी तैनात कर दी गई है।
वहीं, एसडीआरएफ के कुमाऊं मंडल प्रभारी, निरीक्षक गजेंद्र सिंह परवाल ने बताया कि कॉल सेंटर के माध्यम से ही जनपदवार कोविड मरीजों की स्थिति और कोरोना संक्रमण से बचाव का प्रशिक्षण भी एसडीआरएफ की ओर से किया जा रहा है।
कोरोना काल में लोगों की मदद के लिए एसडीआरएफ कुमाऊं और गढ़वाल मंडल में काम कर रही है। होम आइसोलेशन में रह रहे कोविड मरीजों को दवा पहुंचाने के साथ लावारिस शवों का अंतिम संस्कार भी किया जा रहा है। कोविड अस्पतालों में भी जवानों की डयूटी लगाई गई है।
- अजय भट्ट, उपसेनानायक, एसडीआरएफ, देहरादून