Coronavirus in Uttarakhand: राष्ट्रीय औसत से छह प्रतिशत कम है उत्तराखंड में सैंपल जांच की दर
- प्रति लाख आबादी पर प्रदेश में 1451 सैंपलों की जांच
- हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर की आबादी अधिक, सैंपल जांच कम
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उत्तराखंड में कोरोना सैंपलों की जांच में धीरे-धीरे तेजी आ रही है। वर्तमान में उत्तराखंड की सैंपल जांच की दर प्रति लाख आबादी पर 1451 है। जो राष्ट्रीय औसत से छह प्रतिशत कम है। प्रदेश के अन्य जिलों की तुलना में हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर जिले की आबादी अधिक होने के बाद भी सैंपल जांच की दर सबसे कम है।
प्रदेश में कोरोना काल में अब तक 1.67 लाख सैंपलों की जांच की गई है। सरकार की ओर से सैंपल जांच बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया गया है। जिससे प्रदेश में सैंपलिंग बढ़ी है। राष्ट्रीय स्तर पर प्रति एक लाख आबादी पर 1546 सैंपलों की जांच की जा रही है।
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वहीं, प्रदेश में एक लाख आबादी पर 1451 सैंपल टेस्ट हो रहे हैं। यह राष्ट्रीय औसत से छह प्रतिशत कम है। सैंपल जांच दर में चंपावत जिला सबसे आगे है।
चंपावत जिले की आबादी 2.65 लाख होने के बाद भी यहां प्रति लाख पर सैंपल जांच की दर 2461 है। हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर जिले की आबादी अधिक होने के साथ कोरोना संक्रमित मामले ज्यादा सामने आ रहे हैं। इसके बावजूद ऊधमसिंह नगर में प्रति लाख पर 1174 सैंपल और हरिद्वार में 1075 सैंपलों की जांच हो रही है।
कोरोना आंकड़ों का अध्ययन कर रहे सोशल डेवलपमेंट फॉर कम्युनिटी फाउंडेशन के संस्थापक अनूप नौटियाल का कहना है कि मैदानी जिलों की तुलना में पर्वतीय जिलों में सैंपल जांच की दर काफी अच्छी है। हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर जिले में कोरोना संक्रमित मामले अधिक मिलने के बाद भी सैंपल जांच कम है। दोनों जिलों में सैंपल बढ़ाने के लिए और प्रयास करने की जरूरत है।