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उत्तराखंड : प्राइवेट अस्पताल ने बनाया कोरोना उपचार का पौने दो लाख का बिल, जांच और कार्रवाई करने के निर्देश
Wed, 19 May 2021 01:37 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal
Updated Wed, 19 May 2021 01:37 PM IST
सार
मृतक के परिचित अरुण कुमार शर्मा ने आरोप लगाया कि पूरा भुगतान करने के बाद भी परिजनों को पांच घंटे तक शव के लिए बैठाए रखा गया। वहीं, अस्पताल प्रबंधन ने शव पांच घंटे में देने के आरोपों से इनकार किया है।
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पौने दो लाख रुपये का बिल बना दिया।
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विस्तार
प्राइवेट अस्पताल ने एक कोरोना मरीज को सात दिन भर्ती रखने का करीब पौने दो लाख रुपये का बिल बना दिया। इसके अलावा करीब 80 हजार रुपये की दवाएं भी मंगवाई। मरीज की मौत होने पर पूरा भुगतान करने के पांच घंटे बाद शव दिया गया। परिजनों ने यह आरोप लगाते हुए जिलाधिकारी को मामले की शिकायत भेजी है।
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27 वर्षीय गौरव शर्मा को परिजनों ने आठ मई को पारस दून हॉस्पिटल में भर्ती कराया। 14 मई को मरीज की मौत हो गई। इस दौरान अस्पताल ने 1.73 लाख से ज्यादा का बिल बना दिया। इसमें 56 हजार आईसीयू, 10500 कंसलटेशन विजिट चार्ज, 2500 इमरजेंसी चार्जेस, 56 हजार मेडिकल गैस, 3500 नर्सिंग चार्ज, 4200 आरएमओ चार्ज, 5600 नेबुलाइजर चार्ज, 28 हजार एनआईपी चार्ज और छह हजार रुपये वेटनी चार्ज शामिल किया गया है।
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मृतक के परिचित अरुण कुमार शर्मा ने आरोप लगाया कि पूरा भुगतान करने के बाद भी परिजनों को पांच घंटे तक शव के लिए बैठाए रखा गया। वहीं, अस्पताल प्रबंधन ने शव पांच घंटे में देने के आरोपों से इनकार किया है। उन्होंने यह भी कहा कि मरीज पॉजिटिव नहीं था। अस्पताल प्रबंधन ने बाकी आरोपों का जवाब देने से इनकार कर दिया।
कुछ अस्पतालों में कोविड मरीजों के उपचार में निर्धारित से अधिक धनराशि वसूले जाने की शिकायत मिल रही है। ऐसे मामलों में जांच करने और शिकायतों की पुष्टि होने पर संबंधित का पैसा लौटाने के निर्देश दिए गए हैं। अस्पतालों को नोटिस जारी कर निर्धारित प्रावधानों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
-डा. आशीष कुमार श्रीवास्तव, जिलाधिकारी
दून अस्पताल में लगेंगे दो बड़े ऑक्सीजन प्लांट
दून अस्पताल के अलावा हल्द्वानी व श्रीनगर मेडिकल कॉलेज और अल्मोड़ा में कुल मिलाकर सात ऑक्सीजन जनरेशन प्लांट लगाए जाएंगे। दून अस्पताल में प्रति मिनट 1000 लीटर गैस की क्षमता के दो प्लांट लगाए जाएंगे। ऑक्सीजन प्लांट लगाने की जिम्मेदारी लखनऊ की एक निजी कंपनी को सौंपी गई है। कंपनी के अधिकारियों और तकनीकी विशेषज्ञों की टीम ने सोमवार को दून अस्पताल का दौरा कर प्लांट लगाने से जुड़ी तमाम जानकारियां जुटाईं। इसके अलावा यूपीआरएनएनएल की ओर से भी पांच-पांच सौ लीटर प्रति मिनट की क्षमता के दो प्लांट भी दून अस्पताल में लगाए जा रहे हैं।
दून अस्पताल के उप चिकित्सा अधीक्षक डॉ. एनएस खत्री ने बताया कि चारों प्लांट के स्थापित होने के बाद दून अस्पताल में प्रति मिनट 3000 लीटर ऑक्सीजन का उत्पादन होगा। इससे राज्य के अन्य जिलों को भी ऑक्सीजन की आपूर्ति की जा सकेगी। डॉ. खत्री ने बताया कि हल्द्वानी, श्रीनगर मेडिकल कॉलेज और अल्मोड़ा में पांच ऑक्सीजन प्लांट लगाए जाएंगे।
प्लांट लगाने वाली कंपनी के अधिकारियों और तकनीकी विशेषज्ञों की टीम ने सोमवार को दून अस्पताल का दौरा कर तमाम जानकारियां जुटाई हैं। कंपनी अधिकारियों का कहना है कि प्लांट को जल्द से जल्द स्थापित कर दिया जाएगा। ऑक्सीजन प्लांट के लिए पक्के निर्माण की जिम्मेदारी यूपीआरएनएनएल को सौंपी गई है।
दूसरी ओर राजकीय दून मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. आशुतोष सयाना ने बताया कि दून अस्पताल में फिलहाल ऑक्सीजन की कोई किल्लत नहीं है। लेकिन जिस तरीके से कोरोना की तीसरी लहर की आशंका जताई जा रही है उसे देखते हुए भविष्य में ऑक्सीजन की जरूरत बढ़ सकती है। ऐसे में ऑक्सीजन प्लांट लगाया जाना जरूरी हो गया है। प्लांट लगाए जाने के बाद ऑक्सीजन को लेकर निजी कंपनियों पर निर्भरता कम हो जाएगी।