फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   coronavirus in uttarakhand latest news : Government expert committee suggested for covid prevention, said - night curfew should apply on 12 hours

उत्तराखंड : कोविड की रोकथाम के लिए सरकार की विशेषज्ञ समिति ने दिया सुझाव, कहा - 12 घंटे लगे रात्रि कर्फ्यू

Thu, 22 Apr 2021 09:27 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal Updated Thu, 22 Apr 2021 09:27 PM IST
सार

कोविड संक्रमण की रोकथाम के लिए सरकार की ओर से गठित विशेषज्ञ समिति ने दिया सुझाव, सरकार की कलई भी खोली, कहा- जांच और उपचार में देरी से मामले बढ़ रहे हैं

विज्ञापन
coronavirus in uttarakhand latest news : Government expert committee suggested for covid prevention, said - night curfew should apply on 12 hours
देहरादून में नाइट कर्फ्यू - फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो

विस्तार

राज्य स्तरीय विशेषज्ञ समिति ने कोविड संक्रमण के बढ़ते मामले को देखते हुए प्रदेश में शाम छह बजे से लेकर सुबह छह बजे तक के रात्रि कर्फ्यू, शादी - सार्वजनिक समारोह में अधिकतम 50 लोगों की ही अनुमति देने और परीक्षण बढ़ाने की संस्तुुति की है।

विज्ञापन


उत्तराखंड में कोरोना: देहरादून में डबल म्यूटेंट वायरस की पुष्टि, मार्च में दिल्ली भेजे गए थे सैंपल
विज्ञापन


प्रदेश सरकार ने हाल ही में 20 सदस्यीय विशेषज्ञ समिति का गठन किया था। इस समिति की रिपोर्ट से जाहिर है कि जांच और उपचार में देरी और क्लस्टर मामलों के संक्रमण के कारण संक्रमितों में इजाफा हुआ।
विज्ञापन
विज्ञापन


कोरोना के बढ़ते संक्रमण के साथ, जांच के लिए अस्पतालों और लैब में लगीं लंबी लाइनें, तस्वीरों में देखें...

समिति ने रेमडेसिविर इंजेक्शन का अधिक प्रयोग न करने की सलाह दी है और कोविड उपचार में संशोधन किया है। इसके साथ ही इस बात की आशंका भी जताई है कि इस दौर का वायरस अलग है।

कोरोना फैलने की वजह

- जांच और उपचार में देरी
- क्लस्टर मामलों के कारण बढ़ा संक्रमण
- रोगियों को उच्च स्तर पर उपचार देने में देरी

दूसरे दौर का वायरस पहले से अलग

विशेषज्ञ समिति का कहना है कि दूसरे दौर में 50 से कम उम्र के लोगों में मृत्यु दर अधिक है। पहले ऐसा नहीं था। यह जीनोम सिक्वेसिंग में बदलाव के कारण भी हो सकता है और वायरस के अधिक फैलाव के कारण भी।

उपचार में बदलाव

- आइवरमेक्टिन टेबलेट पहले दिन मेें एक बार तीन दिन के लिए दी जा रही थी। अब इस टेबलेट को दिन में दो बार तीन दिन के लिए दिए जाने का सुझाव दिया गया है।
- रेमडेसिविर की भारी कमी है। यह पाया गया है कि इसके उपयोग से मृत्यु दर पर अधिक फर्क नहीं पड़ता। मध्यम संक्रमण - जहां ऑक्सीजन स्तर 94 प्रतिशत हो और संक्रमण आठ से दस दिन पुराना हो, वहां इस दवा का उपयोग किया जाए।

जन सहयोग के उपयोग

- सार्वजनिक स्थानों, समारोहों आदि में अधिकतम 50 लोग हों
- जल्द से जल्द रोग की पहचान की जाए, उपचार और रिफरल
- फ्लू ओपीडी शुरू की जाएं, कोविड टेस्टिंग बढ़ाई जाए
- रिपोर्ट का इंतजार किए बिना लक्षण वाले रोगियों का उपचार हो
- टीकाकरण अभियान और तेज किया जाए
- रात्रि कर्फ्यू शाम छह बजे से सुबह छह बजे तक का हो
- मृत्यु दर का ऑडिट नियमित रूप से किया जाए

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed