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डेंगू का डर अभी भी बरकरार, कोरोना के साथ हो सकता है बेहद खतरनाक

Mon, 21 Sep 2020 02:24 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal Updated Mon, 21 Sep 2020 02:24 PM IST
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coronavirus in uttarakhand latest news : Fear of dengue still persists, can be very dangerous
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : amar ujala

खतरनाक रूप लेते हुए कोरोना संक्रमण के बीच डेंगू का खतरा भी अभी खत्म नहीं हुआ है। कोरोना के साथ अगर डेंगू ने भी पांव पसारे तो यह मरीज के जीवन के लिए बेहद ही खतरनाक साबित हो सकता है। ऐसे में कोरोना के साथ-साथ डेंगू से बचाव भी बहुत जरूरी है।

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जिला स्वास्थ्य विभाग भले ही इस बार अब तक किसी भी डेंगू मरीज के न आने के दावे कर रहा हो, लेकिन विभिन्न निजी अस्पतालों में डेंगू के लक्षण वाले मरीज भी पहुंच रहे हैं। कुछ में रैपिड टेस्ट में डेंगू की पुष्टि भी हुई है। स्वास्थ्य विभाग एलाइजा जांच होने पर ही डेंगू की पुष्टि करता है। ऐसे में डेंगू के होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है।
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पंडितवाड़ी स्थित केयर मेडिकल सेंटर के वरिष्ठ पल्मनोलॉजिस्ट डॉ. परवेज अहमद ने बताया कि कोरोना संक्रमण के साथ डेंगू बुखार से इंसान में रिस्क बहुत बढ़ जाता है। दोनों बीमारियां बहुत ही खतरनाक हैं। शुगर, ब्लड प्रेशर, लीवर, किडनी और अन्य बीमारियों वालों के साथ ही बुजुर्गों में दोनों बहुत तेजी से अटैक करते हैं। फेफड़ों के खराब होने के साथ ही शॉक्ड सिंड्रोम का खतरा भी रहता है।

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हार्ट, ब्लड प्रेशर, शुगर आदि के मरीजों के लिए भी मुसीबत

इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) के प्रदेश महासचिव एवं वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. डीडी चौधरी ने बताया कि कोरोना के साथ डेंगू का प्रहार इंसान के जीवन के लिए बहुत खतरे वाला हो सकता है। कोरोना में जहां पर फेफड़ों में संक्रमण का खतरा सबसे ज्यादा रहता है। हार्ट, ब्लड प्रेशर, शुगर आदि के मरीजों के लिए भी मुसीबत रहती है।

इसके साथ ही अगर डेंगू बुखार हो गया तो प्लेटलेट्स की कमी और हेमोरेजिक डेंगू होने का भी डर रहता है। नगर निगम और शासन-प्रशासन अगर दिन के समय फागिंग लगातार करता रहे तो काफी हद तक डेंगू के मच्छर को खत्म किया जा सकता है।

... तो प्लेटलेट्स की हो जाएगी भारी किल्लत

अगर डेंगू बुखार का प्रकोप बढ़ता है तो मरीजों को प्लेटलेट्स के लिए काफी दिक्कतों से जुड़ना पड़ेगा। आमतौर पर डेंगू बुखार में ज्यादा दिक्कत होने पर मरीज को प्लेटलेट्स चढ़ाने की भी जरूरत पड़ती है। कोरोना काल में ब्लड बैंकों में खून की भी बहुत कमी है। सभी ब्लड बैंकों में नाममात्र का ही खून बचा है। ऐसे में दिक्कत और बढ़ सकती है।

इस सीजन में अभी तक जिले में डेंगू के कोई भी मरीज नहीं आए हैं। डेंगू के मच्छर और लारवा को खत्म करने के लिए स्वास्थ्य विभाग नगर निगम व आशाओं के साथ लगातार फागिंग और अन्य जागरूकता अभियान चला रहा है। जनता से भी अपील है कि अभी डेंगू का सीजन गया नहीं है। इसलिए अपने घरों, दफ्तरों और आसपास पानी जमा न होने दें। वह साफ सफाई पर विशेष ध्यान दें। 
- सुभाष जोशी, जिला वेक्टर जनित रोग अधिकारी

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