एक्सक्लूसिव : होम आइसोलेशन के मॉडल ने सुधारी सेहत, 91.2 प्रतिशत कोरोना संक्रमित हुए स्वस्थ
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दिल्ली की तर्ज पर हरिद्वार में भी कोरोना के संक्रमण पर लगाम लगाने के मकसद से शुरू हुआ होम आइसोलेशन मॉडल बेहद सफल साबित हुआ है। संक्रमित लोगों को होम आइसोलेशन की अनुमति मिलने के बाद संक्रमण का डबलिंग रेट बढ़कर 194 दिन तक पहुंच गया है। वहीं संक्रमितों का मौजूदा रिकवरी रेट 92.28 फीसदी है। वहीं होम आइसोलेट किए गए 91.2 प्रतिशत लोग स्वस्थ भी हो चुके हैं।
हरिद्वार में जुलाई के अंत तक कोरोना संक्रमण का डबलिंग रेट 20 दिन तक पहुंच गया था। वहीं मरीजों का रिकवरी रेट 33 फीसदी तक गिर गया था। ऐसे में अगस्त में जिलाधिकारी सी रविशंकर ने हरिद्वार में होम आइसोलेशन की व्यवस्था लागू करने का बड़ा निर्णय लिया।
मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. एसके झा और उनकी टीम ने होम आइसोलेशन का पूरा खाका तैयार किया। अब तक जिले में 10032 कोरोना संक्रमितों के मामले सामने आए। इनमें से 1738 संक्रमितों को होम आइसोलेट किया गया। इनमें से 1586 संक्रमित बिल्कुल स्वस्थ हो चुके हैं। केवल आठ लोगों को ही स्वास्थ्य बिगड़ने के बाद अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। जबकि अस्पतालों और कोविड सेंटर में भी अब 64 संक्रमित भर्ती हैं।
पहले चिकित्सकीय टीम करती है जांच
होम आइसोलेट करने से पहले चिकित्सकीय टीम संक्रमित के स्वास्थ्य की पूरी जांच करती है। संक्रमित में प्रत्यक्ष लक्षण न होने के बाद ही उसको होम आइसोलेट किया जाता है। साथ ही घर पर आइसोलेशन रूम की व्यवस्था भी परखी जाती है। मरीज के तीमारदार को देखभाल का प्रशिक्षण दिया जाता है।
32 टीम करती हैं होम आइसोलेशन की निगरानी
जिले में 32 टीम होम आइसालेट किए गए संक्रमितों की निगरानी करती हैं। वहीं आशाओं की टीम भी होम आइसोलेट संक्रमित के स्वास्थ्य की जानकारी जुटाती रहती है। होम आइसोलेशन हेल्पलाइन की 26 टीम दिन में दो बार संक्रमित से बात करती है। किसी भी इमरजेंसी की स्थित में तत्काल संक्रमित तक चिकित्सकीय मदद पहुंचायी जाती है।
होम आइसोलेशन की व्यवस्था लागू होने के बाद संक्रमण के नए मामले कम हुए हैं। व्यवस्था को और अधिक बेहतर बनाने के तमाम प्रयास किए जा रहे हैं।
- डॉ. एसके झा, मुख्य चिकित्साधिकारी