उत्तराखंड में कोरोना : दिल्ली, यूपी वाले ऑक्सीजन के लिए काट रहे फैक्टरियों के चक्कर
इनमें ज्यादातर लोग वे हैं, जिन्हें किसी बीमार अपने के लिए ऑक्सीजन की जरूरत है। वहीं, कुछ ऐसे भी हैं, जो वहां बेचने के लिए ऑक्सीजन खरीदना चाहते हैं।
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दिल्ली और उत्तर प्रदेश में ऑक्सीजन संकट गहराने के बाद बड़ी संख्या में जरूरतमंदों व ग्राहकों ने उत्तराखंड की फैक्टरियों का रुख किया है। इनमें ज्यादातर लोग वे हैं, जिन्हें किसी बीमार अपने के लिए ऑक्सीजन की जरूरत है। वहीं, कुछ ऐसे भी हैं, जो वहां बेचने के लिए ऑक्सीजन खरीदना चाहते हैं।
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ज्यादातर खरीदारों का कहना है कि उनके राज्यों में ऑक्सीजन की बहुत ज्यादा किल्लत हो गई है। अस्पतालों में भर्ती मरीजों तक को ऑक्सीजन के लिए परेशान होना पड़ रहा है। कई ऐसे प्राइवेट अस्पताल हैं, जो मरीजों के तीमारदारों को ही ऑक्सीजन की व्यवस्था करने को कह रहे हैं। इसके कारण उन्हें इधर से उधर भटकना पड़ रहा है। उन्हें दून में पर्याप्त उपलब्धता की जानकारी मिली है, जिसके बाद वे यहां पहुंच रहे हैं।
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ऑक्सीजन लेने वालों के लिए जरूरी दिशा-निर्देश जारी
वहीं, एजेंसी संचालकों व सप्लायरों ने जिला प्रशासन की अनुमति के बिना गैस देने से इनकार किया है। उन्होंने कहा कि प्रशासन ने ऑक्सीजन लेने वालों के लिए जरूरी दिशा-निर्देश जारी किए हैं। उन नियमों का पालन करने वालों को ही ऑक्सीजन दी जा सकेगी। एजेंसी संचालक सरदार गुरदेव सिंह ने बताया कि देहरादून के अलावा यूपी और दिल्ली से भी लोग सिलिंडर लेकर भरवाने के लिए आ रहे हैं।
सिलिंडर, पंप और फ्लो मीटर की किल्लत
जिले में अभी ऑक्सीजन की कमी नहीं है लेकिन सिलिंडर, पंप और फ्लो मीटर आसानी से नहीं मिल पा रहा है। वहीं, कई लोग पंप और फ्लो मीटर की कालाबाजारी कर रहे हैं। करीब 900 रुपये का पंप 2000 रुपये तक में बेचा जा रहा है। वहीं, करीब 100 रुपये के फ्लो मीटर के लोगों से 500 से एक हजार रुपये तक वसूले जा रहे हैं। कई जरूरतमंद इसी कीमत पर खरीद भी रहे हैं।