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उत्तराखंड में कोरोना : जमीन पर उतारे तीसरी लहर के लिए तैयारी - मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत
Sat, 22 May 2021 08:40 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
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Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal
Updated Sat, 22 May 2021 08:40 PM IST
सार
मुख्यमंत्री ने कहा कि तीसरी लहर में बच्चों पर फोकस करना है। जिला व ब्लॉक स्तर तक इसकी मैपिंग हो। इसमें किसी तरह की कोई कमी न हो। जिलाधिकारी ग्रामवार इसकी पूरी प्लानिंग रखें।
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मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत
- फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
विस्तार
मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने अधिकारियों को कोरोना की तीसरी लहर से निपटने के लिए पहले से अधिक पुख्ता तैयारी करने और इसे धरातल पर उतारने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिला व ब्लाक स्तर पर बच्चों की मैपिंग कर ली जाए।
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वह वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से शासन के वरिष्ठ अधिकारियों व जिलाधिकारियों के साथ कोविड की रोकथाम एवं बचाव प्रबंधन की समीक्षा कर रहे थे।
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मुख्यमंत्री ने कहा कि तीसरी लहर में बच्चों पर फोकस करना है। जिला व ब्लॉक स्तर तक इसकी मैपिंग हो। इसमें किसी तरह की कोई कमी न हो। जिलाधिकारी ग्रामवार इसकी पूरी प्लानिंग रखें। फील्ड में काम करने वालों को मालूम होना चाहिए कि किसी तरह की परिस्थिति में उन्हें क्या करना है।
मामले कम पर कोई ढिलाई न हो
उन्होंने कहा कि वर्तमान में कोविड के मामलों में कमी देखने को मिल रही है। फिर भी हमें पूरी तरह से सावधान रहना है। किसी तरह की ढिलाई नहीं होनी चाहिए। मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाए। कालाबाजारी को रोकने के लिए लगातार जरूरी कार्रवाई की जाएं। ई-संजीवनी का अच्छा रिस्पोंस मिल रहा है। इसे और अधिक सुदृढ़ और प्रचारित किया जाए।
बायो मेडिकल वेस्ट डिस्पोजल पर ध्यान दें
मुख्यमंत्री ने कहा कि बायो मेडिकल वेस्ट डिस्पोजल पर भी ध्यान दिये जाने की जरूरत है। नगर निकायों में शहरी विकास विभाग और ग्रामीण क्षेत्रों में पंचायती राज विभाग इसे सुनिश्चित कराएं।
गांवों में अधिक ध्यान दें
मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में कोविड को लेकर अधिक ध्यान देना है। इसके लिए विकेंद्रीकृत योजना का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए। आशा, एएनएम की सही तरीके से ट्रेनिंग हो। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) स्तर तक तैयारियां हों। हर ब्लॉक में कंट्रोल रूम हों।
दूरस्थ क्षेत्रों के लिए मोबाइल टेस्टिंग वैन हो
ग्राम सभाओं का सहयोग लिया जाए। जहां तक संभव हो दूरस्थ क्षेत्रों के लिए मोबाईल टेस्टिंग वैन, मोबाईल लैब, सेम्पलिंग वैन की व्यवस्था हो। टेस्टिंग बढ़ाई जाए। गांव-गांव, घर- घर तक जरूरी मेडिकल किट व दवाओं की उपलब्धता हो। गांवों में क्वारंटीन सेंटर चिन्हित कर उन्हें जरूरी सुविधाओं से युक्त किया जाए।
सीएम ने ये निर्देश भी दिए
-हर संभव प्रयास कर वैक्सीनेशन की प्रक्रिया में तेजी लानी है।
-प्रस्तावित और निर्माणाधीन आक्सीजन जेनरेशन प्लांट को जल्द पूरे हों
-ऑक्सीजन आपूर्ति में बहुत सुधार। इसे आगे भी बनाये रखना है। सभी आईसीयू संचालित हों।
-कोविड सूचनाओं की रियल टाईम डाटा एंट्री सुनिश्चित की जाए।
-मानसून से पहले ऑक्सीजन आपूर्ति की तैयारी हो।
-बाहर से आने वालों पर विशेष ध्यान दें।
-डेंगू को लेकर तैयारी रहे। कोविड अस्पताल और कोविड केयर सेंटर के आस-पास पानी एकत्र न हो।
-कालाबाजारी रोकने की जरूरी कार्रवाई हो। सोशल डिस्टेंसिंग का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई हो।
बैठक में ये रहे मौजूद
बैठक में मुख्यमंत्री के मुख्य सलाहकार शत्रुघ्न सिंह, मुख्य सचिव ओम प्रकाश, डीजीपी अशोक कुमार, अपर मुख्य सचिव मनीषा पंवार, सचिव अमित नेगी, डॉ. पंकज कुमार पांडेय सहित शासन के वरिष्ठ अधिकारी, मंडलायुक्त, जिलाधिकारी व अन्य अधिकारी उपस्थित थे।