कोरोना संक्रमण काल के बीच एयर एंबुलेंस सेवा से जुड़ा एम्स ऋषिकेश, ट्रायल लैंडिंग सफल
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कोरोना संक्रमण काल के बीच अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) ऋषिकेश में एयर एंबुलेंस सेवा की सफल ट्रायल लैंडिंग हुई। इसके साथ ही एम्स ऋषिकेश देश का पहला ऐसा सरकारी स्वास्थ्य संस्थान बन गया है, जिसमें हेलीकॉप्टर से सीधे मरीजों को लाया जा सकता है।
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राज्य में विभिन्न दुर्घटनाओं में घायलों को तत्काल एम्स पहुंचाने के लिए सिविल एविएशन की गाइडलाइन के अनुसार एम्स प्रशासन ने राष्ट्रीय विमान पत्तन प्राधिकरण के मानकों पर आधारित हेलीपैड तैयार किया था।
मंगलवार को नागर विमानन निदेशालय (डीजीसीए) से अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) भी मिल गई। एनओसी के बाद पहली ट्रायल लैंडिंग की गई।
एम्स निदेशक हेलीकॉप्टर से पहुंचे
पहली ट्रायल लैंडिंग में एम्स निदेशक प्रो. रवि कांत जौलीग्रांट से एम्स हेलीकॉप्टर से पहुंचे।
साथ में उत्तराखंड सरकार के नागरिक उड्डयन सलाहकार कैप्टेन दीप श्रीवास्तव भी थे। उन्होंने बताया कि यह मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत का ड्रीम प्रोजेक्ट था। एम्स में एयर एम्बुलेंस सेवा का मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत निकट भविष्य में उद्घाटन करेंगे।
इस अवसर पर एम्स के एविएशन एवं एयर रेस्क्यू सर्विसेज के इंचार्ज डॉ. मधुर उनियाल, डीन एकेडमिक प्रो. मनोज गुप्ता, डीन अस्पताल प्रशासन प्रो. यूबी मिश्रा, उपनिदेशक प्रशासन अंशुमान गुप्ता आदि मौजूद थे।