Coronavirus in Uttarakhand : शनिवार को मिले 949 नए संक्रमित, कुल मरीजों की संख्या हुई 46281
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उत्तराखंड में शनिवार को कोरोना संक्रमण के 949 नए मामले सामने आए। जिसके बाद अब राज्य में कुल संक्रमितों की संख्या 46281हो गई है। आज 11 संक्रमितों की मौत हुई। वहीं 1007 लोग ठीक हुए हैं।
Coronavirus in Uttarakhand: कोरोना जांच में गड़बड़ी, 111 पॉजिटिव 24 घंटे में ही हो गए निगेटिव
देहरादून जिले में सबसे अधिक 295 कोरोना मरीज मिले हैं। बीते 24 घंटे में प्रदेश में 11 मरीजों ने दमतोड़ा है। एम्स ऋषिकेश में तीन, दून मेडिकल कालेज में दो, मैक्स हास्पिटल में पांच और सुशीला तिवारी मेडिकल कालेज में एक संक्रमित मरीज की मौत हुई है। कुल मौतों का आंकड़ा 566 हो गया है। प्रदेश में 10856 सक्रिय मामले हैं।
आज मिले संक्रमित मामले
देहरादून-295
हरिद्वार-178
अल्मोड़ा-92
पौड़ी-80
नैनीताल-65
ऊधमसिंह नगर-63
उत्तरकाशी-59
पिथौरागढ़-48
चंपावत-37
चमोली-15
टिहरी-12
रुद्रप्रयाग-03
बागेश्वर-02
90 वर्षीय मोली देवी ने कोरोना की दी मात
कोरोना संक्रमणकाल में जहां बहुत से लोग अपना कोविड टेस्ट करावाने से घबरा रहे हैं, वहीं ऋषिकेश में चौदहबीघा, मुनिकीरेती निवासी 90 वर्षीय मोली देवी ने कोरोना को हराकर एम्स ऋषिकेश से घर वापसी की। वह ऐसे लोगों के लिए मिसाल हैं। मोली देवी आठ सितंबर से कोविड-19 से ग्रसित थीं।
एम्स में उनका उपचार चल रहा था। उन्होंने हार नहीं मानी और कोविड -19 को मात देकर वह सकुशल अपने पौत्र के घर लौट आईं। इस मौके पर परिवार के सदस्यों पौत्र, पुत्रियों व पड़ोसियों ने मौली देवी का स्वागत किया।
देहरादून में तहसील गेट बंद, फिर भी बढ़ा संक्रमण का खतरा
कोरोना संक्रमण से बचने के लिए सदर तहसील को आम लोगों के लिए बंद कर दिया गया है, लेकिन इसके बावजूद संक्रमण का खतरा बढ़ गया है। अंदर प्रवेश बंद होने के कारण गेट पर लोगों का सुबह से ही तांता लग जाता है। जगह न होने के कारण यहां सोशल डिस्टेंसिंग का पालन भी नहीं हो रहा है।
दरअसल, कोरोना संक्रमण के कारण तहसील में आम लोगों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। इसके लिए तहसील के गेट को बंद कर दिया गया है। गेट के पास पत्र पेटिका लगाई गई है। जहां लोगों को अपनी शिकायत या अन्य एप्लीकेशन इसी में डालने के लिए कहा जाता है। दो दिन बाद सैनिटाइज कर आवेदनों को लिया जाता है, लेकिन तहसील में भीड़ को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन का यह प्रयास सफल नहीं हो पा रहा है। यहां रोज भीड़ उमड़ रही है।
लोगों की भीड़ गेट पर ही जमा हो जा रही है। यहां पर जगह कम है। तहसील के ऊपर जिलापूर्ति कार्यालय का कार्यालय है। इसी रास्ते से लोग जाते हैं। इसलिए गेट पर दिनभर भीड़ लगी रहती है। जिससे संक्रमण का खतरा बढ़ रहा है। नायब तहसीलदार जेएस राणा ने कहा कि लोगों को पत्र पेटिका में आवेदन डालने के साथ ही गेट पर भीड़ न लगाने के कहा जाता है। गार्ड को अब भीड़ न लगने देने के निर्देश दिए गए हैं।