Coronavirus in Uttarakhand : प्रदेश में शनिवार को 45 और कोरोना संक्रमित मिले, मरीजों की संख्या 3093 पहुंची
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प्रदेश में शनिवार को 45 और कोरोना संक्रमित मामले मिले हैं। इन्हें मिलाकर प्रदेश में संक्रमित मरीजों की संख्या 3093 पहुंच गई है। वहीं, 21 संक्रमित मरीजों को इलाज के बाद घर भेजा गया है।
कोरोना : रिकवरी दर में उत्तराखंड देश का पांचवां राज्य, मरीजों के ठीक होने की दर 80 प्रतिशत से अधिक
स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी हेल्थ बुलेटिन के अनुसार शनिवार को आई जांच रिपोर्ट में 2461 सैंपल नेगेटिव मिले हैं। वहीं, 45 सैंपलों में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई है। ऊधमसिंह नगर जिले में 17 संक्रमित मिले हैं। इनमें छह दिल्ली, एक गुरुग्राम, एक बंगलूरू, एक जयपुर, एक फरीदाबाद, चार संक्रमित संपर्क में और तीन की ट्रेवल हिस्ट्री नहीं है।
देहरादून जिले में आठ संक्रमितों में एक स्वास्थ्यकर्मी, एक बिजनौर, एक बरेली, एक पश्चिम बंगाल, एक दिल्ली, दो संपर्क में और एक कोरोना मरीज की ट्रेवल हिस्ट्री नहीं है। बागेश्वर जिले में छह संक्रमित कानपुर से लौटे हैं।
आज मिले संक्रमित मामले
उत्तरकाशी जिले में पांच संक्रमितों में चार दिल्ली और एक चंडीगढ़ से आया है। नैनीताल जिले में चार कोरोना पॉजिटिव मिले हैं। इनमें तीन दिल्ली और हल्द्वानी मेडिकल कालेज में भर्ती एक मरीज में संक्रमण की पुष्टि हुई है।
अल्मोड़ा जिले में दो संक्रमितों की ट्रेवल हिस्ट्री नहीं है। हरिद्वार में एक संक्रमित मरीज मध्य प्रदेश से लौटा था। पौड़ी और टिहरी जिले में एक-एक संक्रमित मिले हैं। जिनकी ट्रेवल हिस्ट्री नोएडा व मुंबई की है। शनिवार को पौड़ी, अल्मोड़ा और टिहरी जिले में 21 संक्रमितों को इलाज के बाद घर भेजा गया है। प्रदेेश में अब तक 2502 संक्रमित मरीज ठीक हो चुके हैं।
आज मिले संक्रमित
ऊधमसिंह नगर - 17
देहरादून - 08
बागेश्वर - 06
उत्तरकाशी - 05
नैनीताल - 04
हरिद्वार - 01
पौड़ी - 01
टिहरी - 01
कोशिश करें कोरोना से नहीं जाए किसी की जान : सीएम
मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि प्रदेश में कोरोना के सक्रिय मामलों में कमी आई है, लेकिन अभी भी लगातार सावधान रहने की जरूरत है। प्रशासनिक स्तर पर किसी तरह की ढील नहीं होनी चाहिए। कोशिश करें कि कोरोना संक्रमित किसी भी व्यक्ति की जान न जाए। कोरोना मृत्यु दर को कम करने पर विशेष ध्यान दें।
शनिवार को सचिवालय में मुख्यमंत्री ने वीडियो कांफ्रेंसिंग से कोरोना संक्रमण की रोकथाम व बचाव कार्यों की समीक्षा की। सीएम ने कहा कि कोरोना से जंग में लगातार सतर्कता जरूरी है। प्रदेेश की रिकवरी दर 81 प्रतिशत से अधिक हो गई है। मृत्यु दर को कम करने पर विशेष ध्यान दिया जाए। कोरोना के गंभीर मामलों पर जिलाधिकारी और सीएमओ स्वयं नजर रखें।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कांटेक्ट ट्रेसिंग, सर्विलांस और सैंपलिंग को बढ़ाया जाए। बैठक में मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह, सचिव स्वास्थ्य अमित सिंह नेगी, आयुक्त गढ़वाल रविनाथ रमन, आयुक्त कुमाऊं अरविंद सिंह ह्यांकी, प्रभारी सचिव स्वास्थ्य डॉ.पंकज कुमार पांडेय, आईजी संजय गुंज्याल, अपर सचिव युगल किशोर पंत, स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ.अमिता उप्रेती आदि मौजूद रहे।
अभी आराम का समय नहीं
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले चार माह में कोरोना संक्रमण को नियंत्रित करने के लिए काफी काम किया गया। जिससे प्रदेश में कोरोना की रिकवरी दर बढ़ी है, लेकिन अभी आराम का समय नहीं है। सीएम ने कहा कि कोरोना से जंग में आशा, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व अन्य फ्रंटलाइन वर्कर प्रमुख योद्धा हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आशा व आंगनबाड़ी वर्करों को मानदेय का समय पर भुगतान किया जाए।
कोरोना से ठीक हुए मरीजों के अनुभव साझा करें
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना से ठीक हुए लोगों के अनुभवों का वीडियो बना कर सोशल मीडिया पर साझा किया जाए। जिससे अन्य लोगों में कोरोना को लेकर और जागरूकता आए। मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह ने कहा कि प्रदेश में कोरोना को लेकर स्थिति धीरे-धीरे सुधर रही है। अन्य प्रदेशों की तुलना में राज्य की स्थिति बेहतर है। कोरोना संक्रमण को लेकर संवेदनशील बुजुर्गों, बच्चों और बीमार व्यक्तियों के हेल्थ स्टेटस की लगातार निगरानी की जाए।
कोरोना रोकने में टिहरी आगे अब मात्र तीन सक्रिय मामले
कोरोना वायरस संक्रमण को रोकने में टिहरी जिले ने कमाल का काम किया है। लॉकडाउन में जिस तेजी के साथ जिले में कोरोना संक्रमित मामले बढ़े थे, उससे दोगुनी रफ्तार में मरीज ठीक हुए हैं। जिले में मात्र तीन संक्रमित मरीज ही उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती हैं। प्रदेश के चार जिलों में सक्रिय मामले 10 से कम हैं।
प्रदेश में कोरोना से 110 दिनों की जंग लड़ने के बाद सकारात्मक नतीजे सामने आ रहे हैं। सक्रिय मामलों में स्थिरता आने से साथ रिकवरी और डबलिंग दर में तेजी से सुधार हो रहा है। टिहरी जिले में 20 मई को पहला संक्रमित मामला मिला था, यहां तीन जुलाई तक 418 कोरोना संक्रमित मामले हो चुके हैं। इनमें 415 मरीजों को इलाज के बाद घर भेजा जा चुका है।
जिले में तीन सक्रिय मामले हैं। इसी तरह रुद्रप्रयाग में 05, पिथौरागढ़ में 06 और चंपावत जिले में 09 सक्रिय कोरोना मामले हैं। नैनीताल जिले में सबसे अधिक 177 सक्रिय मामले हैं। जबकि दूसरे स्थान पर देहरादून जिले में 112 मामले हैं। प्रदेश में कोरोना संक्रमण को लेकर इसी तरह सतर्क रहे तो शीघ्र ही प्रदेश के चार जिले कोरोना मुक्त हो जाएंगे।
प्रदेश में कोरोना सक्रिय मामलों की संख्या पांच सौ से कम है। पिछले सात दिन में कोरोना की वृद्धि दर 0.56 प्रतिशत है। प्रदेश की रिकवरी दर 81 प्रतिशत से अधिक हो गई है। अन्य राज्यों की तुलना में प्रदेश में कोरोना संक्रमण पूरी तरह से नियंत्रण में है।
- अमित सिंह नेगी, सचिव स्वास्थ्य
तीन जिलों में एक भी संक्रमित व्यक्ति की मौत नहीं
प्रदेश में अब तक कोरोना संक्रमित 42 लोगों की मौत हो चुकी है। लेकिन चमोली, हरिद्वार और पिथौरागढ़ में अभी तक एक भी संक्रमित व्यक्ति की मौत नहीं हुई है। देहरादून जिले में सबसे अधिक 25 कोरोना पॉजिटिव की मौत हुई है। वहीं, नैनीताल, पौड़ी व ऊधमसिंह नगर में 03-03 संक्रमितों की मौत हुई है।