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Coronavirus: देश का पहला रिमोट हेल्थ मॉनिटरिंग सिस्टम तैयार, कोरोना वायरस के मरीजों को घर बैठे मिलेगा लाभ

Fri, 10 Apr 2020 12:25 PM IST
अलका त्यागी विनोद मुसान, अमर उजाला, ऋषिकेश
विनोद मुसान, अमर उजाला, ऋषिकेश Published by: अलका त्यागी Updated Fri, 10 Apr 2020 12:25 PM IST
सार

  • सुदूरवर्ती क्षेत्रों में कोरोना वायरस के संक्रमित मरीजों के पैरामीटर्स का कहीं से भी बैठकर लग सकेगा पता
  • एम्स ऋषिकेश और बीईएल बेंगलुरू ने संयुक्त रूप से बनाया सिस्टम

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Coronavirus in Uttarakhand: India First remote health monitoring system Set up in Rishikesh Aiims

विस्तार

ऋषिकेश के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) व रक्षा क्षेत्र में भारत सरकार की नवरत्न कंपनी भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (बीईएल) बेंगलुरू ने मिलकर देश का पहला रिमोट हेल्थ मॉनिटरिंग सिस्टम तैयार किया है। इसके माध्यम से सुदूरवर्ती संसाधन विहीन क्षेत्रों में कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों के वाइटल पैरामीटर्स का कहीं से भी बैठकर पता लग सकेगा।

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एम्स निदेशक प्रोफेसर रवि कांत ने बताया कि कोरोना वायरस के लगातार बढ़ते वैश्विक प्रकोप के चलते पर्सनल प्रोटेक्शन इक्विपमेंट (पीपीई) की व्यापक कमी थी। जिसके चलते हेल्थ केयर वर्कर्स के संक्रमित होने का काफी खतरा था।
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लिहाजा इसके मद्देनजर एम्स ऋषिकेश चिकित्सकीय दल ने बीईएल बेंगलुरू से संपर्क साधा। एम्स निदेशक ने बताया कि दोनों के संयुक्त प्रयासों से एक ऐसी डिजिटल चिकित्सकीय प्रणाली तैयार की गई है, जिसके तहत एम्स में बैठकर चिकित्सक मरीज के घर पर रहते हुए उसके शरीर का तापमान और रक्त में ऑक्सीजन की मात्रा एवं उसके सांस की गति की निगरानी कर सकते हैं।
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इससे मरीज अनावश्यक रूप से अस्पताल में भर्ती होने से बचेगा। एम्स निदेशक प्रो. रविकांत ने बताया कि बीईएल बेंगलुरू अपनी विशेषज्ञता के लिए जाना जाता है। लिहाजा इस सोल्यूशन के लिए बीईएल ने ऐसी प्रणाली का निर्माण किया है जो भारत के लिए चिकित्सा क्षेत्र में काफी उपयोगी साबित होगी।

वेबसाइट व मोबाइल एप का भी निर्माण किया

उन्होंने बताया कि इसके साथ ही एक वेबसाइट व मोबाइल एप्लीकेशन का भी निर्माण किया गया। जिसकी मदद से मरीज घर बैठे ही एम्स ऋषिकेश के चिकित्सकों को अपनी बीमारी के विषय में सूचित कर सकते हैं।

संस्था के चिकित्सक मरीज द्वारा बताए गए लक्षणों को देखने के बाद उचित परामर्श देंगे। सॉफ्टवेयर में यह व्यवस्था भी की गई है कि यदि मरीज की रिपोर्ट से लगता है कि वह कोरोना का संदिग्ध है तो उसे संस्थान से इसके लिए मॉनिटरिंग किट उपलब्ध कराई जाएगी।

जिससे वह स्वयं सरलता से घर पर बैठे ही इस किट का प्रयोग कर निरंतर इस प्रणाली से जुड़कर चिकित्सक से परामर्श ले सकते हैं। मरीज के वाइटल पैरामीटर्स उसके लोकेशन के साथ इंटरनेट के जरिये बिना अवरोध एम्स से कमांड व कंट्रोल सेंटर में प्रदर्शित होते रहेंगे। साथ ही ऐसे अलर्ट भी जारी करेंगे जिनमें मरीज को अस्पताल में भर्ती होने की आवश्यकता है या नहीं येे पता चल जाएगा।

गंभीर स्थिति की जानकारी भी देगा एप्लीकेशन

यह मोबाइल एप्लीकेशन यह भी प्रदर्शित करेगा कि प्रदेश के किन हिस्सों में बीमारी गंभीर रूप में फैलती जा रही है। एम्स निदेशक प्रो. रवि कांत व बीएचईएल बेंगलुरू के चेयरमैन एंड मैनेजिंग डायरेक्टर एमबी गौतम ने इस उपलब्धि के लिए डॉक्टर मोहित तायल व वरिष्ठ वैज्ञानिक राजशेखर को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने बताया कि यह तकनीक कोरोना वायरस से लड़ने में मील का पत्थर साबित होगी। 

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