Coronavirus In Uttarakhand: सहारनपुर से लौटकर मसूरी में होम क्वारंटीन हुए बुजुर्ग की मौत से सनसनी
- पुलिस के अनुसार बुजुर्ग हृदय रोग से पीड़ित थे, कोरोना जांच के लिए सैंपल भेजा
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सात मई को सहारनपुर से अपने घर मसूरी पहुंचे 60 वर्षीय बुजुर्ग की मौत से क्षेत्र में सनसनी फैल गई। बुजुर्ग को घर में क्वारंटीन किया गया था। पुलिस के अनुसार बुजुर्ग हृदय रोग से पीड़ित थे। हालांकि कोरोना जांच के लिए सैंपल भेजा गया है।
मसूरी कोतवाल विद्या भूषण नेगी के अनुसार सात मई को बुजुर्ग सहारनपुर से मसूरी अपने घर आए थे। प्रशासनिक टीम ने उन्हें और उनके परिवार को होम क्वारंटीन किया था। बुजुर्ग हृदय रोग से पीड़ित थे और 10 साल पहले उसकी बाईपास सर्जरी भी हुई थी। परिजनों के मुताबिक सोमवार शाम को सीने में दर्द की शिकायत पर उन्हें दवाई दी गई थी।
दवा खाने के बाद वह सो गए और सुबह नहीं उठे। इसके बाद स्वास्थ्य टीम को सूचना दी गई। स्वास्थ्य टीम ने कोविड-19 के नियम के अनुसार बुजुर्ग का कोरोना सैंपल ले लिया है। प्रशासनिक टीम के इंचार्ज डॉ. आलोक जैन और डॉक्टर जावेद ने बताया कि प्रथम दृष्टया बुजुर्ग की मौत हृदय गति रुकने से हुई है।
एहतियात के तौर पर शव दून अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया है। सैंपल की रिपोर्ट आने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। कोरोना रिपोर्ट नेगेटिव आने पर शव परिजनों के हवाले किया जाएगा। रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर कोविड-19 के नियम के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। कार्रवाई में एसएसआई बीएल भारती, एसआई सूरज कंडारी मौजूद रहे।
अब दून अस्पताल में आईसीयू में भी हो सकेगी डायलिसिस
दून अस्पताल में अब आईसीयू में भर्ती मरीजों की डायलिसिस भी हो सकेगी। इससे इमरजेंसी मरीजों को फायदा मिलेगा। अब तक आईसीयू में मशीन न होने के कारण भर्ती मरीजों की डायलिसिस कराने में खासी दिक्कत होती थी।
दून अस्पताल में अब तक नेफ्रो विभाग में ही डायलिसिस मशीन है, जबकि इमरजेंसी के कई मामलों में इसकी जरूरत पड़ती है। कई इमरजेंसी मामलों में आईसीयू में भर्ती मरीज की किडनी फेल हो जाती है, जिसके कारण उसे डायलिसिस की जरूरत होती है। अभी तक मरीज को डायलिसिस के लिए ले जाना खासा मुश्किल होता था, क्योंकि आईसीयू से हटाने पर मरीज को नुकसान हो सकता था।
इसके कारण कई बार मरीज की डायलिसिस नहीं हो पाती। इस समस्या को देखते हुए अस्पताल में लंबे समय से एक और डायलिसिस मशीन की आवश्यकता महसूस की जा रही थी। दून अस्पताल के वरिष्ठ नेफ्रोलॉजिस्ट डॉ. हरीश बसेरा ने कहा कि अब बहुत गंभीर मरीजों को वेंटिलेटर पर भी डायलिसिस दिया जा सकेगा। मरीजों की सुविधा के लिए नई पोर्टेबल डायलिसिस मशीन लगाई गई है।