उत्तराखंड: कोविड संक्रमण की रोकथाम के लिए हर परिवार को आइवरमेक्टिन दवा की किट देगी सरकार

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: अलका त्यागी Updated Wed, 12 May 2021 01:54 PM IST

सार

मुख्य सचिव ओम प्रकाश की ओर से इसका आदेश जारी कर दिया गया है। सरकार का कहना है कि 15 साल से अधिक उम्र वालों को तीन दिन के लिए यह दवा दी जा सकती है। 
 
दवा (प्रतीकात्मक तस्वीर)
दवा (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : PTI
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विस्तार

कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए उत्तराखंड सरकार अब प्रदेश में आइवरमेक्टिन दवा प्रत्येक परिवार को देगी। मुख्य सचिव ओम प्रकाश की ओर से इसका आदेश जारी कर दिया गया है। सरकार का कहना है कि 15 साल से अधिक उम्र वालों को तीन दिन के लिए यह दवा दी जा सकती है। 
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ठीक टीकाकरण की तरह ही संक्रमण की रोकथाम के लिए इस दवा का इस्तेमाल प्रदेश में किया जाएगा। मुख्य सचिव की ओर से जारी आदेश के मुताबिक प्रत्येक परिवार के लिए किट तैयार की जाएगी और स्वयं सहायता समूहों के जरिए यह किट प्रत्येक परिवार तक पहुंचाई जाएगी। इसके लिए गैर सरकारी संस्थाओं को प्रति किट एक रुपया दिया जाएगा। बताया गया कि राज्य स्तरीय तकनीकी परामर्श समिति की ओर से हरी झंडी मिलने के बाद ही यह कदम उठाया गया है। 


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एक अभियान के तहत बांटी जाएगी दवा
आइवरमेक्टिन दवा को एक अभियान के रूप में बांटा जाएगा। इसमें ग्राम पंचायत से लेकर आंगनबाड़ी वर्कर, ग्राम विकास अधिकारी, ग्राम पंचायत अधिकारी सहित अन्य का सहयोग लिया जाएगा। 

गोवा भी कर रहा है यह प्रयोग
गोवा सरकार ने पांच दिन के लिए प्रत्येक परिवार को आइवरकमेक्टिन दवा देने का फैसला किया है। गोवा के एक मंत्री ने ट्वीट कर यह जानकारी भी दी और इटली, स्पेन आदि में हुए अध्ययन का हवाला देते हुए कहा है कि यह दवा कोरोना में कारगर साबित हुई है। आइवरमेक्टिन मूल रूप से जानवरों में गोल कृमि आदि परजीवियों को खत्म करने वाली दवा है।

विश्व स्वास्थ्य संगठन जता चुका है एतराज
जिस तरह से रेमडेसिविर को लाइफ सेविंग ड्रग नहीं माना गया है, उसी तरह विश्व स्वास्थ्य संगठन ने आइवरमेक्टिन के उपयोग के प्रति भी आगाह किया है। इसके बावजूूूद राज्य इस दवा के उपयोग को व्यापक स्तर पर प्रयोग की अनुमति दे रहे हैं। कारण यह भी हैं कि दवा को लेकर दोनों तरह के शोध सामने आए हैं। 

यह रहेगी डोज
15+ की उम्र में- 12 मिलीग्राम की एक गोली सुबह और एक गोली शाम को खाना खाने के बाद तीन दिन के लिए। इस हिसाब से किट में एक व्यक्ति के लिए छह गोलियां होंगी। 
10 से 15 साल के बच्चों के लिए हर रोज 12 एमजी की एक गोली दिन में खाना खाने के बाद। 
दो से लेकर दस साल तक के बच्चों को डाक्टर की सलाह पर ही दवा दी जाएगी। 
दो वर्ष से कम उम्र के बच्चों, गर्भवती महिलाओं, स्तनपान कराने वाली महिलाओं और लीवर रोग से ग्रसित व्यक्तियों को यह दवा नहीं दी जाएगी।

हाईकोर्ट ने दिए भोजन पहुंचा रहे स्वयंसेवी संस्थाओं और समाजसेवियों को कर्फ्यू पास जारी करने के निर्देश

नैनीताल हाईकोर्ट ने कोविड पॉजिटिव परिवारों को भोजन पहुंचा रहे स्वयंसेवी संस्थाओं व समाजसेवियों को कर्फ्यू पास जारी करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही ऑक्सीजन सिलिंडर से संबंधित प्रतिष्ठानों को शाम सात बजे बंद करने की छूट देने के लिए कहा है।  

मुख्य न्यायाधीश आरएस चौहान एवं न्यायमूर्ति आलोक कुमार वर्मा की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। मामले के अनुसार देहरादून निवासी अनु पंत ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर कहा था कि देहरादून में ऑक्सीजन आपूर्ति के लिए जारी दस नंबरों में से सात नंबर बंद हैं या वहां से ऑक्सीजन की कमी हो रही है।

याचिका में कहा गया कि पिछली सुनवाई में कोर्ट ने ऑक्सीजन से संबंधित सूची अपडेट करने के निर्देश जिलाधिकारी दून को दिए थे। याचिकाकर्ता का कहना था कि कोविड संक्रमण से प्रभावित परिवारों की मदद के लिए जो समाजसेवी संस्थाएं या समाजसेवी सामने आ रहे हैं, उन्हें पाबंदियों के उल्लंघन पर मुकदमों का सामना करना पड़ रहा है।

संस्थाओं को जारी मौखिक आदेश पर सरकार ने भी सहमति जताई थी। कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 20 मई की तिथि नियत की है।
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