Coronavirus: जांच के लिए लैब बढ़ने के बाद भी सैंपलिंग में नहीं आई तेजी, 6000 तक पहुंची वेटिंग
- प्रदेश में औसतन प्रतिदिन जांच के लिए भेजे जा रहे 1200 सैंपल
विस्तार
उत्तराखंड सरकार की तमाम कोशिशों के बाद भी कोरोना सैंपलों की जांच में तेजी नहीं आई है। हालांकि प्रदेश सरकार ने सैंपलों की जांच के लिए लैबों की संख्या बढ़ाई है लेकिन प्रतिदिन हजार से 1200 सैंपलों की जांच हो रही है। ऐसे में सैंपलों की वेटिंग छह हजार से अधिक हो गई है।
प्रदेश में कोरोना संक्रमण का पहला मामला 15 मार्च को मिला था। शुरूआत में कोरोना सैंपल की जांच के लिए कोई सुविधा नहीं थी। वर्तमान में पांच सरकारी और दो निजी लैब में कोविड सैंपलों की जांच हो रही है। वहीं एनसीडीसी दिल्ली और पीजीआई चंडीगढ़ भी सैंपल जांच के लिए भेजे जा रहे हैं।
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स्वास्थ्य विभाग की ओर रिपोर्ट के अनुसार 21 से 27 जून तक 10277 सैंपलों की जांच की गई है। वहीं 28 जून से चार जुलाई तक 10185 सैंपल की जांच की गई। सरकार का दावा है कि सभी जिलों को सैंपल जांच के लिए ट्रूू नेट मशीनें और तीन मेडिकल कॉलेजों में स्थापित लैब की क्षमता बढ़ाने के लिए आधुनिक मशीनों और उपकरणों की खरीद के लिए 11.25 करोड़ की राशि जारी की गई है।
एक जुुलाई के बाद प्रदेश में सैंपलिंग जांच की स्थिति
प्रभारी सचिव डॉ. पंकज कुमार पांडेय का कहना है कि प्रदेश में पहले की तुलना में सैंपलिंग बढ़ी है। इसमें और तेजी लाने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। प्रदेश में स्थापित लैब के अलावा बाहरी राज्यों से भी सैंपल जांच कराए जा रहे हैं।
तारीख जांच के लिए भेजे सैंपल टेस्टिंग सैंपल की रिपोर्ट
एक जुलाई 951 1488
दो जुलाई 1143 1205
तीन जुलाई 1224 1342
चार जुलाई 1021 2461
पांच जुलाई 838 1606