उत्तराखंड में कोरोना: रविवार को मिले नौ नए संक्रमित, द दून स्कूल के दो और छात्र कोरोना पॉजिटिव
Corona Cases in Uttarakhand Today: रविवार को 10 जिलों अल्मोड़ा, बागेश्वर, चमोली, चंपावत, हरिद्वार, पौड़ी, रुद्रप्रयाग, टिहरी ,ऊधमसिंह नगर और उत्तरकाशी में एक भी संक्रमित मरीज नहीं मिला है।
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उत्तराखंड में बीते 24 घंटे में नौ नए कोरोना संक्रमित मिले हैं। वहीं, एक भी मरीज की मौत नहीं हुई है। जबकि सात मरीजों को ठीक होने के बाद घर भेजा गया। सक्रिय मामलों की संख्या 178 पहुंच गई है।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी बुलेटिन के अनुसार, रविवार को 10860 सैंपलों की जांच रिपोर्ट निगेटिव आई है। 10 जिलों अल्मोड़ा, बागेश्वर, चमोली, चंपावत, हरिद्वार, पौड़ी, रुद्रप्रयाग, टिहरी ,ऊधमसिंह नगर और उत्तरकाशी में एक भी संक्रमित मरीज नहीं मिला है। वहीं, देहरादून में छह, नैनीताल में दो और पिथौरागढ़ में एक संक्रमित मरीज मिला है।
उत्तराखंड में कोरोना: वैक्सीन की कमी नहीं, लेकिन संक्रमण की तरह घट रही कोविड टीकाकरण की रफ्तार
संक्रमण दर 0.08 प्रतिशत पहुंची
प्रदेश में अब तक कोरोना के कुल संक्रमितों की संख्या 343756 हो गई है। इनमें से 330054 लोग ठीक हो चुके हैं। प्रदेश में कोरोना के चलते अब तक कुल 7397 लोगों की जान जा चुकी है। प्रदेश की रिकवरी दर 96.01 प्रतिशत और संक्रमण दर 0.08 प्रतिशत दर्ज की गई है।
द दून स्कूल के दो और छात्र कोरोना पॉजिटिव
देहरादून के प्रतिष्ठित द दून स्कूल के दो और छात्रों में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई है। इसके बाद स्कूल में संक्रमित छात्रों की संख्या चार हो गई है। स्कूल प्रशासन ने भी सतर्कता बढ़ा दी है। स्कूल के मुख्य गेट पर रैपिड एंटीजन टेस्ट की रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद ही छात्रों को प्रवेश दिया जा रहा है। सप्ताह में दो बार छात्रों और कर्मचारियों की आरटीपीसीआर जांच की जा रही है।
बीते शनिवार को स्कूल के दो छात्र कोरोना संक्रमित मिले थे, उन्हें आइसोलेशन में रखा गया है। उनके संपर्क में रहे छात्रों और शिक्षकों की जांच करवाई जा रही है। स्कूल प्रशासन का कहना है कि कोरोना संक्रमण से बच्चों और शिक्षकों को सुरक्षित रखने के लिए गाइडलाइन का सख्ती से पालन किया जा रहा है। बताया कि अगस्त के अंत से बच्चों का स्कूल आने का सिलसिला शुरू हो गया था। दो संक्रमित छात्रों के संपर्क में स्कूल के आठ अन्य छात्र आए थे।
जिन्हें स्कूल परिसर में बने कोविड केयर सेंटर में रखा गया और कोरोना जांच करने के बाद दो अन्य छात्रों में भी संक्रमण की पुष्टि हुई। सभी संक्रमित छात्रों को कोविड केयर सेंटर में चिकित्सकों की निगरानी में रखा गया है। इस संबंध में जिलाधिकारी से भी संपर्क किया जा रहा है।
सात महीने में हुई सबसे कम कोविड सैंपल जांच
प्रदेश में कोरोना संक्रमितों की संख्या कम होने के साथ कोविड सैंपल जांच घट गई है। सात महीने में सबसे कम सैंपलों की जांच की गई। त्योहारी सीजन में सार्वजनिक स्थानों पर भीड़भाड़ से संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है।
प्रदेश में कोरोना काल को 581 दिन का समय बीत गया है लेकिन वर्तमान संक्रमण काबू में है। पहले की तुलना में सैंपल जांच काफी कम हुई है। 10 से 16 अक्तूबर तक प्रदेश में 90037 सैंपलों की जांच की गई। जिसमें 85 लोग कोरोना संक्रमित मिले हैं। वहीं, 63 संक्रमित स्वस्थ हुए हैं। बीते सात दिनों में संक्रमितों की तुलना में ठीक होने वालों की संख्या कम है।
सोशल डेवलपमेंट फॉर कम्युनिटी फाउंडेशन के अध्यक्ष अनूप नौटियाल का कहना है कि प्रदेश में कोरोना संक्रमण काबू में है। पिछले सात महीनों में एक सप्ताह में सबसे कम सैंपल जांच की गई। त्योहारी सीजन को देखते हुए सरकार और स्वास्थ्य विभाग को सैंपलिंग बढ़ाने पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। अभी संक्रमण का खतरा कम नहीं हुआ है।
कोरोना टीकाकरण के लक्की ड्रॉ को लेकर रणनीति तय
कोविड टीकाकरण की दूसरी खुराक लगाने पर लक्की ड्रा की योजना योजना को लेकर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मनोज उप्रेती ने मातहत अधिकारियों को जरूरी दिशा निर्देश दिए हैं। इसके लिए सीएमओ कार्यालय में आयोजित बैठक में कई अधिकारियों ने ऑनलाइन भी हिस्सा लिया।
जिला प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग व देहरादून स्मार्ट सिटी परियोजना लिमिटेड के संयुक्त प्रयास से 18 अक्तूबर से दो नवंबर के बीच कोविड-19 टीके की दूसरी खुराक लगवाने पर पात्र लाभार्थियों को लकी ड्रॉ एवं मेगा लकी ड्रॉ की माध्यम से पुरस्कृत किया जाना है। इसके लिए जिले के सभी कोविड-19 टीकाकरण केंद्रों के प्रभारी व कार्यरत टीम को जारी दिशा-निर्देशों का पालन करना अनिवार्य है।
जिले की सभी चिकित्सा इकाइयों द्वारा अपने-अपने क्षेत्रों में कार्यरत एएनएम, आशा, आंगनबाड़ी, कम्यूनिटी हेल्थ ऑफिसर और जनप्रतिनिधियों के माध्यम से व्यापक प्रचार-प्रसार करेंगे। यह सुनिश्चित कर लें कि प्रत्येक कोविड-19 टीकाकरण केंद्र पर पारदर्शी बॉक्स (सीलयुक्त) व लकी ड्रा कूपन उपलब्ध होना अनिवार्य है। वैक्सीनेशन टीम द्वारा कोविड-19 टीके की दूसरी खुराक लगाने वाले प्रत्येक लाभार्थी को लकी ड्रा के बारे में जानकारी देनी होगी। सत्यापन अधिकारी द्वारा टीके की दूसरी खुराक लगाने वाले लाभार्थियों को कोविन पोर्टल पर सत्यापित करने व टीका लगाने के बाद ही लकी ड्रॉ कूपन भरा जाएगा।
इसमें कूपन से लाभार्थी वाली रसीद लाभार्थी को व लकी ड्रॉ कूपन वाली रसीद पारदर्शी बॉक्स में डालना होगा, जिसको सुरक्षित रखना होगा। जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. दिनेश चौहान ने बताया कि किसी प्रकार के संशय होने पर या अधिक जानकारी के लिए जिला प्रतिरक्षण टीम व जिला कोविन पोर्टल टीम से संपर्क किया जा सकता है