Coronavirus In Uttarakhand: निजी लैब में सबकी नहीं होगी कोरोना की मुफ्त जांच, केवल इन मरीजों को मिलेगी सुविधा
- निजी लैब में आरटी-पीसीआर के एक सैंपल की 4500 रुपये में परीक्षण
- सभी लोगों की नहीं होगी मुफ्त जांच
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कोरोना वायरस की जांच कराने के लिए निजी लैब में सबको मुफ्त जांच की सुविधा नहीं है। निजी हॉस्पिटल या क्लीनिक के डॉक्टर की सलाह पर कोई मरीज सीधे निजी लैब में कोरोना का टेस्ट करवाता है तो उसे पैसा देने होंगे। भले ही उसके पास आयुष्मान योजना का गोल्डन कार्ड हो। उसे मुफ्त जांच की सुविधा तभी मिल सकती है जब आयुष्मान योजना में पंजीकृत सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों में मरीज भर्ती होगा।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से अभी तक मेडिकल कॉलेज हल्द्वानी और एम्स ऋषिकेश में कोरोना की जांच हो रही है। प्रदेश में एक निजी लैब में भी कोरोना वायरस की जांच शुरू हो गई है। जांच किट महंगी होने से निजी पैथोलॉजी लैब में एक सैंपल की जांच 4500 रुपये में हो रही है। सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों के डॉक्टर टेस्टिंग प्रोटोकॉल के अनुुसार कोरोना के संदिग्ध लक्षण दिखाई देने पर सैंपल की जांच करने की सलाह दे सकते हैं।
प्राइवेट डॉक्टर की सलाह पर निजी लैब में टेस्ट करने वाले मरीज को जांच की पूरी फीस देनी होगी। आयुष्मान कार्ड धारक मरीज को मुफ्त जांच का लाभ मिल सकता है, जब वह सरकारी अस्पताल या योजना में पंजीकृत अस्पताल में भर्ती होगा। स्वास्थ्य विभाग की ओर से सैंपल जांच के लिए निजी लैब में भेजा जाता है, तो उसका भुगतान भी विभाग निजी लैब को करेगा।
आईसीएमआर की अनुमति के बाद निजी पैथोलॉजी लैब में डॉक्टर की सलाह पर कोई भी मरीज कोरोना संक्रमण का टेस्ट करा सकता है। डॉक्टरों को टेस्टिंग प्रोटोकॉल का पूरी तरह से पालन करना होगा। आयुष्मान योजना में मुफ्त सैंपल जांच की सुविधा है। लेकिन वह तभी मिलेगी, जब मरीज योजना में पंजीकृत अस्पतालों में इलाज कराएगा। सरकारी अस्पतालों से कोई सैंपल जांच के लिए निजी लैब भेजा जाता है तो उसका भुगतान विभाग करेगा।
- युगल किशोर पंत, अपर सचिव स्वास्थ्य