Coronavirus In Uttarakhand: भाजपा विधायकों ने दी वेतन कटौती की सहमति, विरोध में उतरी कांग्रेसी
- नेता प्रतिपक्ष डॉ. इंदिरा हृदयेश ने कहा फैसले से पहले विश्वास में नहीं लिया गया इसलिए नहीं देंगे सहमति
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उत्तराखंड में सत्तारूढ़ भाजपा के तकरीबन सभी विधायकों ने अपने वेतन और भत्तों में 30 प्रतिशत कटौती को लेकर विधानसभा को सहमति दे दी है। विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल ने सभी विधायकों से दोबारा अपील की थी। लेकिन, कांग्रेस विधायकों पर उनकी अपील का अब तक कोई असर नहीं हैं। नेता प्रतिपक्ष डॉ. इंदिरा हृदयेश ने साफ कर दिया है कि प्रदेश सरकार ने चूंकि विपक्ष को विश्वास में नहीं लिया, इसलिए वे वेतन भत्तों में कटौती की सहमति नहीं देंगे।
प्रदेश मंत्रिमंडल के फैसले के बाद विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल ने सभी विधानसभा सदस्यों से वेतन भत्तों में कटौती को लेकर अपनी सहमति देने की अपील की थी। लेकिन शुरुआत में केवल एक दो विधायकों ने ही सहमति दी। इसे लेकर प्रदेश सरकार को भी असहज होना पड़ा।
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष बंशीधर भगत को भी विधायकों से अपील करनी पड़ी कि वे कोविड फंड में योगदान देने के लिए वेतन कटौती को लेकर अपनी सहमति दें। इस बीच विधानसभा अध्यक्ष ने भी विधायकों को दोबारा पत्र भेजे। सोशल मीडिया के माध्यम से भी अपील की।
इसका असर दिखा। विधानसभा सचिवालय के सूत्रों के मुताबिक, भाजपा के लगभग सभी विधायकों की सहमति प्राप्त हो चुकी है। निर्दलीय विधायकों ने भी अपनी सहमति दे दी है। लेकिन कांग्रेस के किसी विधायक ने अभी तक अपनी सहमति नहीं दी है। विपक्षी विधायकों पर स्पीकर की अपील का फिलहाल असर नहीं दिखा है।
विधायकों को जारी होगा दो माह का वेतन
वेतन भत्तों में कटौती की सहमति के इंतजार में विधानसभा सचिवालय विधायकों का वेतन जारी नहीं कर सका था। अब सभी विधायकों को दो माह का वेतन जारी होगा। उनके सहमति पत्र के हिसाब से कटौती के साथ वेतन जारी होगा।