बदरीनाथ में ऑनलाइन बिक रही ‘बदरी तुलसी’, श्रद्धालुओं की ओर से बदरीविशाल को अर्पित की जा रही माला
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कोरोना संक्रमण के चलते बदरीनाथ धाम की तीर्थयात्रा रुकी होने के बावजूद यहां की ‘बदरी तुलसी’ ऑनलाइन बिक रही है। पूर्व में धाम की यात्रा पर आ चुके श्रद्धालु बदरीनाथ धाम से सटे बामड़ी के ग्रामीणों से ऑनलाइन तुलसी की माला खरीद रहे हैं और ऑनलाइन ही भक्तों को दिखाकर भगवान बदरीनाथ को अर्पित कर रहे हैं।
तुलसी की यह माला 101 से 501 रुपये तक बिक रही है और हर रोज 50 से अधिक मालाएं भगवान को चढ़ाई जा रही हैं। बामड़ी गांव में इन दिनों लगभग 70-80 परिवार निवास कर रहे हैं। गांव के युवा और महिलाएं कृषि कार्य के साथ ही सुबह तुलसी तोड़कर उनकी माला बनाने में जुट जाते हैं। ग्रामीण भक्तों से ऑनलाइन संपर्क कर उनके नाम से बदरीनाथ धाम में प्रसाद व तुलसी माला भेंट करने की सहमति मांगते हैं, अनुमति मिलने पर संबंधित व्यक्ति को इसका ऑनलाइन भुगतान हो जाता है।
इसके बाद भक्तों की ओर से तुलसी की माला भगवान बदरीनाथ को चढ़ाई जाती है। बामणी गांव के माउंटेन ट्रैक्स समिति के राहुल मेहता बताते हैं कि तुलसी की माला से ग्रामीणों की आमदनी भी हो रही है और भक्तों की इच्छा भी पूरी हो रही है। स्वरोजगार की दिशा में ग्रामीणों की यह अनूठी पहल है।
तीर्थयात्रियों को मिल रहा सुकून
दिल्ली के सुबोध शर्मा का कहना है कि इस बार बदरीनाथ धाम की तीर्थयात्रा की इच्छा थी, लेकिन कोरोना के कारण धाम नहीं आ सकता। लेकिन बामणी गांव के युवाओं ने बदरीनाथ जी के दर्शन करने और प्रसाद भेंट करने की इच्छा पूरी कर दी। कई अन्य तीर्थयात्री भी बदरीनाथ भगवान को तुलसी माला भेंट करने के लिए संपर्क कर रहे हैं।
औषधीय गुण समेटे है बदरी तुलसी
बदरीनाथ धाम में तुलसी की पैदावार बड़े पैमाने पर होती है। इसे बदरी तुलसी नाम से जाना जाता है। धार्मिक आस्था के साथ ही यह तुलसी अपने में औषधीय गुण समेटे है। बदरी तुलसी चर्म रोग (लेसमेनियासिस), डायरिया, डायबिटीज, घाव, बाल झड़ना, सिर दर्द, बुखार, कफ-खांसी, बैक्टीरियल संक्रमण जैसे रोगों को दूर करने में फायदेमंद है।