फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   Coronavirus in Uttarakhand : 50 Thousand Migrants Return to state

उत्तराखंड में कोरोना की दूसरी लहर: 50 हजार प्रवासी लौटे, मई में बढ़ गई रफ्तार

Tue, 11 May 2021 09:41 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: अलका त्यागी Updated Tue, 11 May 2021 09:41 PM IST
सार

कोरोना की पहली लहर में प्रदेश में करीब तीन लाख प्रवासी लौटे थे और इनमें से महज 30 प्रतिशत ही वापस गए। इस बार फिर दिल्ली सहित अन्य कई राज्यों में लॉकडाउन की वजह से प्रवासियों का लौटना शुरू हो गया है। 

विज्ञापन
Coronavirus in Uttarakhand : 50 Thousand Migrants Return to state
उत्तराखंड पहुंचे प्रवासी - फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो

विस्तार

मई माह में उत्तराखंड में गांवों में कोविड प्रबंधन का दबाव भी अब सरकार पर बढ़ गया है। अब तक करीब 50 हजार प्रवासी लौट चुके हैं और सरकार को अब इनके लिए गांवों में क्वारंटीन सेंटरों की व्यवस्था करनी होगी और कोरोना संक्रमण को फैलने से रोकने का पुख्ता इंतजाम करना होगा। 

विज्ञापन


कोरोना की पहली लहर में प्रदेश में करीब तीन लाख प्रवासी लौटे थे और इनमें से महज 30 प्रतिशत ही वापस गए। इस बार फिर दिल्ली सहित अन्य कई राज्यों में लॉकडाउन की वजह से प्रवासियों का लौटना शुरू हो गया है। 
विज्ञापन


उत्तराखंड में कोरोना: 24 घंटे में 118 मरीजों की मौत, 7120 नए संक्रमित मिले, मृतकों की संख्या चार हजार पार
विज्ञापन
विज्ञापन


शासन स्तर पर की गई पड़ताल से सामने आया कि करीब 50 हजार प्रवासी वापस लौटे हैं। 21 अप्रैल से पंजीकरण शुरू किया गया था और प्रवासियों से कहा गया था कि वे स्मार्ट सिटी की वेबसाइट पर पंजीकरण कराएं। प्रदेश सरकार के लिए चौंकाने वाली बात यह है कि मई माह में प्रवासियों के लौटने की रफ्तार बढ़ी है।

कोरोना काल: शव यात्रा के लिए भी मिलने लगे किराए के कंधे, सामान ढोने वाले मजदूर संक्रमितों के शव ढोने को तैयार

यह तब है जबकि मई माह में प्रदेश में कोरेेना विस्फोट हुआ है और रोज पांच हजार से ज्यादा मामले सामने आ रहे हैं। पंचायत विभाग के एक अधिकारी के मुताबिक एक मई से लेकर दस मई के बीच पहले आए प्रवासियों की तुलना में दोगुने प्रवासी वापस लौटे हैं। 

प्रदेश सरकार पर दोहरा दबाव, रोजगार और संक्रमण से बचाव का इंतजाम करना होगा

प्रवासियों के लौटने के साथ  ही सरकार पर दोहरा दबाव है। पहला दबाव तो बुनियादी ढांचे के विकास का ही है। क्वारंटीन सेंटरों से लेकर उपचार आदि की व्यवस्था उन क्षेत्रों में करनी होगी, जहां अभी तक इनका अभाव है। दूसरा, रोजगार उपलब्ध कराने का भी दबाव होगा। नेतृत्व परिवर्तन के बाद मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना आदि ठंडे बस्ते में हैं। मनरेगा का ही सरकार को अधिक सहारा है। 

कहां कितने लौटे
अल्मोड़ा     17747
बागेश्वर       1723
चमोली       1418
चंपावत      1746
देहरादून      2142
हरिद्वार        1090
नैनीताल       3286
पौड़ी          12270
पिथौरागढ़    1845
रुद्रप्रयाग     1088
टिहरी         3618
यूएस नगर  1625
उत्तरकाशी    379

गांवों की ओर प्रवासी लौट रहे हैं। प्रदेश सरकार का साफ आदेश है कि बाहर गांवों में आने वालों को सात दिन तक क्वारंटीन सेंटर में रहना होगा। पंचायतों को इसका आदेश जारी किया जा चुका है और क्वांरटीन सेंटर सहित अन्य सुविधाओं के लिए पैसा भी जारी किया जा चुका है। जिला पंचायत राज अधिकारियों के साथ ही ग्राम प्रधानों से भी लगातार फीडबैक देने को कहा गया है। 
-हरि चंद्र सेमवाल, सचिव पंचायतीराज और नोडल अधिकारी

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed