Coronavirus: रेड जोन से उत्तराखंड लौट रहे प्रवासी साथ ला रहे संक्रमण, एक हफ्ते में मिले 17 संक्रमित
- उत्तराखंड में स्वास्थ्य विभाग को सैंपलिंग और सर्विलांस बढ़ाने की जरूरत
- गुजरात, हरियाणा, दिल्ली, अहमदाबाद से उत्तराखंड लौटे हैं प्रवासी
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उत्तराखंड में हर रोज बड़ी तादाद में बाहरी राज्यों के रेड जोन से प्रवासी लौट रहे हैं। जिससे उत्तराखंड में कोरोना संक्रमण का खतरा बढ़ रहा है। पिछले एक सप्ताह के अंदर पांच जिलों में कोरोना संक्रमितों के 17 मामले सामने आए हैं। संक्रमित मरीजों में प्रवासी हैं, जो गुजरात, हरियाणा, दिल्ली, अहमदाबाद से उत्तराखंड लौटे हैं। संक्रमण की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग ने सैंपलिंग और सर्विलांस नहीं बढ़ाई तो मुश्किलें खड़ी हो सकती है।
प्रदेश में कोरोना संक्रमण का पहला मामला 15 मार्च को मिला था। लेकिन 31 मार्च तक प्रदेश में संक्रमित मरीजों की संख्या सात थी। इसके बाद बाहरी राज्यों से जमात में शामिल लोगों को राज्य में आने से संक्रमण के मामलों ने रफ्तार पकड़ी। अब प्रवासियों के लौटने से प्रदेश में संक्रमण के मामले बढ़ रहे हैं। यहां तक की पहाड़ों में भी संक्रमण पहुंच रहा है। उत्तरकाशी, अल्मोड़ा, देहरादून, ऊधमसिंह नगर, नैनीताल में 17 प्रवासी कोरोना संक्रमित पाए गए हैं।
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अल्मोड़ा में 37 दिन बाद मिला कोरोना संक्रमित
अल्मोड़ा जनपद में पांच अप्रैल को पहला कोरोना संक्रमित मिला था। पिछले 37 दिनों के बाद गत बुधवार को गुरुग्राम से रानीखेत लौटे युवक में कोरोना संक्रमण पाया गया। जबकि रेड जोन में शामिल हरिद्वार जनपद में 18 अप्रैल के बाद कोरोना संक्रमित नहीं मिला है।
जिलेवार कोरोना संक्रमण की स्थिति
| जनपद | संक्रमित | ठीक हुए मरीज |
| देहरादून | 39 | 28 |
| हरिद्वार | 07 | 06 |
| नैनीताल | 12 | 10 |
| ऊधमसिंह नगर | 16 | 04 |
| उत्तरकाशी | 01 | - |
| अल्मोड़ा | 02 | 01 |
| पौड़ी | 01 | 01 |
प्रदेश में कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए पूरी तरह से सतर्कता बरती जा रही है। बाहरी राज्यों से आ रहे प्रवासियों में संक्रमण पाया जा रहा है। जो क्षेत्र संक्रमण से ज्यादा प्रभावित हैं, वहां से सैंपलिंग अधिक की जा रही है। बाहर से आने वाले हर व्यक्ति की मेडिकल जांच के साथ क्वारंटीन किया जा रहा है।
- युगल किशोर पंत, अपर सचिव स्वास्थ्य