उत्तराखंड: दो और ट्रेनी आईएफएस में कोरोना वायरस की हुई पुष्टि, अब तक सामने आए तीन मामले
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उत्तराखंड में जानलेवा कोरोना वायरस संक्रमण के दो और मामले सामने आए हैं। मेडिकल कालेज हल्द्वानी की लैब रिपोर्ट में इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वन अकादमी के दो ट्रेनी आईएफएस अफसर वायरस के सक्रमण की पुष्टि हुई है।
दोनों को सरकारी अस्पतालों में भर्ती कराया जा रहा है। प्रदेश में वायरस संक्रमित मरीजों की संख्या तीन हो गई है। तीनों ट्रेनी आईएफएस इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वन अकादमी से प्रशिक्षण ले रहे थे।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार 28 फरवरी को ट्रेनी आईएफएस का एक दल ट्रेनिंग टूर पर स्पेन गया हुआ था। 10 दिन के बाद टूर देहरादून लौटा था। अकादमी की ओर से जिला स्वास्थ्य विभाग को जानकारी देने के बाद उनके अलावा दूसरे देशों से भी ट्रेनिंग टूर से लौटे दलों में शामिल ट्रेनी आईएफएस के भी सैंपल लिए गए।
इनमें से शुरूआत में छह ट्रेनी आईएफएस के सैंपल हल्द्वानी स्थित डॉ. सुशीला तिवारी मेडिकल कॉलेज की लैब भेजा था। जिसमें से एक ट्रेनी आईएफएस में कोरोना की पुष्टि हुई थी।
इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वन अकादमी आइसोलेशन जोन घोषित
जिन्हें रविवार को दून अस्पताल में भर्ती किया गया। उसके बाद उनके संपर्क में आए 27 और सैंपल भेजे गए। जिनमें से बृहस्पतिवार को जो रिपोर्ट आई उनमें दो और ट्रेनी आईएफएस में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई है।
विदेश भ्रमण से आए दो और प्रशिक्षु आईएफएस अफसरों में कोरोना वायरस संक्रमण पाया गया है। दोनों ट्रेनी अफसरों को कड़ी निगरानी में आईसोलेशन में रखा जाएगा। संक्रमण की रोकथाम के लिए विभाग की ओर से कड़ी निगरानी रखी जा रही है। संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आए लोगों को आईसोलेशन में रखा जा रहा है। जिससे संक्रमण अन्य लोगों में न फैलें।
-डॉ. पंकज कुमार पांडेय, प्रभारी सचिव, स्वास्थ्य
अकादमी में सुरक्षा के सारे एहतियाती कदम उठाए गए हैं। जहां ट्रेनी आईएफएस और अन्य को कोरोनटाइन किया गया है। वहां भारी सुरक्षा तैनात कर दी गई है। साथ ही प्रदेश के स्वास्थ्य विभाग से भी लगातार संपर्क किया जा रहा है। दोनों संक्रमित ट्रेनी आईएफएस को सरकारी अस्पतालों में भर्ती कराया जा रहा है।
-एसके अवस्थी, अतिरिक्त निदेशक, अकादमी
अब तक 114 सैंपल जांच को भेजे, तीन पॉजिटिव
कोरोना वायरस संक्रमण की जांच के लिए प्रदेश भर से कुल 114 सैंपल अब तक जांच के लिए मेडिकल कालेज हल्द्वानी भेजे गए। इसमें 82 मामले निगेटिव पाए गए। जबकि स्पेन के शैक्षिक भ्रमण से लौटे इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वन अकादमी के तीन प्रशिक्षु आईएफएस अधिकारियों के सैंपल में वायरस का संक्रमण पॉजिटिव पाया गया। 29 सैंपलों की लैब रिपोर्ट आनी बाकी है। प्रदेश के एयरपोर्ट पर अब तक बाहर से आने वाले 45352 लोगों की स्क्रनिंग की गई है।
रणनीति बनाने को उच्च स्तर पर बैठकें
शासन स्तर पर सचिव स्वास्थ्य नितेश कुमार झा की अध्यक्षता में कोरोना वायरस संक्रमण की रोकथाम के लिए रणनीति बनाने को पूरे दिन बैठकों का दौरा चलता रहा। वायरस से संक्रमित दो और मामले सामने आने पर विभाग में खलखली मची है। विभाग के उच्च अधिकारी व्यवस्था और तैयारियों को लेकर निचले स्तर से फीडबैक लेते रहे।
ट्रेनी आईएफ एस की हालत सामान्य
राजकीय दून मेडिकल अस्पताल में भर्ती ट्रेनी आईएफएस की हालत अब सामान्य है। जबकि दून अस्पताल और कोरोनेशन में भर्ती क्रमश: आठ और पांच संदिग्ध मरीजों का इलाज विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम की देखरेख में चल रहा है। स्पेन से लौटे दल में शामिल इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वन अकादमी के ट्रेनी आईएफएस को रविवार शाम दून अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इनकी हालत अब सामान्य बनी हुई है।
विशेषज्ञ डॉक्टर इनका उपचार कर रहे हैं। इसके अलावा अस्पताल में भर्ती आठ अन्य संदिग्ध मरीजों का भी स्वास्थ्य सामान्य है। जिनमें दो छात्र-छात्राओं की रिपोर्ट निगेटिव आ चुकी है। लेकिन दोनों को अस्पताल के आइसोलेशन में रखा गया है।
उधर, जिला कोरोनेशन अस्पताल में बने आइसोलेशन वार्ड में भी कोरोना के संदिग्ध पांच छात्र भर्ती हैं। ये पांचों छात्र मसूरी के बोर्डिंग स्कूल के बताए जा रहे हैं। इन पांचों को गत बुधवार को मसूरी से लाकर कोरोनेशन में भर्ती कराया गया था।
उनके सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं। लेकिन हालत सामान्य है। विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम उनकी सेहत पर नजर रखे हुए हैं। दून अस्पताल के प्रभारी चिकित्सा अधीक्षक डॉ. एनएस खत्री ने बताया कि अस्पताल में आठ संदिग्ध भर्ती हैं। इनके अलावा खांसी, जुखाम, बुखार के मरीज भी लगातार आ रहे हैं। जिनकी जांच फिजिशियन कर रहे हैं।