उत्तराखंड: कोरोना से संक्रमित ट्रेनी आईएफएस की हालत स्थिर, कांग्रेस उपाध्यक्ष को निगरानी में रखा
- डॉक्टरों की टीम रख रही हालत पर नजर
- हल्द्वानी भेजे गए छह आईएफएस की सैंपल रिपोर्ट नेगेटिव
- तकनीकी विवि ने सभी कॉलेजों में कक्षाएं कीं बंद
- इग्नू ने काउंसिलिंग, इंडक्शन बैठक पर लगाई रोक
- ऋषिकेश एम्स में भी दो संदिग्ध मरीज भर्ती
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विस्तार
कोरोना वायरस से संक्रमित ट्रेनी आईएफएस की हालत स्थिर बताई जा रही है। जिलाधिकारी डॉ. आशीष श्रीवास्तव और सीएमओ डॉ. मीनाक्षी जोशी ने संयुक्त प्रेस कांफ्रेंस में इसकी जानकारी दी। वहीं, दून अस्पताल में सोमवार को एक और संदिग्ध मरीज को भर्ती कराया गया है। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मरीज का सैंपल जांच के लिए हल्द्वानी स्थित डॉ. सुशीला तिवारी राजकीय मेडिकल कॉलेज की प्रयोगशाला भेज दिया है।
वहीं, कांग्रेस उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना को 14 दिन के लिए निगरानी में रखा गया है। जिलाधिकारी डॉ. आशीष कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि वे हाल ही में दून अस्पताल में कोरोना वार्ड में नीरिक्षण के लिए गए थे। चूंकि वहां पर पीड़ित व्यक्ति भर्ती था तो इसलिए उन्हें निगरानी में रखा जाएगा।
सोमवार दोपहर बाद कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में डीएम ने बताया कि ट्रेनी आईएफएस को राजकीय दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया है। डॉक्टरों की एक टीम उनकी हालत पर पूरी नजर रखे हुए हैं। लगातार उनके स्वास्थ्य का हालचाल लिया जा रहा है।
मंगलवार को फिर उनका सैंपल जांच के लिए हल्द्वानी स्थित डॉ. सुशीला तिवारी राजकीय मेडिकल कॉलेज में बनी प्रयोगशाला भेजा जाएगा। इसके अलावा अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में भर्ती दो अन्य संदिग्ध मरीजों के सैंपल भी जांच के लिए भेजे गए हैं। उनकी हालत पर भी डॉक्टर नजर रखे हुए हैं।
उधर, कोरोना वायरस की जांच के लिए आए छह सैंपल नेगेटिव निकलने पर राजकीय मेडिकल कालेज ने राहत की सांस ली है। सभी की रिपोर्ट पुणे के साथ ही शासन और उच्चाधिकारियों को भेज दी गई है।
बता दें कि प्रशिक्षु आईएफएस का एक दल विदेश भ्रमण कर बीते शुक्रवार को देहरादून पहुंचा था। एक प्रशिक्षु आईएफएस का सैंपल रविवार को पॉजिटिव आया था। रविवार को देहरादून से छह सैंपल जांच के लिए राजकीय मेडिकल कॉलेज की वायरोलाजी लैब में आए थे। इनमें प्रशिक्षु आईएफएस के सैंपल भी शामिल हैं। राजकीय मेडिकल कालेज के प्राचार्य डॉ. सीपी भैसोड़ा ने बताया कि सभी के सैंपल नेगेटिव आए हैं।
एम्स में भी दो संदिग्ध भर्ती
वहीं, ऋषिकेश एम्स में भी सोमवार को कोरोना वायरस से आशंकित दो मरीज भर्ती कराए गए हैं। केरल निवासी बेल्जियम में अध्ययनरत 27 वर्षीय छात्र 18 जनवरी को हिंदुस्तान आया था। जो देश में कई स्थानों का भ्रमण कर चुका है। 12 मार्च को उसे नजीबाबाद में बुखार की शिकायत पर निजी अस्पताल में भर्ती किया गया। स्वास्थ्य ठीक नहीं होने पर आज एम्स में आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कराया। 27 वर्षीय ऋषिकेश निवासी युवती करनाल गई व वहां से 7 मार्च को सेंट्रल दिल्ली में कोरोना कंफर्म मरीज के क्षेत्र में भ्रमण के लिए गई। दोनों मरीजों के सैंपल लेकर पूणे स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी में जांच के लिए भेजे गए। कुल पांच जांच रिपोर्ट आनी बाकी हैं।
ट्रेनी आईएफएस के संपर्क में आए 24 और लोगों की भी होगी जांच
कोरोना से संक्रमित ट्रेनी आईएफएस के संपर्क में आए 24 और लोगों की भी जांच होगी। इनके सैंपल जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे जाएंगे। स्वास्थ्य विभाग की टीम लगातार इन लोगों की निगरानी कर रही है।
जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग संक्रमित ट्रेनी आईएफएस के संपर्क में आए लोगों की सूची तैयार कर रहा है। इसमें अब तक ऐसे 51 लोगों की सूची बनाई गई है। विदेश से आने के बाद इनके क्लोज संपर्क में आने वालों की संख्या 24 बताई जा रही है।
इनमें अकादमी के हॉस्टल के खाना बनाने या बांटने से लेकर अन्य कर्मचारी यह कोई और भी शामिल हो सकते हैं। सीएमओ डॉ. मीनाक्षी जोशी ने बताया कि शासन-प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग द्वारा लगातार हर संभव एहतियाती कदम उठाए जा रहे हैं। दहशत या घबराने जैसी कोई स्थिति नहीं है। बस बताए जा रहे बचाव के तरीकों को अपनाएं।
बस ड्राइवर को भी किया जा रहा ट्रेस
जिस बस से ट्रेनी आईएफएस नई दिल्ली से देहरादून आए थे जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग उस बस के ड्राइवर को भी ट्रेस कर रहा है। सीएमओ ने बताया कि ड्राइवर का मोबाइल नंबर मिल गया है। उसे ट्रेस कर संबंधित क्षेत्र की अथारिटी को सूचित कर किया जाएगा। इसके अलावा जिस हवाई जहाज से ट्रेनी आईएफएस का यह ग्रुप भारत पहुंचा था, उनसे संबंधित अथॉरिटी को भी अवगत कराया जा रहा है। ताकि उन्हें चिह्नित कर जरूरी कदम उठाए जाएं।
पुलिसकर्मी किए जाएंगे प्रशिक्षित
कोरोना वायरस से बचाव के लिए मंगलवार को पुलिस लाइन में पुलिसकर्मियाें को ट्रेनिंग दी जाएगी। इस दौरान स्वास्थ्य विभाग की टीम ड्यूटी के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों की जानकारी देगी।
डीआईजी अरुण मोहन जोशी ने सोमवार को एसडीआरएफ की सेनानायक तृप्ति भट्ट, एसपी सिटी श्वेता चौबे, सीओ सिटी शेखर सुयाल आदि के साथ बैठक कर ट्रेनिंग कार्यक्रम को अंतिम रूप दिया। जोशी ने बताया कि कोरोना वायरस से संक्रमण के मामले प्रकाश में आने के दृष्टिगत पुलिसकर्मियाें को प्रशिक्षित किया जाएगा कि उन्हें क्या करना है और किस तरह की सतर्कता बरतनी है।
पुलिस लाइन में 200 पुलिसकर्मियों, पीआरडी और होमगार्ड के 100-100 जवानाें को संक्रामक बीमारियाें और स्वास्थ्य विभाग की एसओपी के बारे में विस्तार से बताया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग और एसडीआरएफ की संयुक्त टीम कोरोना वायरस के बचाव, मास्क की उपयोगिता और इस्तेमाल के तरीकों में बताएगी। बाद में अन्य पुलिसकर्मियाें को ट्रेनिंग दी जाएगी।
तकनीकी विवि ने सभी कॉलेजों में कक्षाएं कीं बंद
कोरोना संक्रमण के बढ़ते प्रकोप से बचाव के लिए उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय ने सभी कॉलेजों में कक्षाएं बंद करा दी हैं। विवि ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिया है।
तकनीकी विवि की कुलसचिव प्रो. अनीता रावत की ओर से जारी आदेश के मुताबिक, जिन कॉलेजों में इंजीनियरिंग की परीक्षाएं चल रही हैं, वहां परीक्षा से पहले डोर नॉब, स्विच हैंड रेलिंग, मेज और कुर्सियों को एल्कोहल युक्त सेनेटाइजर से साफ करना होगा।
बाथरूम को साफ करने के साथ ही यहां भी साबुन और सेनेटाइजर सभी के लिए रखने होंगे। विवि परिसर के अलावा सभी संबद्ध इंजीनियरिंग कॉलेजों में 31 मार्च तक शिक्षण, गैर शैक्षिक गतिविधियां बंद कर दी गई हैं।
इग्नू ने काउंसिलिंग, इंडक्शन बैठक पर लगाई रोक
इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (इग्नू) ने कोरोना वायरस के लगातार बढ़ रहे संक्रमण के मद्देनजर सभी काउंसिलिंग और इंडक्शन मीटिंग पर रोक लगा दी है। इस संबंध में आदेश जारी कर दिया गया है।
इग्नू के सहायक क्षेत्रीय निदेशक डॉ. जगदंबा प्रसाद ने बताया कि संक्रमण की रोकथाम की दिशा में उठाए जा रहे कदम के तहत यह फैसले लिए गए हैं। कहीं भी 31 मार्च तक न तो कोई पढ़ाई से जुड़ी काउंसिलिंग होगी और न ही इंडक्शन मीटिंग होगी।
विवि ने सेशनल एसाइनमेंट जमा कराने की डेट भी 31 मार्च से बढ़ाकर 30 अप्रैल कर दी है। हालांकि सत्रांत परीक्षा के ऑनलाइन फॉर्म बिना विलंब शुल्क जमा कराने की अंतिम तिथि 31 मार्च ही है।
चार संदिग्ध मरीजों के एसटीएच पहुंचने से हड़कंप
सुशीला तिवारी अस्पताल की इमरजेंसी में सोमवार की दोपहर उस वक्त हड़कंप मच गया, जब खांसी और जुकाम के लक्षणों के साथ चार मरीज पहुंच गए। विदेश यात्रा से लौटे चार मरीजों में तीन का सैंपल लिया गया है। सैंपल को जांच के लिए भेज दिया गया है।
हल्द्वानी निवासी एक व्यक्ति मारीशस, एक व्यक्ति सऊदी अरब और एक दंपती अमेरिका गया था। गले में खराश और खांसी जैसे लक्षण होने के कारण चारों सोमवार को सुशीला तिवारी अस्पताल की इमरजेंसी में पहुंच गए। वरिष्ठ डॉक्टरों को तत्काल सूचना दी गई। एसटीएच के एमएस डॉ. अरुण जोशी ने बताया कि तीन लोगों के सैंपल लिए गए हैं जिन्हें जांच के लिए भेजा जाएगा।
सभी को घर भेज दिया गया है। किसी भी हालत गंभीर नहीं लग रही थी। हल्की खराश के लक्षण थे।
उधर, सीएमओ डॉ. भारती राणा ने बताया कि शासन से विदेश से लौटकर आए तीन नए लोगों की लिस्ट भेजी है। तीनों मरीजों के परीक्षण के लिए मंगलवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम जाएगी।
बाजार में मास्क और सैनिटाइजर की कमी
बाजार में मास्क और सैनेटाइजर की कमी चली रही है। प्रशासन की छापेमारी के बाद भी मास्क की कालाबाजारी बंद नहीं हुई है।
अस्पतालों में पैरासिटामाल का पर्याप्त स्टाक
सुशीला तिवारी अस्पताल में पैरासिटामाल का पर्याप्त स्टाक है। राजकीय मेडिकल कालेज के अधीन आने वाले अस्पताल के लिए कालेज प्रबंधन ने तीस हजार पैरासिटामाल टैबलेट की खरीद की है। जबकि सोबन सिंह जीना बेस अस्पताल में पैरासिटामाल की एक लाख से अधिक टैबलेट मौजूद हैं।