एम्स ऋषिकेश में भर्ती एमबीबीएस छात्रा को नहीं है कोरोना, स्वास्थ्य विभाग ने ली राहत की सांस
- पुणे लैब से आई रिपोर्ट निगेटिव, सामान्य फ्लू से पीड़ित है छात्रा
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ऋषिकेश एम्स में भर्ती देहरादून निवासी एमबीबीएस छात्रा की कोरोना वायरस की रिपोर्ट निगेटिव आई है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. मीनाक्षी जोशी ने इसकी पुष्टि की है। इस पर परिजनों और स्वास्थ्य विभाग ने राहत की सांस ली है।
चीन के युन्नान प्रांत के कुनमिंग शहर में एमबीबीएस की पढ़ाई कर रही देहरादून की एक युवती में कोरोना वायरस के लक्षण मिले थे। 21 वर्षीय यह युवती 16 जनवरी को चीन से दिल्ली और फिर देहरादून अपने घर आई। सर्दी, खांसी, जुकाम और बुखार होने पर देहरादून के निजी अस्पताल में इसने इलाज कराया। बृहस्पतिवार रात तबीयत बिगड़ने पर परिजन उसे लेकर दून अस्पताल की इमरजेंसी में पहुंचे।
चीन से लौटी थी छात्रा
वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. केसी पंत ने प्राथमिक जांच और एक्सरे रिपोर्ट देखने के बाद उसे ऋषिकेश स्थित एम्स रेफर कर दिया। कोरोना की संदिग्ध मरीज लगने पर एम्स में उसे आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कर दिया। इससे स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया था।
सीएमओ डॉ. मीनाक्षी जोशी के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने युवती का सैंपल लेकर जांच के लिए पुणे स्थित नेशनल वायरोलॉजी इंस्टीट्यूट स्थित लैब में भेजा था। शनिवार को इसकी जांच रिपोर्ट विभाग को मिल गई है। रिपोर्ट निगेटिव आई है।
नेपाल सीमा पर 24 लोगों की हुई स्क्रीनिंग
नेपाल सीमा पर कोरोना वायरस को लेकर हाई अलर्ट जारी है। छठे दिन शनिवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने 24 लोगों की कोरोना स्क्रीनिंग की। वर्तमान में कोरोना वायरस को लेकर स्वास्थ्य विभाग की टीम हर रोज नेपाल सीमा पर कैंप कर रही है। मेलाघाट में लगे कैंप में डॉ. साक्षी आर्या ने स्क्रीनिंग की। उन्होंने बताया अभी तक किसी में भी कोरोना वायरस के लक्षण नहीं मिले हैं।
लोगों को इसके लक्षणों को लेकर सजग रहने को कहा गया है। इधर, बताया गया कि चार दिन पहले संदिग्ध बुखार से पीड़ित नेपाली युवती से टीम संपर्क करने का प्रयास कर रही है लेकिन संपर्क नहीं हो पाया है। उधर, सरकारी अस्पताल में छह बेड का आइसोलेशन वार्ड बनाया गया है।