कोरोना वायरस : चीन से लौटे व्यक्ति को सर्दी जुकाम, तो संदिग्ध मरीज के रूप में देखें
- बैठक में कोरोना वायरस से बचाव के लिए प्रभारी सचिव ने दिए एहतियात बरतने के निर्देश
- मरीज का सैंपल लेने से पहले सीएमओ और स्वास्थ्य निदेशालय को जानकारी देना अनिवार्य
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चीन में जानलेवा कोरोना वायरस का देहरादून में एक संदिग्ध मामला सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग अलर्ट हो गया है। विभाग ने निर्देश दिए कि 15 जनवरी 2020 के बाद चीन की यात्रा से लौटे किसी भी व्यक्ति में सर्दी जुकाम के लक्षण हैं तो उसे संदिग्ध मरीज के रूप में देख कर निगरानी में रखा जाए।
शुक्रवार को स्वास्थ्य निदेशालय सभागार में प्रभारी सचिव डॉ. पंकज कुमार पांडे ने विभागीय, मेडिकल कालेज, प्राइवेट हॉस्पिटल और इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) के साथ बैठक कर एहतियात बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निजी और सरकारी अस्पताल किसी भी संदिग्ध मरीज को बिना परामर्श व सलाह के न जाने दें।
मरीज को निगरानी के लिए आईसोलेशन वार्ड में रखा जाए
प्रभारी सचिव ने निर्देश दिए कि वायरस के संदिग्ध मरीज के सैंपल जांच की सुविधा केंद्र सरकार की ओर से चयनित लैब में उपलब्ध है। संदिग्ध मरीज का सैंपल उसी स्थान पर लिया जाएगा, जहां उपचार के लिए भर्ती है। स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ. अमिता उप्रेती ने कहा कि संदिग्ध मरीजों की जांच के लिए पर्याप्त मात्रा में मास्क व पर्सनल प्रोडेक्शन इक्यूपमेंट (पीपीई) उपलब्ध हैं।
बैठक में स्वास्थ्य निदेशक डॉ. तृप्ति बहुगुणा, डॉ. एसके गुप्ता, राज्य नोडल अधिकारी डॉ. पंकज सिंह समेत गुरु राम राय मेडिकल कॉलेज, हिमालयन मेडिकल कॉलेज जौलीग्रांट, दून मेडिकल कॉलेज, मैक्स अस्पताल, सीएमआई, आईएमए के डॉक्टर व सदस्य मौजूद रहे।
नेपाल सीमा पर 23 लोगों की हुई कोरोना स्क्रीनिंग, नहीं मिले लक्षण
कोरोना वायरस को लेकर नेपाल सीमा पर हाई अलर्ट जारी है। पांचवें दिन भी मेलाघाट में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने नेपाल आने-जाने वाले 23 लोगों की कोरोना स्क्रीनिंग की। हालांकि, उनमें कोई लक्षण नहीं मिले।
नागरिक अस्पताल में स्वास्थ्य विभाग की ओर से छह बेड का आइसोलेशन वार्ड भी बना दिया गया है। चार दिन से नेपाल सीमा पर कैंप लग रहा है। अभी तक किसी में भी कोरोना वायरस के लक्षण नहीं मिले हैं। शुक्रवार को पांचवें दिन मेलाघाट एसएसबी चौकी के पास डॉ. साक्षी आर्या ने नेपाल आने-जाने वाले 23 लोगों की स्क्रीनिंग की।
उन्होंने बताया कि तीन दिन पहले संदिग्ध बुखार से पीड़ित नेपाली युवती से संपर्क का प्रयास जारी है। दूसरी ओर ग्रामीण क्षेत्र में कोरोना वायरस को लेकर जागरूकता का क्रम जारी रहने की भी बात कही गई। इस दौरान आशा कार्यकर्ता धनेश्वरी देवी, एसएसबी के अधिकारी और जवान मौजूद रहे।