कोरोना: उत्तराखंड में हर दिन तैयार हो रहा 3.5 लाख लीटर सैनिटाइजर, कंपनियों को तत्काल लाइसेंस
- प्रदेश में सैनिटाइजर बनाने के लिए कंपनियों को तत्काल लाइसेंस
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जानलेवा कोरोना वायरस की रोकथाम के लिए उत्तराखंड सरकार सैनिटाइजर बनाने का लाइसेंस तत्काल जारी कर रही है। वर्तमान में प्रदेश में स्थापित 135 कंपनियों साढ़े तीन लाख लीटर प्रतिदिन के हिसाब से सैनिटाइजर तैयार कर रही हैं।
नोवल कोरोना वायरस से बचाव के लिए हैंड सैनिटाइजर की काफी डिमांड बढ़ गई है। इसके देखते हुए औषधि नियंत्रण विभाग की ओर से कंपनियों को तत्काल सैनिटाइजर बनाने का लाइसेंस दिया जा रहा है। वहीं, सरकार ने सैनिटाइजर की कालाबाजारी रोकने के लिए रेट भी निर्धारित किए हैं। सरकार की ओर से सभी केमिस्टों को निर्देश दिए कि प्रिंट रेट से अधिक कीमत पर सैनिटाइजर की बिक्री न की जाए।
सैनिटाइजर के ज्यादा रेट लेने पर होगी कार्रवाई
यदि कोई केमिस्ट ग्राहकों से सैनिटाइजर के ज्यादा रेट लेता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। प्रदेश में वर्तमान में 135 फार्मा कंपनियां हैंड सैनिटाइजर का उत्पादन कर रही है। इसमें प्रतिदिन 20 लाख बोतल 100 एमएल और 30 लाख बोतल 50 एमएल की तैयार हो रही है। कई कंपनियों की ओर से सैनिटाइजर बनाने के लिए लाइसेंस को आवेदन किया जा रहा है।
कोरोना वायरस की रोकथाम के लिए प्रदेश में दवाइयों व हैंड सैनिटाइजर की किसी तरह की कोई कमी नहीं है। प्रदेश में ही पर्याप्त मात्रा में दवाइयां और सैनिटाइजर तैयार हो रहा है। सैनिटाइजर के लिए कंपनियों को तत्काल लाइसेंस दिया जा रहा है।
- डॉ.पंकज कुमार पांडेय, आयुक्त औषधि नियंत्रण विभाग