अमर उजाला हेल्पलाइन: डॉक्टरों ने बताए कोरोना से बचाव के तरीके, लोगों की शंकाओं को किया दूर
- डॉक्टरों ने कहा कोरोना से बचाव को रहें सतर्क, घबराएं नहीं
- आम जनता ने फोन और फेसबुक लाइव पर पूछे सवाल
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विस्तार
देश-दुनिया में लगातार बढ़ रहे कोरोना संक्रमण का डर हर किसी के दिल में है। इसे लेकर आज मंगलवार को देहरादून के अमर उजाला ऑफिस में दो स्पेशलिस्ट डॉक्टर पहुंचे। जिनसे लोगों ने सवाल पूछे और अपने भ्रम दूर किए।
कोरोना वायरस को लेकर वैश्विक आपातकाल घोषित हो चुका है। देशभर के साथ ही उत्तराखंड में शासन-प्रशासन से लेकर स्वास्थ्य विभाग को पूरी मशीनरी इसके संक्रमण रोकने के लिए एहतियाती कदम उठा रही है। स्कूल, कॉलेज, मॉल, जिम, पार्क आदि बंद किए जा चुके हैं। इन सब के बीच अब लोगों में हल्की खांसी, जुखाम को लेकर भी दहशत की स्थिति है। लोग कोरोना के मिलते-जुलते लक्षणों के महसूस होने पर अस्पताल की दौड़ लगा रहे हैं। कई मरीज जांच के लिए दबाव बना भी रहे हैं।
इसी दहशत को दूर करने और लोगों को वास्तविकता से रूबरू कराने के लिए अमर उजाला ने मंगलवार दोपहर एक टेलीफोन हेल्थ हेल्पलाइन खोली। उसमें बड़ी संख्या में एक के बाद एक सवाल लोगों के आए। इन सवालों से यह भी पता चल रहा है कि लोगों में कोरोना को लेकर दहशत है और जागरूकता का भी अभाव है। डॉक्टरों से मिले जवाबों से जरूर उन्हें और अन्य लोगों को फायदा मिलेगा।
अमर उजाला हेल्थ हेल्पलाइन में आमंत्रित शहर के दो विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम में राजकीय दून मेडिकल कॉलेज के कम्यूनिटी मेडिसिन विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर एवं कोरोना नियंत्रण समिति के सदस्य डॉ. शिव कुमार यादव और श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल पटेलनगर के सांस एवं छाती रोग विभाग के विभागाध्यक्ष वरिष्ठ पल्मोनोलॉजिस्ट डॉ. जगदीश रावत शामिल थे। इन्होंने लोगों की शंकाओं और समस्याओं का जवाब दिया। कुछ सवालों को यहां प्रस्तुत किया जा रहा है।
ये पूछे सवाल और उनके ऐसे मिले जवाब
सवाल: डॉक्टर साहब कुछ दिन से छाती में दर्द है। खांसते और लंबी सांस लेते हुए दर्द हो रहा है। पिछले दस दिन से यह शिकायत है। उम्र 30 साल है। ईसीजी नार्मल है। कोई बड़ी दिक्कत तो नहीं है?- मोहम्मद शहजाद, लक्सर
डॉक्टर: घबराने की जरूरत नहीं है। निकटवर्ती डॉक्टर को दिखाकर छाती का एक्सरे करवा लें। उसके बाद डॉक्टर की सलाह के अनुसार उपचार लें।
सवाल: सप्ताहभर से शरीर में बहुत थकान महसूस हो रही है, न खांसी है न बुखार है। इखलाक रुड़की
डॉक्टर: यह जनरल कोई सांस से संबंधी दिक्कत हो सकती है। इंफेक्शन के लक्षण नहीं दिख रहे हैं। जनरल फिजिशियन को दिखाकर जांच करा सकती हो कि यह सुस्ती क्यों है।
सवाल: जो थर्मामीटर से बुखार चेक कर रहे हैं क्या उससे भी पता चल जाता है कोराना का? -रामकुमार रुड़की
डॉक्टर: उससे सिर्फ यह पता चलता है कि बुखार है कि नहीं। जो इसका मुख्य लक्षण होता है एक बुखार भी होता है। इसलिए जो बाहर से आ रहे हैं, दूसरे देश से आ रहे हैं, उन्हें बुखार है, इसलिए उन्हें देखा जाता है कि बुखार तो नहीं है। बुखार होने पर उन्हें ऐसी शंका होती है कि कोरोना हो। इसलिए उन्हें कहा जाता है कि 14 दिन तक घर में रहें या अस्पताल में जो आइसोलेशन वार्ड बनाएं हैं वहां रहें। फिर आगे की जांच और उपचार किया जाता है।
सवाल: नॉर्मल खांसी, जुखाम, बुखार है, घबराने की तो कोई जरूरत नहीं?- राममूर्ति देहरादून
डाक्टर : नहीं, घबराने की जरूरत नहीं, यह नार्मल फ्लू है। निकटवर्ती योग्य डॉक्टर को दिखाएं और उनकी सलाह पर उपचार कराएं। घर में पका खाना खाएं।
सवाल: हल्की खांसी, जुखाम होने के साथ बलगम भी आ रहा है। कोई बड़ी दिक्कत की बात तो नहीं?
डॉक्टर: घबराएं नहीं, बल्कि किसी नजदीकी योग्य डॉक्टर को दिखाएं। डॉक्टर की बताई दवा लेने के साथ ही तीन-चार दिन तक घर में रहिए। फल सब्जियां जैसे पोषक तत्व लेते रहिए।
सवाल: कोरोना संक्रमित व्यक्ति कहीं पर खांसता है तो कितने समय तक इसका वायरस उस जगह पर रह सकता है?- विकास रावत, कीर्तिनगर टिहरी गढ़वाल
डॉक्टर: कोरोना का वायरस छींक-खांसते हुए बूंद में चिपक कर आगे बढ़ता है। इसलिए संक्रमित व्यक्ति से एक मीटर की दूरी पर रहने को कहा जाता है। हवा में इस वायरस के एयर ट्रेवल कर एक-दो मीटर से ज्यादा नहीं जा सकने का पता लगा है। हां, यह अगर संक्रमित व्यक्ति से छींक या हाथ आदि के संपर्क से किसी किसी चीज पर वायरस पहुंच जाता है तो उसके छह से 12 घंटे तक जीवित रहने की अभी तक अध्ययन में बात सामने आई है। इस संक्रमित चीज को कोई स्वस्थ व्यक्ति छूता है तो वह भी संक्रमित हो सकता है।
सवाल: क्या 30 मार्च के बाद या मौसम बदलने के बाद कोरोना चला जाएगा ?
डॉक्टर: अभी संक्रमण है, इसलिए एहतियात बरतने की जरूरत है। तापमान बढ़ने पर इसका प्रभाव कम होगा ऐसा माना जा रहा है, लेकिन कोई ठोस वैज्ञानिक अध्ययन अभी इस पर नहीं है।
ये हुए सवाल- मिले ये जवाब
डॉक्टर: एक माह तक खांसी जुखाम ठीक नहीं है। बिना डाक्टर की सलाह के कोई भी दवा न लें। किसी फिजिशियन से जांच कराएं, घबराएं नहीं।
सवाल: थकावट महसूस हो रही है, बुखार, जुखाम, खासी नहीं है।-आशीष पंवार हरिद्वार
डाक्टर: थकावट की कई वजह हो सकती हैं, घबराएं नहीं, नजदीकी डॉक्टर को दिखाकर उपचार लें।
सवाल: कुछ दिन से खासी और बलगम हो रहा है। रविंद्र नौटियाल बालावाला, राकेश रयाल देहरादून, संगीता हरिद्वार
डॉक्टर: घबराने की जरूरत नहीं है। समान्य एलर्जी हो सकती है। योग्य डॉक्टर को दिखाएं। गले में दर्द हो रहा हो तो छाती का एक्स रे कराएं। कुछ दिन घर में रहें। खूब पानी पिएं। फल धोकर खाएं। सब्जियां खूब खाएं।
सवाल: डेढ़ महीने से खांसी है डॉक्टर को दिखाया लेकिन बीच-बीच में फिर शुरू हो जाती है।- भावना नेहरू कालोनी
डॉक्टर: डेढ़ माह तक खांसी अच्छी बात नहीं है। योग्य डॉक्टर को दिखाएं। उनकी सलाह के अनुसार दवा लें। डॉक्टर की सलाह के बाद ही दवा छोड़ें
सवाल : पिछले कुछ दिनों से सांस लेने में दिक्कत हो रही है? क्या करना चाहिए?- मनीष, हरिद्वार
डॉक्टर : अगर सांस लेने में दिक्कत हो तो तुरंत नजदीकी डॉक्टर को दिखाएं। जिस तरह का मौसम है, उसमें निमोनिया हो सकता है। ठंड और धूल भरी जगहों पर जाने से बचें। डॉक्टर की सलाह से दवाएं लें और घर के भीतर ही रहें।
सवाल : मैं डिस्पेंसरी में काम करता हूं। मुझे अपना बचाव कैसे करना होगा?- राजेश शर्मा, हरिद्वार
डॉक्टर : सर्जिकल मास्क लगाकर रखें। नियमित समय अंतराल पर तय गाइडलाइन के अनुसार हाथ धोएं। सेनेटाइजेशन करते रहें। अगर कोई लक्षण दिखे तो डॉक्टर से सलाह लें।
सवाल : मेरी मां की उम्र 70 वर्ष है। उनको खांसी, बुखार, जुकाम की समस्या है। क्या करें?
डॉक्टर : आपकी मां की उम्र अधिक है, इसलिए तुरंत डॉक्टर को दिखाएं। खांसी, बुखार, जुकाम के मामलों को हल्के में न लें। दवा के बाद भी आराम न मिलें तो डॉक्टर कुछ जांचें कराने को कह सकते हैं।
सवाल: कपड़े का मास्क पहनना कितना फायदेमंद है?
डॉक्टर : कपड़े का मास्क कोरोना से बचाव में बिल्कुुल भी फायदेमंद नहीं है। वैसे भी कपड़े का मास्क देर तक पहनने से उस पर ही कीटाणु पनपने लगते हैं। इसलिए कपड़े के मास्क को तीन से चार घंटे से ज्यादा न पहने। उसके बाद उसे साफ पानी से धोकर धूप में सुखाने या सेनेटाइज करने के बाद ही दोबारा इस्तेमाल करें।
नॉनवेज से नहीं फैलता कोरोना, पका मांस ही खाएं
हेल्थ हेल्पलाइन में यह भी सवाल आए हैं कि कोरोना के संक्रमण को देखते हुए नॉनवेज नहीं खाना है या अंडा नहीं खाना है? क्या इससे यह फैलता है। इस पर डॉक्टरों ने कहा कि ऐसा नहीं है कि नॉनवेज से कोरोना फैलता है।
उन्होंने बताया कि हमारे देश में तो बिना पकाया मांस आदि खाते ही नहीं है। चांस तब हैं जब मांस काट रहे हों और वहां पर आपकी उपस्थिति हो। कोई बैट है कैट, वहां से कोई भी वायरस आ सकता है। लेकिन जब पकाकर खा रहे हैं तब कोई दिक्कत नहीं है।
इम्युनिटी बढ़ाने पर करें फोकस
डॉक्टरों ने कहा कि अब तक हमारे देश मेें लेवल टू का कोरोना संक्रमण है। लेवल तीन बहुत खतरनाक होगा। इसलिए तब तक हमें जरूरी एहतियात बरतनी है और अपनी इम्युनिटी पावर बढ़ा देनी है। इसके लिए घर का सादा खाना लें।
तला और अत्यधिक नमक व मसालेदार भोजन कम लें। सीजनल फल जिसमें मौसमी, चीकू, केला, अंगूर आदि लें। ग्रीन टी, अदरक की चाय और तुलसी के पत्ते की चाय लें। तरल पदार्थ ज्यादा से ज्यादा लें। गुनगुना पानी पिएं। ठंडी चीजों से परहेज करें। नियमित रूप से योग और एक्सरसाइज करें।
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