उत्तराखंड सरकार की अपील घातक है कोरोना, घर पर ही रहें बच्चे और बुजुर्ग
- 65 वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्गों व 10 वर्ष से कम के बच्चों के लिए सरकार की अपील
- 31 मार्च तक घर पर ही रहने की सलाह, शासन ने जारी की एडवायजरी
विस्तार
जानलेवा कोरोना वायरस से बचाव के लिए उत्तराखंड सरकार ने बुजुर्गों और बच्चों को घर से बाहर न निकलने की अपील की है। शुक्रवार को शासन ने एडवायजरी जारी कर 65 वर्ष से अधिक उम्र वाले बुजुर्गों और 10 वर्ष से कम आयु वाले बच्चों को 31 मार्च तक घर पर ही रहने की सलाह दी है।
कोरोना वायरस का प्रभाव सबसे ज्यादा बुजुर्गों व बच्चों में दिखाई दे रहा है। सचिव स्वास्थ्य नितेश कुमार झा की ओर से जारी एडवायजरी के अनुसार मेडिकल प्रोफेशनल और अन्य आवश्यक सेवाओं में कार्यरत व्यक्तियों के अलावा अन्य सभी 65 वर्ष से अधिक आयु के नागरिक 31 मार्च तक घर पर ही रहेंगे।
वहीं, 10 वर्ष से कम आयु के बच्चों को भी घर से बाहर न निकलने देने की सलाह दी गई है।
बुजुर्गों और बच्चों में कोरोना का ज्यादा संक्रमण
अन्य वायरस की तुलना में कोविड-19 के फैलने व संक्रमित होने की दर सबसे अधिक है। लेकिन इसकी घातकता कम है। कोरोना वायरस संक्रमण से प्रभावितों में बुजुर्गों व बच्चों की दर अधिक है। जबकि उच्च रोग प्रतिरोधक क्षमता वाले व्यक्तियों में वायरस संक्रमण का प्रभाव कम है।
सामान्य जुकाम और कोरोना वायरस के मिलते जुलते लक्षण
लक्षण सामान्य - जुकाम - कोरोना वायरस
इन्क्यूबेशन अवधि - 1 से 3 तीन - 2 से 14 दिन
लक्षणों का दिखना - धीरे धीरे - धीरे धीरे
लक्षणों की अवधि - 7 से 12 दिन - सामान्य संक्रमण दो सप्ताह और गंभीर संक्रमण 3 से 6 सप्ताह
बुखार - कभी कभी - आमतौर पर
नाक बहना - आमतौर पर - कभी कभी
गले में खराश - आमतौर पर - कभी कभी
खांसी - आमतौर पर - आमतौर पर
शरीर में ऐंठन - कभी कबार - कभी कभी
सांस लेने में कठिनाई - कभी कभी - आमतौर पर