कोरोना: उत्तराखंड में नौवीं व 11वीं कक्षा की होंगी परीक्षा, 8वीं तक के बच्चे बिना परीक्षा होंगे पास
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प्रदेश के निजी स्कूलों के आठवीं क्लास तक के छात्रों को पूर्व में लिए गए टेस्ट के आधार पर पास करना होगा। वहीं स्कूल नवीं और 11 वी की गृह परीक्षाएं होंगी। शिक्षा सचिव आर मीनाक्षी सुंदरम की ओर से इस संबंध में आदेश जारी जारी कर दिया गया है।
कोरोना वायरस के बढ़ते खतरे को देखते हुए प्रदेश के सभी सरकारी और प्राइवेट स्कूलों में 31 मार्च तक के लिए अवकाश घोषित किया गया है। जिसे देखते हुए निजी स्कूलों की ओर से गृह परीक्षाएं कराए जाने के लिए शासन से समय मांगा गया था। शिक्षा सचिव आर मीनाक्षी सुंदरम की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि कुछ निजी स्कूलों में शिक्षकों को उपस्थित होने के लिए कहा जा रहा है।
जो उचित नहीं है, केवल परीक्षा ड्यूटी वाले शिक्षक ही स्कूल में उपस्थित होंगे। जबकि अन्य अध्यापक स्कूल में उपस्थित नहीं होंगे। जो स्कूल पूर्ण रूप से बोर्डिंग स्कूल हैं। वे पूर्व की तरह संचालित किए जा सकते हैं, लेकिन इन स्कूलों में बाहरी व्यक्तियों के प्रवेश पर रोक रहेगी।
यदि इन स्कूलों के कर्मचारी बाहर से आते हैं तो उनको सैनेटाइजर से हाथ धोने के बाद ही अंदर प्रवेश की अनुमति मिलेगी। बोर्डिंग स्कूल के छात्र-छात्राओं के विदेश भ्रमण पर भी रोक लगाई गई है। कोई ऐसा स्कूल जो आवासीय भी है और डे स्कूल के रूप में भी संचालित हो रहा है। वे अन्य डे स्कूलों की तरह बंद रहेगा।
बोर्ड परीक्षा वाले स्कूलों के अलावा सभी स्कूल बंद
नए शैक्षिक सत्र की शुरूआत एक अप्रैल से होती है। लेकिन, सरकार के इस फैसले से नया शैक्षिक सत्र भी पिछड़ जाएगा। एक अप्रैल के बाद परीक्षा होने और परिणामों की घोषणा में कई दिन का समय लग सकता है। जिससे अप्रैल 15 के बाद नए सत्र के शुरू होने की संभावना है।
मनमानी करने वाले स्कूलों पर होगी कार्रवाई
कोरोना वायरस संबंधी सख्त आदेश के बाद भी कई स्कूलों के खुलने पर डीएम ने सख्त तेवर दिखाते हुए ऐसे स्कूलों की सूची तैयार करने के आदेश दिए हैं। डीएम ऐसे स्कूलों के खिलाफ आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत कार्रवाई के आदेश दिए हैं।
डीएम डॉ. आशीष कुमार श्रीवास्तव के अनुसार कोरोना वायरस के खतरे को देखते हुए बोर्ड परीक्षा के अलावा सभी स्कूलों को बंद करने के आदेश दिए गए हैं। इसके बावजूद कई स्कूलों के खोले जाने की शिकायत मिली है। जिसे लेकर मुख्य शिक्षाधिकारी आशारानी पैन्यूली को ऐसे स्कूलों की सूची बनाने को कहा गया है।
ऐसे स्कूल संचालकों पर आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी। डीएम ने कहा कि कई स्कूल ऐसे हैं, जहां विदेशी बच्चे भी पढ़ते हैं। हालांकि अभी कहीं से भी कोरोना वायरस का कोई मामला सामने नहीं आया है, लेकिन इसके बावजूद प्रशासन इसे लेकर पूरी सतर्कता बरत रहा है।
किसी स्कूल का पत्र नहीं मिला
कोरोना वायरस का खतरा है। इसे देखते हुए स्कूलों को बंद रखने को कहा गया है। कोरोना को देखते हुए सभी स्कूलों को 31 मार्च तक बंद रखने के आदेश दिए गए हैं, जिसका सभी स्कूल प्रबंधकों को हरहाल में पालन करना होगा। ऐसा न करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
- डॉ. आशीष कुमार श्रीवास्तव, जिलाधिकारी