Corona virus: नशे में धुत शराबी कॉलोनी में पहुंचा, कहा- 'कोरोना वायरस' हूं, मार डालूंगा
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देश दुनिया में जानलेवा कोरोना वायरस को लेकर जहां जबरदस्त खौफ है और इस खतरनाक वायरस से निपटने को लेकर हर एहतियाती कदम उठाए जा रहे हैं।
वहीं देहरादून की देहराखास कॉलोनी में नशे में धुत युवक पहुंचा और हंगामा करने लगा। लोगों ने उसे समझाने की कोशिश की तो उसने खुद को कोरोना वायरस बताया और कहा कि वह उन्हें मार देगा।
आखिरकार कॉलोनी के लोगों ने जैसे तैसे समझा-बुझाकर युवक को घर भेजा। रविवार की देर रात शराब के नशे में धुत युवक सड़क पर उतर आया।
दुकान के शटर पर कई बार अपना सिर भी दे मारा
अर्धनग्न अवस्था में सड़क पर चहलकदमी कर रहे शराबी ने खुद को कोरोना वायरस बताते हुए जबरदस्त उत्पात मचाया।
इतना ही नहीं नशे में धुत शराबी ने एक दुकान के शटर पर कई बार अपना सिर भी दे मारा। कुछ लोग समझा-बुझाकर घर भेजने की कोशिश करने लगे तो उसने खुद को कोरोना वायरस बताते हुए सब को मार डालने की चेतावनी दे डाली।
काफी देर तक शराबी हंगामा करता रहा। आखिरकार कुछ लोगों ने काफी जद्दोजहद के बाद जैसे-तैसे उसे समझा-बुझाकर घर भेजा। शराबी के जाने के साथ ही लोगों ने राहत की सांस ली।
सफाई कर्मियों के प्रवेश पर रोक से एफआरआई. परिसर में गंदगी का आलम
देहरादून इंदिरा गांधी नेशनल फॉरेस्ट अकेडमी के तीन आईएफएस अधिकारियों कोरोना वायरस से संक्रमित होने व जिला प्रशासन की ओर से पूरे एफआरआई परिसर को लॉक डाउन घोषित किए जाने के चलते परिसर में गंदगी का जबरदस्त गंदगी का आलम हो गया।
संस्थान के ज्यादातर सफाई कर्मियों के बाहर रह जाने की वजह से सफाई का काम पूरी तरह ठप हो गया ऐसे में पूरे परिसर में जगह-जगह कूड़े के ढेर जमा हो गए। आखिरकार संस्थान निदेशक अरुण सिंह रावत ने जिलाधिकारी से फोन पर वार्ता कर परिसर के बाहर रहने वाले तमाम कर्मचारियों को दाखिल होने की अनुमति मांगी।
सफाई कर्मचारियों को 31 मार्च तक परिसर में ही बने रहने के आदेश
जिलाधिकारी डॉ. आशीष श्रीवास्तव के आदेश के बाद एफआरआई के सभी सफाई कर्मचारियों को परिसर के भीतर दाखिल होने की अनुमति प्रदान की गई । जिसके बाद अधिकारियों की मौजूदगी में सफाई कर्मचारियों ने पूरे दिन भर जबरदस्त सफाई अभियान चलाया तब जाकर परिसर को साफ सुथरा किया जा सका।
दूसरी ओर संस्थान निदेशक अरुण सिंह रावत ने बताया कि सभी सफाई कर्मचारियों को 31 मार्च तक परिसर में ही बने रहने के आदेश दिए गए हैं। उन्हें संस्थान परिसर में ही रहने के लिए जगह मुहैया कराने के साथ ही खाने-पीने की भी व्यवस्था की जा रही है।